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नरसिंहपुर पुलिस ने ज़िले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए "सेफ क्लिक 2.0" अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषभ मीणा के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर होने वाली ठगी से बचाना है।
पत्रकार आशीष कुमार दुबे
नरसिंहपुर पुलिस ने ज़िले में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए "सेफ क्लिक 2.0" अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषभ मीणा के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर होने वाली ठगी से बचाना है।
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- लिंगा के पास एक स्कूल वैन पलटने की घटना सामने आई है, जिसमें बच्चे घायल हो गए। इस घटना के बाद, घायल हुए बच्चे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं। हालांकि, वे किस वजह से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे हैं, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।1
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- नरसिंहपुर पुलिस ने नागरिकों को एक नए तरह के साइबर फ्रॉड, जिसे 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जा रहा है, से सावधान रहने की सलाह दी है। नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने स्पष्ट किया है कि 'डिजिटल अरेस्ट' कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक प्रकार की साइबर धोखाधड़ी है। उन्होंने लोगों से इस तरह के फर्जीवाड़े से सुरक्षित रहने और बचने का आग्रह किया है।1
- करेली, नरसिंहपुर जिले में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 'Yoga for Healthy Ageing' (स्वस्थ आयु के लिए योग) की थीम पर मनाया गया, जहाँ योग साधिकाओं ने योग को एक कलात्मक और सांस्कृतिक पहचान दी। इस अवसर पर, योग साधिकाओं की एक जीवंत टोली ने सामूहिक योग का प्रदर्शन करते हुए एक समान गुलाबी परिधान (साड़ी) धारण किया। उनकी यह "गुलाबी लहर" न केवल शारीरिक अनुशासन का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी किया। योग की कठिन मुद्राओं के साथ-साथ इन साधिकाओं ने "मंडाला" की अद्भुत और जटिल आकृतियां बनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंडाला, जो मानसिक एकाग्रता, शांति और ब्रह्मांडीय संतुलन का प्रतीक है, 'हेल्दी एजिंग' के योग दर्शन के साथ पूरी तरह मेल खाता दिखा। योग प्रशिक्षकों ने इसे एक प्रकार की 'मेडिटेटिव आर्ट' बताया जो मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शांति प्रदान करती है। इस वर्ष की थीम पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र को गरिमापूर्ण और स्वस्थ बनाने की एक कला है, जिससे शारीरिक लचीलेपन के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिरता भी मिलती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया, न कि केवल एक दिन का उत्सव।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में शक्कर नदी पर स्थित रेलवे पुल के पास चल रहे पिचिंग कार्य में ठेकेदार द्वारा बड़ी लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है। इस कार्य में ठेकेदार की घोर अनदेखी और लापरवाही पूर्वक कार्य करने की बात कही गई है।1
- नाराज जैन समाज ने मेनका गांधी द्वारा दिए गए एक मनगढ़ंत और विवादित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। समाज ने मेनका गांधी से मांग की है कि वह या तो अपने बयान को सिद्ध करें या उसके लिए माफी मांगें। जानकारी के अनुसार, मेनका गांधी ने एक बार फिर जैन संत परंपरा पर मनगढ़ंत विवादित टिप्पणी करके एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस विवादित बयान के संबंध में आचार्य भगवंत समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी के एक पुराने वीडियो का भी संदर्भ दिया गया है।1
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- नरसिंहपुर के गाडरवारा में शक्कर नदी के रेलवे पुल के पास चल रहे पिचिंग कार्य में ठेकेदार द्वारा गंभीर लापरवाही बरते जाने का मामला सामने आया है। गाडरवारा से आने-जाने वाली अप और डाउन दोनों रेलवे लाइनों के लिए करोड़ों रुपए की लागत से किया जा रहा यह पिचिंग कार्य, जब ग्राउंड जीरो पर देखा गया तो चौंकाने वाली स्थिति दिखी। ठेकेदार ने रेलवे लाइन से सटी मिट्टी का ही पिचिंग कार्य में उपयोग कर लिया, जिसके चलते एक तरफ की रेलवे लाइन के ठीक बगल में 10 फीट की गहरी खुदाई कर दी गई और उसी मिट्टी से दूसरी तरफ की लाइन के पास पिचिंग की गई। इस संबंध में जब संबंधित अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कार्य जारी होने की बात कही, जबकि धरातल पर कोई काम होता नजर नहीं आ रहा है। इस बड़े पैमाने पर हो रहे रेलवे कार्य के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वे इस काम का निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे थे। यह भी एक बड़ा प्रश्न है कि रेलवे विभाग की जमीन से इतनी बड़ी खुदाई की अनुमति किसने दी। जनप्रतिनिधियों, रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से इस ओर तत्काल ध्यान देने की अपील की गई है, क्योंकि यदि समय रहते इस गंभीर विषय पर ध्यान देकर समस्या का निवारण नहीं किया गया तो यह किसी अनहोनी घटना को न्योता देने जैसा होगा। रिपोर्ट में केंद्र सरकार के निर्माण कार्यों में भी हो रही बेईमानी पर सवाल उठाया गया है। अब देखना यह है कि इस खबर के सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई करते हैं। मौके पर मौजूद ग्रामवासी की जुबानी भी पूरे मामले की कहानी दिखाने की बात कही गई है, ताकि "दूध का दूध और पानी का पानी" हो सके।1