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जबलपुर में एक पॉलिटेक्निक कर्मी ने बीमारी के बीच अस्पताल के बिस्तर से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि उन्हें पारिवारिक साजिश के तहत झूठे आरोपों में फंसाया गया है। बीमारी के इस दौर में उनके मेडिकल बिल भी अटक गए हैं, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। इन विकट परिस्थितियों से जूझ रहे कर्मचारी ने निष्पक्षता से जांच कराने की अपील की है।
Rishi Rajak
जबलपुर में एक पॉलिटेक्निक कर्मी ने बीमारी के बीच अस्पताल के बिस्तर से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि उन्हें पारिवारिक साजिश के तहत झूठे आरोपों में फंसाया गया है। बीमारी के इस दौर में उनके मेडिकल बिल भी अटक गए हैं, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। इन विकट परिस्थितियों से जूझ रहे कर्मचारी ने निष्पक्षता से जांच कराने की अपील की है।
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- NEET परीक्षा विरोध प्रदर्शन और छात्रों के आंदोलन पर सरकार का जवाब सामने आ गया है, जिसमें इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का बड़ा बयान आया है। इसके साथ ही CJP विरोध प्रदर्शन और छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी ताजा स्थिति को लेकर भी नए अपडेट दिए गए हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में 23 जुलाई को महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के बाबुपेठ में युवाओं और आंदोलनकारियों का मोर्चा निकला। 'इन्कलाब जिंदाबाद!', 'भारत माता की जय!', 'आवाज दो हम एक हैं!' और 'क्रांतिकारी जय भीम/जय महाराष्ट्र' के नारों के साथ छात्रों ने बुलंद आवाज में अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अपने हक और न्याय की मांग कर रहे युवाओं पर डंडे बरसाने की इस घटना ने लोकतंत्र को शर्मसार कर दिया है। चंद्रपुर की धरती से हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा कि भले ही दिल्ली दूर है, लेकिन युवाओं के दर्द की गूंज यहाँ तक पहुँच रही है। जंतर-मंतर पर छात्रों के सिर पर मारी गई लाठियाँ दरअसल इस देश के संविधान और लोकतंत्र पर हमला हैं। आंदोलनकारियों ने सीधा सवाल उठाया कि आखिर छात्रों को न्याय कब मिलेगा। उन्होंने मांग की कि निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों और उनके पीछे छिपे राजनीतिक आकाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में हो रहे घोटालों और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की गई।4
- जबलपुर में एक पॉलिटेक्निक कर्मी ने बीमारी के बीच अस्पताल के बिस्तर से न्याय की गुहार लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित कर्मचारी का आरोप है कि उन्हें पारिवारिक साजिश के तहत झूठे आरोपों में फंसाया गया है। बीमारी के इस दौर में उनके मेडिकल बिल भी अटक गए हैं, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। इन विकट परिस्थितियों से जूझ रहे कर्मचारी ने निष्पक्षता से जांच कराने की अपील की है।1
- मध्य प्रदेश के बरेला धनपुरी में राहुल गांधी की गिरफ्तारी और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका।1
- ग्वालियर में नीट पेपर लीक मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पेपर लीक पर कठोरतम दंड का प्रस्ताव जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में आयोजित होने वाले सभी पेपर पूरी तरह सुरक्षित रहें।1
- जबलपुर में भाजपा नेत्री संगीता बंटी रजक के घर बमबाजी, अवैध वसूली और रंगदारी के जरिए दहशत फैलाने वाले कुख्यात बदमाश प्रवीण रजक को रांझी पुलिस ने धारदार चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी के अनुसार पुराना शोभापुर निवासी प्रवीण रजक के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, बमबाजी, अवैध हथियार रखने, रंगदारी और गैंग बनाकर दहशत फैलाने जैसे 32 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2026 में भी उसके खिलाफ रांझी थाने में छह नए मामले दर्ज किए गए थे। भाजपा नेत्री के आवास पर बमबाजी के मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और वारदात को अंजाम देने के बाद नागपुर, मैहर व उज्जैन जैसे अलग-अलग शहरों में छिपकर रहता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी क्षेत्र में भय का माहौल बनाकर अवैध वसूली और गुंडागर्दी करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का प्रतिवेदन तैयार कर जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। कलेक्टर न्यायालय से NSA के तहत वारंट जारी होने के बाद रांझी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।2