गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत के वार्ड नंबर पाँच, छह और सात में रविवार को देर रात तक बारह घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार दोपहर में बिजली जाने के बाद देर रात तक नहीं आई, जिसका कारण ग्यारह हजार लाइन में हुआ एक शॉर्ट सर्किट बताया गया है, जिसका पता नहीं चल पा रहा था। शाम से ही उपभोक्ताओं ने जेई को फोन करना शुरू किया, लेकिन जेई ने अपना फोन बंद कर लिया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। इसके बाद उपभोक्ताओं ने सहायक अभियंता बिपिन विजेता से संपर्क किया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता राजधाम स्थित पीएसएस (पावर सब-स्टेशन) भी पहुंचे। अंततः एक मानव बल को भेजा गया, जिसने रविवार देर रात करीब बारह बजे बिजली ठीक की, जिसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की साँस ली। इस बीच, उपभोक्ता मो इकबाल उर्फ बिहारी, मो रमीज राजा, मो शेखावत और मीर मुख्तार सहित अन्य ने शिकायत की कि मानव बल राजीव कुमार खुद बिजली ठीक नहीं करता, बल्कि वह प्राइवेट मानव बल को काम पर रखकर अपना कार्य करवाता है।
गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत के वार्ड नंबर पाँच, छह और सात में रविवार को देर रात तक बारह घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार दोपहर में बिजली जाने के बाद देर रात तक
नहीं आई, जिसका कारण ग्यारह हजार लाइन में हुआ एक शॉर्ट सर्किट बताया गया है, जिसका पता नहीं चल पा रहा था। शाम से ही उपभोक्ताओं ने जेई को फोन करना शुरू किया, लेकिन जेई ने अपना फोन बंद कर लिया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।
इसके बाद उपभोक्ताओं ने सहायक अभियंता बिपिन विजेता से संपर्क किया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता राजधाम स्थित पीएसएस (पावर सब-स्टेशन) भी पहुंचे। अंततः एक मानव बल को भेजा गया, जिसने रविवार देर रात करीब बारह बजे बिजली ठीक की, जिसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की साँस
ली। इस बीच, उपभोक्ता मो इकबाल उर्फ बिहारी, मो रमीज राजा, मो शेखावत और मीर मुख्तार सहित अन्य ने शिकायत की कि मानव बल राजीव कुमार खुद बिजली ठीक नहीं करता, बल्कि वह प्राइवेट मानव बल को काम पर रखकर अपना कार्य करवाता है।
- खगड़िया जिले में एक जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना था।1
- मुंगेर जिले की हरिनमार पंचायत से एक नागरिक ने सरकार से गुहार लगाई है, जिसमें शिकायत की गई है कि उन्हें पशुपालन के लिए अब तक कोई सहयोग प्राप्त नहीं हुआ है। नागरिक ने सरकार से इस संबंध में सहयोग दिए जाने का निवेदन किया है।1
- गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत के वार्ड नंबर पाँच, छह और सात में रविवार को देर रात तक बारह घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार दोपहर में बिजली जाने के बाद देर रात तक नहीं आई, जिसका कारण ग्यारह हजार लाइन में हुआ एक शॉर्ट सर्किट बताया गया है, जिसका पता नहीं चल पा रहा था। शाम से ही उपभोक्ताओं ने जेई को फोन करना शुरू किया, लेकिन जेई ने अपना फोन बंद कर लिया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। इसके बाद उपभोक्ताओं ने सहायक अभियंता बिपिन विजेता से संपर्क किया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता राजधाम स्थित पीएसएस (पावर सब-स्टेशन) भी पहुंचे। अंततः एक मानव बल को भेजा गया, जिसने रविवार देर रात करीब बारह बजे बिजली ठीक की, जिसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की साँस ली। इस बीच, उपभोक्ता मो इकबाल उर्फ बिहारी, मो रमीज राजा, मो शेखावत और मीर मुख्तार सहित अन्य ने शिकायत की कि मानव बल राजीव कुमार खुद बिजली ठीक नहीं करता, बल्कि वह प्राइवेट मानव बल को काम पर रखकर अपना कार्य करवाता है।4
- खगड़िया जिले में एक जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक खेती को अपनाकर कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि करना था।1
- मुंगेर में हर घर नल-जल योजना का लाभ न मिलने से वंचित लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द इस योजना के तहत पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं।1
- मुंगेर में भगत सिंह चौक के निकट नगर निगम की घोर लापरवाही के कारण नाले का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इस गंभीर स्थिति के चलते स्थानीय जनता को आवागमन और अन्य दैनिक गतिविधियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मुंगेर जिले के संग्रामपुर में एक योग प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इस शिविर के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में योग के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप योग की लोकप्रियता में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।1
- परबत्ता प्रखंड में मानसून-पूर्व हुई बारिश ने विकास कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। खगड़िया के तेमथा करारी पंचायत में लगभग 14 लाख रुपये की लागत से बना एक छठ घाट अब खतरे में दिख रहा है। महज दो महीने पहले निर्मित इस घाट की सीढ़ियों के नीचे से बारिश का पानी मिट्टी बहाकर ले गया, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा गड्ढा बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में इस क्षतिग्रस्त घाट को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1