पीलीभीत की बेटी तनिष्का राणा का सीबीएसई अंडर-17 भारतीय टीम में चयन, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित पीलीभीत। जनपद की होनहार खिलाड़ी तनिष्का राणा ने खेल जगत में जिले का मान बढ़ाते हुए सीबीएसई की अंडर-17 भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। बेनहर गुरुकुल स्कूल की छात्रा तनिष्का की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जनपद के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय में आमंत्रित कर विशेष रूप से सम्मानित किया। कलेक्ट्रेट में गूँजा तनिष्का का गौरव सम्मान समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने तनिष्का को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्रा के अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा: "तनिष्का की सफलता न केवल उनके परिवार और स्कूल के लिए, बल्कि पूरे पीलीभीत जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज बेटियाँ हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं और तनिष्का ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।" खाकी का मान: कांस्टेबल पिता का अहम योगदान तनिष्का की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट संघर्ष और सहयोग रहा है। उनके पिता, आकाश, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं, अपनी बेटी की उपलब्धि पर भावुक और गौरवान्वित नजर आए। एक पुलिसकर्मी की चुनौतीपूर्ण और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद, उन्होंने तनिष्का के प्रशिक्षण और खेल की जरूरतों में कभी कमी नहीं आने दी। स्कूल और खेल जगत में खुशी की लहर बेनहर गुरुकुल स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी अपनी छात्रा की जीत का जश्न मनाया। शिक्षकों के अनुसार, तनिष्का केवल खेल में ही नहीं बल्कि पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रही हैं। उनका चयन उनकी वर्षों की कड़ी तपस्या का परिणाम है। लक्ष्य: देश के लिए पदक जीतना सम्मान पाकर उत्साहित तनिष्का राणा ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य देश के लिए खेलना और पदक जीतना है। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा मिले प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनका मनोबल दोगुना हो गया है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के उच्चाधिकारी, तनिष्का के परिजन और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। सोशल मीडिया पर भी जनपद वासियों द्वारा तनिष्का को बधाइयां देने का तांता लगा हुआ है, जिससे पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
पीलीभीत की बेटी तनिष्का राणा का सीबीएसई अंडर-17 भारतीय टीम में चयन, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित पीलीभीत। जनपद की होनहार खिलाड़ी तनिष्का राणा ने खेल जगत में जिले का मान बढ़ाते हुए सीबीएसई की अंडर-17 भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। बेनहर गुरुकुल स्कूल की छात्रा तनिष्का की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जनपद के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने उन्हें कलेक्ट्रेट कार्यालय में आमंत्रित कर विशेष रूप से सम्मानित किया। कलेक्ट्रेट में गूँजा तनिष्का का गौरव सम्मान समारोह के दौरान जिलाधिकारी ने तनिष्का को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्रा के अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा: "तनिष्का की सफलता न केवल उनके परिवार और स्कूल के लिए, बल्कि पूरे पीलीभीत जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज बेटियाँ हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं और तनिष्का ने यह साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।" खाकी का मान: कांस्टेबल पिता का अहम योगदान तनिष्का की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट संघर्ष और सहयोग रहा है। उनके पिता, आकाश, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं, अपनी बेटी की उपलब्धि पर भावुक और गौरवान्वित नजर आए। एक पुलिसकर्मी की चुनौतीपूर्ण और व्यस्त दिनचर्या के बावजूद, उन्होंने तनिष्का के प्रशिक्षण और खेल की जरूरतों में कभी कमी नहीं आने दी। स्कूल और खेल जगत में खुशी की लहर बेनहर गुरुकुल स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों ने भी अपनी छात्रा की जीत का जश्न मनाया। शिक्षकों के अनुसार, तनिष्का केवल खेल में ही नहीं बल्कि पढ़ाई में भी हमेशा अव्वल रही हैं। उनका चयन उनकी वर्षों की कड़ी तपस्या का परिणाम है। लक्ष्य: देश के लिए पदक जीतना सम्मान पाकर उत्साहित तनिष्का राणा ने अपनी भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य देश के लिए खेलना और पदक जीतना है। उन्होंने जिलाधिकारी द्वारा मिले प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे उनका मनोबल दोगुना हो गया है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के उच्चाधिकारी, तनिष्का के परिजन और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। सोशल मीडिया पर भी जनपद वासियों द्वारा तनिष्का को बधाइयां देने का तांता लगा हुआ है, जिससे पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
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- पीलीभीत के माधव टांडा रोड स्थित गांव देवीपुरा के पास देर रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आकर तीन दुकानों में लाखों का सामान जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि देवीपुरा गांव के समीप स्थित दुकानों में देर रात आग लग गई, जिसमें बालाजी ऑटो सर्विस की दुकान को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। दुकान स्वामी प्रोसेनजीत चौधरी के अनुसार करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। वहीं आसपास की दुकानों में रखा सामान भी आग की चपेट में आ गया। दुकान मालिक ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को धूपबत्ती लगाकर दुकान बंद करते हैं और बत्ती बुझने के बाद ही वहां से जाते हैं। सुबह करीब 6 बजे जब उन्हें आग लगने की सूचना मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की टीम पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। प्रोसनजीत चौधरी को “सुबह 6 बजे जानकारी मिली, जब तक आया तब तक सब जल चुका था… करीब 2 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है।” फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तहरीर दे दी गई है और पुलिस जांच में जुटी हुई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी आग कैसे लगी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा l1
- पीलीभीत। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहाँ सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद पीलीभीत में बैंक की विश्वसनीयता को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक आम खाताधारक, ऋषि कनौजिया, के साथ धोखाधड़ी की ऐसी पटकथा लिखी गई जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। ऋषि के खाते पर उनकी जानकारी के बिना ही 5 लाख रुपये का फर्जी लोन आवंटित कर दिया गया। न दस्तखत, न वेरिफिकेशन: फिर कैसे हुआ 'चमत्कार'? बैंकिंग नियमों के मुताबिक, किसी भी लोन को पास करने के लिए फिजिकल वेरिफिकेशन, मूल दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और ओटीपी (OTP) जैसे कड़े सुरक्षा मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन ऋषि कनौजिया का आरोप है कि उन्होंने: कभी किसी लोन के लिए आवेदन नहीं किया। किसी भी कागज़ात पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद, बैंक की फाइलों में लोन पास हो गया। यह सीधे तौर पर बैंक के भीतर बैठे कुछ अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत यानी 'भीतरघात' की ओर इशारा कर रहा है। न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित, बैंक बना 'फुटबॉल' हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित ऋषि अपनी शिकायत लेकर बैंक पहुँचे, तो उन्हें समाधान देने के बजाय अधिकारियों ने उन्हें 'फुटबॉल' बना दिया। पीड़ित को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर टरकाया जा रहा है। अधिकारियों की चुप्पी और टालमटोल भरा रवैया इस आशंका को पुख्ता कर रहा है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। "यह सिर्फ 5 लाख की चोरी नहीं, बल्कि उस भरोसे का कत्ल है जो एक आम आदमी बैंक पर करता है। जब मैंने लोन लिया ही नहीं, तो वह पास कैसे हुआ? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए।" — ऋषि कनौजिया, पीड़ित गंभीर सवाल जो जाँच के घेरे में हैं: बिना खाताधारक की मौजूदगी के लोन फाइल मैनेजर की टेबल तक कैसे पहुँची? क्या बैंक के भीतर कोई संगठित गिरोह सक्रिय है जो ग्राहकों के डेटा का दुरुपयोग कर रहा है? उच्चाधिकारी इस मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? कानूनी कार्रवाई की आहट इस घटना ने अन्य खाताधारकों में भी असुरक्षा की लहर पैदा कर दी है। ऋषि कनौजिया ने अब हार न मानने का फैसला करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने और पुलिस में मामला दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। यदि समय रहते बैंक प्रबंधन ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो यह मामला एक बड़े जन-आक्रोश और उच्चस्तरीय जाँच का रूप ले सकता है।1
- सीओ कार्यालय में संयुक्त किसान संगठनों का घेराव, गेहूं खरीद न होने पर धरना प्रदर्शन व गिरफ्तारी की मांग पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों ने शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन किसानों और किसान नेताओं पर अनावश्यक दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू करने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा किसानों पर फार्मर रजिस्ट्री सहित नए-नए नियम लागू कर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही विरोध करने वाले किसान नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के विरोध में शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान संगठनों के पदाधिकारी और किसान सीओ कार्यालय पहुंचे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।धरने को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कई थानों की पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि जब तक गेहूं खरीद शुरू नहीं होती और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सीओ से नहीं एसपी और डीएम से वार्ता करने की मांग के बाद ही समाप्त होगा धरना प्रदर्शन।2
- पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार पीलीभीत जिलाधिकारी द्वारा बेमौसम बारिश से वर्वाद हुई फसल का निरीक्षण किया न्यूरिया हुसैनपुर में खेतो में पहुंचे डीएम।1
- कितनी बेशर्मी है और दोगलापन है। इनसे तो घटिया नेता भी हार जायेंगे।1
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