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रायसेन जिले के सिलवानी थाने का एक मामला सामने आया है, जहाँ कुछ नाबालिग बहनें अचानक लापता हो गई थीं। इस घटना से उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि, सिलवानी पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महज 72 घंटे के भीतर पूरा मामला बदल गया।
KHABAR WITH KK
रायसेन जिले के सिलवानी थाने का एक मामला सामने आया है, जहाँ कुछ नाबालिग बहनें अचानक लापता हो गई थीं। इस घटना से उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि, सिलवानी पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महज 72 घंटे के भीतर पूरा मामला बदल गया।
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- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज में मोहर्रम जुलूस के दौरान एक खूनी विवाद सामने आया है, जिसमें एक 16 वर्षीय नाबालिग की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना धक्का-मुक्की से शुरू हुई और फिर चाकू से किए गए वार में मुबारिक नामक 16 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई। इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- नाराज जैन समाज ने मेनका गांधी द्वारा दिए गए एक मनगढ़ंत और विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। समाज ने मेनका गांधी से मांग की है कि वह या तो अपने बयान को सिद्ध करें या उसके लिए माफी मांगें। जानकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने एक बार फिर जैन संत परंपरा पर मनगढ़ंत विवादित टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के संबंध में आचार्य भगवंत समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के एक पुराने वीडियो का भी संदर्भ दिया गया है।1
- ग्राम पंचायत नाहर मऊ ग्राम में पिछले कई वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि आज दिनांक तक पीने के पानी की कोई भी स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है। इस समस्या के चलते, उन्हें पीने का पानी 1 से 2 किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में शक्कर नदी पर स्थित रेलवे पुल के पास चल रहे पिचिंग कार्य में ठेकेदार द्वारा बड़ी लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है। इस कार्य में ठेकेदार की घोर अनदेखी और लापरवाही पूर्वक कार्य करने की बात कही गई है।1
- विदिशा शहर में श्री राम अस्पताल के ठीक सामने एक बोलेरो वाहन डिवाइडर के ऊपर जा चढ़ा।1
- सागर जिले में साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं से नागरिकों को बचाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।1
- बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में। ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।4
- रायसेन जिले के सिलवानी थाने का एक मामला सामने आया है, जहाँ कुछ नाबालिग बहनें अचानक लापता हो गई थीं। इस घटना से उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि, सिलवानी पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसके परिणामस्वरूप महज 72 घंटे के भीतर पूरा मामला बदल गया।1