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ठेले का किराया मांगना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
ठेले का किराया मांगना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।
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- ठेले का किराया मांगना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप उसे अपनी जान गंवानी पड़ी।1
- नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के बरमान चौकी अंतर्गत ग्राम धरमपुरी स्थित एक आश्रम में कथित तौर पर तोड़फोड़, मारपीट और जानलेवा हमले की घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है। आश्रम संचालक संत मदन दास त्यागी ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर को एक विस्तृत आवेदन सौंपा है, जिसमें आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और उसे जिला बदर करने की मांग की गई है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में संत मदन दास त्यागी ने आरोप लगाया है कि 23 जून की सुबह करीब 6 बजे ग्राम धरमपुरी निवासी राजा नौरिया कथित रूप से नशे की हालत में कुछ अन्य लोगों के साथ आश्रम परिसर में घुस आया। आरोप है कि आरोपी अपने साथ घन, छेनी, हथौड़ा और भाला जैसे हथियार लेकर पहुंचा और आते ही गाली-गलौज व तोड़फोड़ शुरू कर दी। आवेदन के अनुसार, आश्रम में रखे फ्रिज, हारमोनियम, ढोलक, गैस सिलेंडर, चूल्हा, कमंडल, किचन सामग्री, पेटियां और मंदिर परिसर की टाइल्स सहित लगभग डेढ़ लाख रुपये की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया गया। संत ने यह भी आरोप लगाया है कि आश्रम में ठहरे दो परिक्रमा वासियों पर भाले से हमला किया गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। इसके अतिरिक्त, आरोपी ने संत के साथ मारपीट की और गले में पट्टा लपेटकर जान से मारने की धमकी दी, साथ ही उनके थैले से 22 हजार रुपये चोरी करने का भी आरोप है। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण और मिढ़ली पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि मौके पर पहुँचे और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने सुआतला थाने में शिकायत दर्ज कराई। संत का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध पहले से भी क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। संत मदन दास त्यागी ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने शासकीय विद्यालय के पास सरकारी भूमि पर अतिक्रमण किया है, जिससे सार्वजनिक हित प्रभावित हो रहा है। उन्होंने भविष्य में झूठे मामलों में फंसाने और नुकसान पहुँचाने की धमकियाँ मिलने की बात भी कही है। पीड़ित संत ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच करने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आरोपी के विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिला बदर की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है। यह सभी आरोप पुलिस अधीक्षक को दिए गए लिखित आवेदन में लगाए गए हैं, और मामले की सत्यता एवं आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।3
- नरसिंहपुर जिले के धर्मपुरी स्थित रेवा मंदिर आश्रम में राजा नामक एक आरोपी ने तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। इस मामले में आश्रम के संचालक ने पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने आम नागरिकों को 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर हो रहे साइबर फ्रॉड से सचेत करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। जिले में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने बुधवार को "सेफ क्लिक 2.0" अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी व्यवस्था मौजूद नहीं है। उन्होंने बताया कि ठग खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं, उन्हें घंटों तक घर में बंधक बनाकर रखते हैं और लाखों रुपये की ठगी करते हैं। उन्होंने साफ किया कि कोई भी सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल पर पैसे नहीं मांगता और न ही इस तरह की कोई गिरफ्तारी की जाती है। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार का भुगतान न करें और सीधे नजदीकी पुलिस स्टेशन या एसपी कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराएं। "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के माध्यम से पुलिस लोगों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग और सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी दे रही है, ताकि वे साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें।3
- नरसिंहपुर जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और आम जनता को इस संबंध में जागरूक करने के उद्देश्य से, नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ने एक नई पहल का शानदार शुभारंभ किया है। इस अभियान को 'सेफ क्लिक 2.0' नाम दिया गया है, जिसके तहत एसपी ने नागरिकों को विशेष रूप से आगाह करते हुए स्पष्ट किया कि कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं। ये अपराधी पीड़ितों को कई घंटों तक उनके घरों में बंधक बनाकर रखते हैं और लाखों रुपये की ठगी करते हैं। एसपी ने दृढ़ता से कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी न तो वीडियो कॉल पर पैसों की मांग करती है और न ही इस तरह से किसी को गिरफ्तार करती है। एसपी ने जनता से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दें। 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत लोगों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग प्रक्रियाओं और सोशल मीडिया के सही व सुरक्षित उपयोग के बारे में प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।1
- गोटेगांव में जन एकता गौ सेवा समिति ने स्थानीय प्रशासन का ध्यान आम जनता की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है। समिति ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को यह ज्ञापन सौंपकर लोगों को आ रही विभिन्न कठिनाइयों को उजागर किया है।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने ज़िले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए "सेफ क्लिक 2.0" अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषभ मीणा के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर होने वाली ठगी से बचाना है।1
- नरसिंहपुर जिले के सुआतला थाना क्षेत्र के बरमान चौकी अंतर्गत ग्राम धरमपुरी स्थित एक आश्रम में कथित रूप से अनाधिकृत प्रवेश, तोड़फोड़, जानलेवा हमला और चोरी की घटना सामने आई है। पीड़ित संत मदन दास त्यागी ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर को एक आवेदन सौंपकर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई और जिला बदर की मांग की है। संत मदन दास त्यागी, जो आश्रम के संचालक भी हैं, ने आरोप लगाया है कि 23 जून 2026 की सुबह लगभग 6 बजे ग्राम निवासी राजा नौरिया अपने कुछ साथियों के साथ आश्रम परिसर में घुस आया। बताया गया है कि आरोपी नशे की हालत में था और उसके पास घन, छेनी, हथौड़ा तथा भाला जैसे हथियार थे। आरोपी ने आश्रम में रखे फ्रीज, चूल्हा, हारमोनियम, ढोलक, गैस सिलेंडर, कमंडल, किचन का सामान और मंदिर परिसर की टाइल्स सहित अन्य सामग्री में तोड़फोड़ की, जिससे लगभग 1.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि घटना के दौरान आश्रम में मौजूद दो परिक्रमा वासियों पर भाले से हमला किया गया, जिससे उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। संत मदन दास त्यागी पर भी हमला किया गया; आरोप है कि आरोपी ने उनके गले में पट्टा डालकर घसीटा और जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही, उनके थैले में रखे 22 हजार रुपये चोरी होने का भी आरोप लगाया गया है। स्थानीय ग्रामीणों और सरपंच प्रतिनिधि अंकुर गोयल के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति नियंत्रित हो सकी। इसके बाद सुआतला थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। संत ने आरोपी राजा नौरिया पर शासकीय स्कूल के समीप सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने का भी आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने की बात कही गई है। पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में संत मदन दास त्यागी ने आरोपी के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करने, मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिला बदर की कार्रवाई शुरू करने और कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की है। फिलहाल, यह मामला पुलिस जांच के अधीन है और आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3