पर्यावरण मित्रों का धरना, 12 मार्च से सफाई कार्य बंद करने की चेतावनी अल्मोड़ा। नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर निगम कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने एक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम और सफाई कर्मचारियों की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 12 मार्च से सफाई कार्य बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि जोहरी बाजार निवासी एक व्यक्ति द्वारा लगातार कूड़े के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सफाई कर्मचारियों और नगर निगम की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि बाजार क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई की जाती है और प्रतिदिन सुबह आठ से नौ बजे के बीच कूड़ा वाहन से हटा दिया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा पहले भी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से कर्मचारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंच रही है और नगर की शांति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे। धरना प्रदर्शन में दीपक चंदेल, राकेश टांक, सतीश कुमार, दीपक सैलानी, दर्शन चंदेल, राजेंद्र पवार, भूपेंद्र शक्ति, राजेश खत्री, शाहिद सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
पर्यावरण मित्रों का धरना, 12 मार्च से सफाई कार्य बंद करने की चेतावनी अल्मोड़ा। नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर निगम कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने एक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम और सफाई कर्मचारियों की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 12 मार्च से सफाई कार्य बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि जोहरी बाजार निवासी एक व्यक्ति द्वारा लगातार कूड़े के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सफाई कर्मचारियों और नगर निगम की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि बाजार क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई की जाती है और प्रतिदिन सुबह आठ से नौ बजे के बीच कूड़ा वाहन से हटा दिया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा पहले भी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से कर्मचारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंच रही है और नगर की शांति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे। धरना प्रदर्शन में दीपक चंदेल, राकेश टांक, सतीश कुमार, दीपक सैलानी, दर्शन चंदेल, राजेंद्र पवार, भूपेंद्र शक्ति, राजेश खत्री, शाहिद सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- अल्मोड़ा। नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले नगर निगम कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर मेयर और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने एक व्यक्ति पर सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम और सफाई कर्मचारियों की छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 12 मार्च से सफाई कार्य बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि जोहरी बाजार निवासी एक व्यक्ति द्वारा लगातार कूड़े के मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर सफाई कर्मचारियों और नगर निगम की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि बाजार क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई की जाती है और प्रतिदिन सुबह आठ से नौ बजे के बीच कूड़ा वाहन से हटा दिया जाता है। इसके बावजूद कर्मचारियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उनमें आक्रोश है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा पहले भी कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से कर्मचारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंच रही है और नगर की शांति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों ने नगर निगम प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे। धरना प्रदर्शन में दीपक चंदेल, राकेश टांक, सतीश कुमार, दीपक सैलानी, दर्शन चंदेल, राजेंद्र पवार, भूपेंद्र शक्ति, राजेश खत्री, शाहिद सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- रानीखेत तहसील के सुदूरवर्ती गांव खरकिया में वन विभाग की जमीन पर धड़ल्ले से अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। जंगल के बीचों-बीच भारी मात्रा में पत्थर निकाले जाने के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा है। रानीखेत के दूरस्थ गांव खरकिया में वन विभाग के जंगलों में खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है। खनन माफियाओं ने जंगल के अंदर ही धरती का सीना चीरकर कई टन पत्थर निकाल लिए हैं। हैरानी की बात यह है कि वन विभाग की नाक के नीचे यह पूरा खेल चल रहा है, लेकिन विभाग अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा। जब इस मामले में क्षेत्रीय राजस्व उप निरीक्षक से बात की गई तो उन्होंने साफ कहा कि यह क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। वहीं राजस्व विभाग का कहना है कि यह इलाका वन विभाग के अंतर्गत आता है, इसलिए कार्रवाई की जिम्मेदारी भी वन विभाग की ही है। अब बड़ा सवाल यह है कि विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने के इस खेल में आखिर कब तक जंगलों का दोहन होता रहेगा और क्या अवैध खनन करने वाले माफियाओं पर कोई सख्त कार्रवाई होगी। वन विभाग के उप वन संरक्षक दीपक सिंह ने कहा कि ये खनन नाप भूमि में है, वन पंचायत में है या फॉरेस्ट एरिया में इसकी जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।1
- अगर हम सोच रहे हैं कि धरती एक सुरक्षित ग्रह है तो यह गलतफहमी मन मस्तिष्क से निकाल दीजिए। वर्तमान भले ही सुरक्षित नजर आ रहा हो, लेकिन भविष्य की गारंटी नहीं की जा सकती है। जल, थल और नभ को लेकर पृथ्वी का अस्तित्व है और अतीत में इन्हीं तीन क्षेत्रों में कुछ कुछ ऐसा घटा है, जब पृथ्वी तबाह हुई है। एक ऐसी ही खतरनाक घटना की खोज हुई है। यह घटना ब्राज़ील की तबाही की है। जिसे वैज्ञानिकों ने हाल ही खोजा है। 63 लाख साल पहले ब्राज़ील के इलाके में एक बड़ा क्षुद्रग्रह (Asteroid) टकराया था। यह इतना भयंकर टकराव था कि इस टक्कर से पिघला देने वाली गर्मी के साथ इतना दबाव पैदा हुआ कि चट्टानें बर्फ की तरह पिघल गईं। साथ ही पिघलती चट्टानें हवा में उछलने लगीं और ठंडी होकर कांच जैसी (glass) की छोटी-छोटी बूंदों या टुकड़ों में बदल गईं। इन tektites कहते हैं। tektites को हिंदी में काचाभ उल्काश्म या प्राकृतिक काँच के पिंड कहा जाता है। प्राकृतिक काँच के ये टुकड़े ब्राजील पहले कभी नहीं देखे गए थे, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने पहली बार खोज निकाले हैं। यह एक विशाल क्षेत्र है। यह देखकर हैरानी होती है कि यह क्षेत्र 900 किमी क्षेत्र में फैला हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह एस्ट्रॉयड कितना बड़ा रहा होगा। जिसने 900 किमी भूभाग को तबाही में बदल दिया। वैज्ञानिकों ने अब तक 600 से ज्यादा प्राकृतिक कांच के टुकड़े ढूंढ निकाले हैं, जो आकार में छोटी छोटी बूंद, गोले या डंबल जैसी शक्ल में बने हुए हैं।1
- Post by नवीन चन्द्र आर्य1
- चम्पावत : PUC प्रमाण पत्र के बिना वाहनों को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल1
- Uday preet chopra lock Manpur. Harsh Yana Colony key road. Samvidhan karai or Sarkar Tak pose Bhai ye news.Chalsal iss road ka samvidhan nikal oil , bahut , dikkaten hoti storo per chal chalne ke baad1
- चम्पावत जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जनता मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। इस दौरान कुल 83 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य शिकायतों पर जल्द कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।1
- Post by नवीन चन्द्र आर्य1