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नाराज जैन समाज ने मेनका गांधी द्वारा दिए गए एक मनगढ़ंत और विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। समाज ने मेनका गांधी से मांग की है कि वह या तो अपने बयान को सिद्ध करें या उसके लिए माफी मांगें। जानकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने एक बार फिर जैन संत परंपरा पर मनगढ़ंत विवादित टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के संबंध में आचार्य भगवंत समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के एक पुराने वीडियो का भी संदर्भ दिया गया है।
Akhlesh jain Reportar
नाराज जैन समाज ने मेनका गांधी द्वारा दिए गए एक मनगढ़ंत और विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। समाज ने मेनका गांधी से मांग की है कि वह या तो अपने बयान को सिद्ध करें या उसके लिए माफी मांगें। जानकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने एक बार फिर जैन संत परंपरा पर मनगढ़ंत विवादित टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के संबंध में आचार्य भगवंत समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के एक पुराने वीडियो का भी संदर्भ दिया गया है।
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- नाराज जैन समाज ने मेनका गांधी द्वारा दिए गए एक मनगढ़ंत और विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। समाज ने मेनका गांधी से मांग की है कि वह या तो अपने बयान को सिद्ध करें या उसके लिए माफी मांगें। जानकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने एक बार फिर जैन संत परंपरा पर मनगढ़ंत विवादित टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के संबंध में आचार्य भगवंत समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के एक पुराने वीडियो का भी संदर्भ दिया गया है।1
- ग्राम पंचायत नाहर मऊ ग्राम में पिछले कई वर्षों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि आज दिनांक तक पीने के पानी की कोई भी स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है। इस समस्या के चलते, उन्हें पीने का पानी 1 से 2 किलोमीटर दूर से लाना पड़ता है।1
- ठेले का किराया मांगना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर हो रहे साइबर फ्रॉड से आम नागरिकों को सतर्क करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 'डिजिटल अरेस्ट' कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक साइबर फ्रॉड है। जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने और जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से, नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने बुधवार को 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शानदार शुभारंभ किया।1
- सागर जिले में साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं से नागरिकों को बचाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है।1
- नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के बरमान चौकी अंतर्गत ग्राम धरमपुरी स्थित एक आश्रम में कथित तौर पर तोड़फोड़, मारपीट और जानलेवा हमले की घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। आश्रम संचालक संत मदन दास त्यागी ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर को एक विस्तृत आवेदन सौंपा है, जिसमें आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और उसे जिला बदर करने की मांग की गई है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में संत मदन दास त्यागी ने आरोप लगाया है कि 23 जून की सुबह करीब 6 बजे ग्राम धरमपुरी निवासी राजा नौरिया कथित रूप से नशे की हालत में कुछ अन्य लोगों के साथ आश्रम परिसर में घुस आया। आरोप है कि आरोपी अपने साथ घन, छेनी, हथौड़ा और भाला जैसे हथियार लेकर पहुंचा और आते ही गाली-गलौज व तोड़फोड़ शुरू कर दी। आवेदन के अनुसार, आश्रम में रखे फ्रिज, हारमोनियम, ढोलक, गैस सिलेंडर, चूल्हा, कमंडल, किचन सामग्री, पेटियां और मंदिर परिसर की टाइल्स सहित लगभग डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया गया। संत ने यह भी आरोप लगाया है कि आश्रम में ठहरे दो परिक्रमा वासियों पर भाले से हमला किया गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इसके अतिरिक्त, आरोपी ने संत के साथ मारपीट की और गले में पट्टा लपेटकर जान से मारने की धमकी दी, साथ ही उनके थैले से 22 हजार रुपये चोरी करने का भी आरोप है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण और मिढ़ली पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि मौके पर पहुँचे और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने सुआतला थाने में शिकायत दर्ज कराई। संत का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध पहले से भी क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। संत मदन दास त्यागी ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने शासकीय विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया है, जिससे सार्वजनिक हित प्रभावित हो रहा है। उन्होंने भविष्य में झूठे मामलों में फंसाने और नुकसान पहुँचाने की धमकियाँ मिलने की बात भी कही है। पीड़ित संत ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिला बदर की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है। यह सभी आरोप पुलिस अधीक्षक को दिए गए लिखित आवेदन में लगाए गए हैं, और मामले की सत्यता एवं आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।3
- बीना में गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने अनुविभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे, जिसमें चार मुख्य विषयों पर ध्यान आकर्षित किया गया। इन संगठनों ने विशेष रूप से प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की, खासकर खुरई और बीना तहसील से जुड़े मामलों में। ज्ञापन में गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रमुख थी। हरकिशन सेन खिमलासा ने बताया कि इस संबंध में 164 आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा क्रमांक OD003 का उल्लेख किया, जिसमें शासकीय और अशासकीय गौशालाओं व गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने का साफ-साफ उल्लेख है, फिर भी सागर जिले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं दिखी। गौ सेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो खिमलासा के पास ग्राम गाडौली जवाहर के पुल पर चक्का जाम किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मालथोन तहसील के ग्राम खेराई में 30 अहिरवार परिवारों की जमीनों पर मुस्लिम समुदाय द्वारा अवैध अतिक्रमण और ग्राम भेलैया में शासकीय जमीनों पर अवैध अतिक्रमण कर मकान बनाने का मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामवासियों द्वारा माननीय कलेक्टर से लेकर तहसीलदार और एसडीएम तक को कई बार लिखित में सूचित करने के बावजूद, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण दोनों गांवों के लोग चक्का जाम करने को विवश हैं, और इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अन्य विषयों में, संगठनों ने मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा पर महामहिम राष्ट्रपति महोदय के नाम से आवेदन देकर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, पूर्व खुरई एसडीएम रमेश श्रीवास्तव को एक आभार/धन्यवाद पत्र भी सौंपा गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनके कार्यकाल में हटाए गए अतिक्रमण के कारण आज गाय माताएं अपना जीवन यापन कर पा रही हैं और उन्हें खाने-पीने की उचित व्यवस्था मिल रही है। गौ सेवकों का कहना है कि लोगों द्वारा बनवाई गई पानी की टंकियां गर्मियों में बहुत सहायक हैं और ऐसे अधिकारी हर तहसील और जिले में होने चाहिए।4
- नरसिंहपुर पुलिस ने ज़िले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए "सेफ क्लिक 2.0" अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषभ मीणा के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर होने वाली ठगी से बचाना है।1