बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में। ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।
बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में। ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री
की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की
जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की
सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।
- बुधवार को श्री गायत्री जयंती के पावन अवसर पर बीना स्थित श्री गायत्री शक्ति पीठ, स्टेशन रोड पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग में रंग गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व दिवस से चल रहे श्री गायत्री महामंत्र अखंड जप के समापन के साथ हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री गायत्री सहस्त्रनाम महाभिषेक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। तत्पश्चात गायत्री मंत्र दीक्षा एवं पंच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा, और उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र, समाज तथा विश्व कल्याण की मंगल कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया गया। शाम को दीप यज्ञ एवं संध्या नीरांजना का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गायत्री जयंती को माता गायत्री के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें वेदों की जननी और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। इस दिन जप, तप, यज्ञ और साधना का विशेष महत्व बताया गया है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।1
- रघुनाथ बड़ा मंदिर इंग्लिश मीडियम द्वारा बचाया गया है सोशल मीडिया को1
- सतनी Satni वीडियो हो रहा है तेजी से वायरल #सतनी #Satni सतनी Satni वीडियो हो रहा है तेजी से वायरल #सतनी #Satni1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज में मोहर्रम जुलूस के दौरान एक खूनी विवाद सामने आया है, जिसमें एक 16 वर्षीय नाबालिग की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना धक्का-मुक्की से शुरू हुई और फिर चाकू से किए गए वार में मुबारिक नामक 16 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई। इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद, बीना नगरपालिका भी सतर्क हो गई है और उसने शहर के विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। नगरपालिका सीएमओ के नेतृत्व में की गई इस जांच में, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, विद्युत व्यवस्था और विद्यार्थियों की समग्र सुरक्षा से जुड़े इंतजामों का आकलन किया गया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के कड़े निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान, नगरपालिका की टीम ने कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास द्वार की स्थिति, भवन की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत फिटिंग का गहनता से जायजा लिया। अधिकारियों ने संचालकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु आवश्यक सुरक्षा उपकरण संस्थान में हर समय उपलब्ध रहें और उनका नियमित रखरखाव किया जाए। टीम ने भवनों में विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और जो भी संस्थान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते पाए जाएँगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- विदिशा जिले के भिलांय गांव में मेन हाईवे पर एक छोटी सी दुकान खोली गई है। दुकान के मालिक ने सभी इच्छुक ग्राहकों को सूचित किया है कि वे अपनी आवश्यकतानुसार सामान खरीदने के लिए सीधे दुकान पर आ सकते हैं।1
- रायसेन जिले के सिलवानी थाने का एक मामला सामने आया है, जहाँ कुछ नाबालिग बहनें अचानक लापता हो गई थीं। इस घटना से उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि, सिलवानी पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महज 72 घंटे के भीतर पूरा मामला बदल गया।1
- ललितपुर जनपद के चढ़रऊ गांव में एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह ग्रामीणों द्वारा कुएं में शव उतराता देखे जाने के बाद गांव में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकलवाकर उसकी पहचान कराई। शव की पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों ने इस मौत को संदिग्ध बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिससे यह प्रकरण और भी संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए फिलहाल सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर ही आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1