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घर घर होता है चाहे अपना घर छोपडी क्यों न हो , घरों में बुजुर्ग माता पिता का वास होता है ।
Dwarika prasad Yadaw
घर घर होता है चाहे अपना घर छोपडी क्यों न हो , घरों में बुजुर्ग माता पिता का वास होता है ।
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- कोरबा की कटघोरा पुलिस ने नेशनल हाईवे पर संचालित कंचन ढाबा को सील कर दिया। यह कार्रवाई अवैध शराबखोरी की लगातार मिल रही शिकायतों और पुलिस निर्देशों की अनदेखी के बाद राजस्व विभाग के निर्देश पर की गई। दो दिन पहले ही इस ढाबे से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त की गई थी।इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, कटघोरा पुलिस ने दो दिन पहले ढाबे पर छापा मारा था। छापेमारी के दौरान, ढाबे से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस ने मौके से शराब जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बावजूद, ढाबा संचालक द्वारा पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था।नियमों की लगातार अवहेलना और अवैध गतिविधियों को देखते हुए, पुलिस ने राजस्व विभाग को एक रिपोर्ट भेजी। राजस्व विभाग के निर्देश पर, कटघोरा पुलिस ने ढाबे को सील करने की कार्रवाई की। इस दौरान, भूमि स्वामी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस की मौजूदगी में स्वयं ढाबे पर ताला लगाया। कटघोरा थाना क्षेत्र के तानाखार स्थित नेशनल हाईवे-130 पर कंचन ढाबा में लंबे समय से अवैध रूप से शराब परोसने की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने कई बार पुलिस को सूचित किया था कि ढाबे में खुलेआम शराब पिलाई जा रही है, जिससे हाईवे पर अक्सर विवाद और हंगामे की स्थिति बनती थी।1
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- प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु ज्ञानभारतम मिशन की डीएलसी बैठक संपन्न।1
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- ग्राम सागर कुरेलि खार में खेत में लगाए गए जालीतार में करंट की चपेट में आने से पांच भैंसों की हुई है मौत आज बुधवार की सुबह 9:20 पर ग्राम कुरेली के किसान से मिली जानकारी के अनुसार किसान की तीन भैंस कल रात घर वापस नहीं आई थी जिसे ढूंढने के लिए किसान आज बुधवार को हिर्री थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम कुरेली के बगल गांव ग्राम सागर के खार में ढूंढने निकला था इस दौरान उसने देखा कि एक खेत का मालिक अपने खेत में लगे धान की फसल को बचाने के लिए खेत के पार में लगाए गए जालीतार में करंट लगा दिया था जिसकी चपेट में आने से रात में पांच भैंसो की मौत हो चुकी थी घटना एक से दो दिन पुरानी बताई जा रही है जिसमें एक भैंस जालीतार के अंदर धान के खेत में पड़ा मिला है एवं तीर भैंस एक साथ और एक भैंस कुछ दूर पर जाली तार के पास मृत हालत में पड़ा मिला है जिसे आवारा कुत्ते नोच नोच कर खा भी रहे है यह खेत ग्राम सागर क्षेत्र में पड़ता है खेत किसका है और मृत पड़ी पांच भैंस किसकी है इसकी जानकारी अब तक नहीं हो पाई है एवं जालीतार के पास लगाए गए करंट के दो तार साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं घटना को देखकर किसान अचंभित हुवा और उसने घटना का वीडियो बनाकर हमारी पब्लिक एप न्यूज़ को प्रेषित की जिसके बाद इसे समाचार में दिखाया जा रहा है खेत में फसल की सुरक्षा के लिए किसान द्वारा जो जालीतार में बिजली के करेंट जोड़े गए थे उसी करंट की चपेट में आने से अज्ञात किसान की 5 भैसे मर चुकी है सायद इसकी जानकारी अब तक किसान को भी नही है लेकिन खेत मालिक को है तभी तो बिजली करेंट के तार को अब निकाल दिया गया है धान की फसल को बचाने के लिए किसान द्वारा जो करंट लगाए गए थे इसमें चिपकने से इंसान की भी मौत हो सकती थी गर्मी के दिनों में कई लोग पानी पीने के लिए इस तरह के खेतों की ओर प्यास बुझाने जाते हैं अगर किसी ने गलती से इस तरह के जालीतार को छू दिया तो उसकी मौत होना निश्चित है एवं गर्मी के दिनों में पीने के पानी के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हाहाकार मची हुई है लेकिन यह किसान भूमि के जलस्तर की चिंता ना करते हुए और अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से रवि फसल में 24 घंटे बोर का पानी चला कर भूमि के जल स्तर को भी नीचे गिरने का कार्य तेजी से कर रहा है इस पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होनी चाहिए एवं जिला कलेक्टर को रवि फसल बुवाई पर तत्काल प्रतिबंध लगा देना चाहिए ताकि भूजल इस्तर की वजह से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पीने की पानी की बहुत किल्लत बढ़ चुकी है तालाब पोखर सूखने लगे है और जिले के कई किसान अधिक मुनाफा कमाने के लालच में धान की फसल लगा कर 12 से 24 घंटे बोर चला रहे है1
- Post by Dwarika prasad Yadaw1
- केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना, जिसका उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, अब जमीनी हकीकत में सवालों के घेरे में नजर आ रही है। करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रुपये खर्च करने के बावजूद कई गांव आज भी पानी की बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। ताजा मामला कोरबा जिले के ग्राम पंचायत पचरा से सामने आया है, जहां करीब 85 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही पानी टंकी पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि पीएचई विभाग और संबंधित ठेकेदार पिछले एक साल से अधिक समय से यहां काम देखने तक नहीं पहुंचे हैं। अगर यह टंकी समय पर बनकर चालू हो जाती, तो भीषण गर्मी में गांव के लगभग 900 से अधिक परिवारों को पेयजल की सुविधा मिल सकती थी। लेकिन लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के चलते यह योजना अधर में लटकी हुई है।1
- Post by Gautam karsh1