पलिया खीरी के थारू क्षेत्र में तैनात लेखपाल आलोक वर्मा पर ग्रामीणों से अवैध वसूली के आरोपों ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) को पत्र लिखकर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से हटाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक के इस कदम से तहसील प्रशासन में तेजी से हलचल मच गई है। बताया गया है कि थारू समाज के कई लोगों ने विधायक से मिलकर लेखपाल आलोक वर्मा की कार्यशैली को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनसे विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है, और बिना भुगतान के उनके काम लंबित रखे जाते हैं, जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी नाराजगी है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक रोमी साहनी ने एसडीएम को भेजे अपने पत्र में कहा है कि थारू क्षेत्र के गरीब और आदिवासी समाज के लोगों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल की कार्यप्रणाली से न केवल सरकार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि लेखपाल आलोक वर्मा को तुरंत क्षेत्र से हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर, दोष सिद्ध होने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह अपेक्षा भी व्यक्त की है कि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं। विधायक द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। थारू समाज के लोगों ने विधायक के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं, एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने कहा है कि प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पलिया खीरी के थारू क्षेत्र में तैनात लेखपाल आलोक वर्मा पर ग्रामीणों से अवैध वसूली के आरोपों ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) को पत्र लिखकर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से हटाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक के इस कदम से तहसील प्रशासन में तेजी से हलचल मच गई है। बताया गया है कि थारू समाज के कई लोगों ने विधायक से मिलकर लेखपाल आलोक वर्मा की कार्यशैली को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनसे विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है, और बिना भुगतान के उनके काम लंबित रखे जाते हैं, जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी नाराजगी है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक रोमी साहनी ने एसडीएम को भेजे अपने पत्र में कहा है कि थारू क्षेत्र के गरीब और आदिवासी
समाज के लोगों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल की कार्यप्रणाली से न केवल सरकार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि लेखपाल आलोक वर्मा को तुरंत क्षेत्र से हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर, दोष सिद्ध होने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह अपेक्षा भी व्यक्त की है कि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं। विधायक द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। थारू समाज के लोगों ने विधायक के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं, एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने कहा है कि प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- लखीमपुर खीरी की सदर तहसील में स्थित पानी की टंकी पर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि टंकी पर किसी भी तरह की निगरानी या सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। उन्हें आशंका है कि कोई नाराज फरियादी इस टंकी पर चढ़कर हंगामा कर सकता है। लोगों का मानना है कि प्रशासन की नींद तभी खुलेगी जब ऐसी कोई अनहोनी घटना घटित होगी।1
- देश के मैदानी इलाकों में जहाँ इस वक्त पारा आग उगल रहा है और गर्मी चरम पर है, वहीं मनाली से लेह हाईवे पर स्थित बारालाचा पास पर आज ताज़ा बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी के कारण बारालाचा पास का मौसम एकदम सर्द हो गया है।1
- छोटी काशी गोला में नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू के आवास पर स्थित श्री धर्मादा समिति गौशाला में आज प्रातः सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जो भक्तिभाव से संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे भक्तिभाव के साथ पाठ का श्रवण किया।1
- लखीमपुर खीरी की सदर तहसील स्थित पानी की टंकी पर सुरक्षा व्यवस्था के अभाव का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी पर किसी भी तरह की निगरानी या सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। जनता ने यह चिंता व्यक्त की है कि इस अनदेखी के कारण कोई भी नाराज फरियादी टंकी पर चढ़कर हंगामा कर सकता है, और संभवतः तभी प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देगा।1
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव टलने की संभावना है, जिससे राज्य के प्रधान हैरान हैं। इस घटनाक्रम को योगी के 'मास्टरस्ट्रोक' के रूप में देखा जा रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा घमासान छेड़ दिया है। इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें ग्राम प्रधान 2020 से संबंधित विषय शामिल हैं। इसके चलते अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल भी बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनावों की तारीख, आरक्षण और सियासत पर 2026 के संदर्भ में भी चर्चा छिड़ी हुई है।1
- पलिया खीरी के थारू क्षेत्र में तैनात लेखपाल आलोक वर्मा पर ग्रामीणों से अवैध वसूली के आरोपों ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी ने उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) को पत्र लिखकर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से हटाने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक के इस कदम से तहसील प्रशासन में तेजी से हलचल मच गई है। बताया गया है कि थारू समाज के कई लोगों ने विधायक से मिलकर लेखपाल आलोक वर्मा की कार्यशैली को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनसे विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है, और बिना भुगतान के उनके काम लंबित रखे जाते हैं, जिससे क्षेत्रीय जनता में भारी नाराजगी है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक रोमी साहनी ने एसडीएम को भेजे अपने पत्र में कहा है कि थारू क्षेत्र के गरीब और आदिवासी समाज के लोगों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल की कार्यप्रणाली से न केवल सरकार की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। विधायक ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि लेखपाल आलोक वर्मा को तुरंत क्षेत्र से हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर, दोष सिद्ध होने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह अपेक्षा भी व्यक्त की है कि भविष्य में ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं। विधायक द्वारा पत्र भेजे जाने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। थारू समाज के लोगों ने विधायक के हस्तक्षेप का स्वागत करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग दोहराई है। वहीं, एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने कहा है कि प्राप्त शिकायतों की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- निघासन में बुधवार को पलिया-निघासन रोड पर गन्ना सेंटर के निकट एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर शीशम के पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुँचे। हादसे में वाहन सवार लोगों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।3