"आउटसोर्सिंग या शोषण का नया नाम? 1076 की महिला कर्मचारियों का दर्द बना प्रदेश का कलंक" *"1076 हेल्पलाइन: मदद करने वाले हाथ ही आज मदद को मजबूर!"* *"कंपनी राज की भेंट चढ़ा महिला सम्मान: ऐक्टू का सरकार के 'दमनात्मक' रवैये पर तीखा हमला"* रायबरेली l उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ हुए कथित दमनात्मक व्यवहार ने एक बार फिर सरकार की आउटसोर्सिंग नीतियों और श्रम संहिताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'सरकार के कर्मचारी विरोधी चरित्र और कंपनी राज का नमूना' बताया है। *सड़कों पर घसीटी गईं महिला कर्मचारी* लखनऊ की सड़कों पर 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन की महिला कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए जूझते, घिसटते और मदद की गुहार लगाते देखा गया। यह घटना सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग निगम बनाने की कवायद और मोदी सरकार की चार श्रम संहिताओं की असलियत को उजागर करती है। विजय विद्रोही ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी पुलिस महकमे की हेल्प लाइन 112 में काम करने वाली युवतियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया गया था, और उन्हें भी सड़कों पर घसीटा गया था। *आउटसोर्सिंग के नाम पर शोषण* विद्रोही के अनुसार, नौकरी के नाम पर आउटसोर्सिंग के जरिए नियोजन में लाखों रुपये की वसूली की जाती है। बेलगाम कंपनियां मनमानी करती हैं, दुर्व्यवहार करती हैं, कई महीनों तक वेतन नहीं देतीं, और भुगतान पर भी कमीशन लेती हैं। असीमित काम के बोझ ने उच्च शिक्षित युवक-युवतियों का जीवन नर्क बना दिया है। सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनकी सेवाओं की निरंतरता समाप्त कर हर दिन उन्हें 'बेमौत मारा जा रहा है'।प्रदेश में 8 लाख से अधिक कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए विभिन्न राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में पीजीआई, राम मनोहर लोहिया सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में 60% से अधिक नर्सेज, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी ऐसी ही कार्य दशा में काम कर रहे हैं। आज भी प्रदेश में लाखों ऐसे कर्मचारी हैं जिनके 6 माह से अधिक समय तक के वेतन बकाया हैं। *आउटसोर्सिंग निगम: कंपनियों को लूट का रास्ता?* लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का स्थायीकरण करने के बजाय, सरकार ने 'कंपनी राज' को मजबूत करने के लिए 1 मार्च 2025 को विधानसभा में आउटसोर्सिंग निगम बनाने का प्रस्ताव पारित किया। सरकार ने दावा किया कि यह निगम कंपनियों पर लगाम लगाएगा और कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करेगा। हालांकि, विद्रोही का आरोप है कि इस निगम का असली मकसद कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और अबाध सेवा शर्तों के लिए किए जाने वाले आंदोलनों और अदालती हस्तक्षेपों को रोकना था। उनका मानना है कि निगम निर्माण की कार्यवाही ने कंपनियों को 'बेखौफ श्रम की लूट और मनमानी का रास्ता' प्रशस्त किया है। *श्रम संहिताएं और 'कॉर्पोरेट राज'* कामरेड विद्रोही ने मोदी सरकार की श्रम संहिताओं की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन संहिताओं ने नौकरी के जरिए बेहतर जीवन के सपने को ध्वस्त कर दिया है और देश की समूची प्रतिभा तथा श्रम शक्ति को पूंजीपतियों के चरणों में गुलामी के लिए फेंक दिया है। सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और अनगिनत कुर्बानियों से हासिल अधिकारों को मोदी सरकार ने 'एक झटके में छीन लिया'। उन्होंने विशेष रूप से 12 घंटे काम के कानून को महिला कामगारों के लिए 'एक त्रासदी' बताया। *संघर्ष का आह्वान* विद्रोही ने सरकार की इन 'काली नीतियों' को समझने और एक बड़े निर्णायक संघर्ष के लिए आउटसोर्सिंग, संविदा कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षा संस्थानों में शिक्षारत नौजवानों को साझा मोर्चा बनाकर 'कॉर्पोरेट राज' को पराजित करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि यदि 1076 हेल्प लाइन की महिला कर्मचारियों के सवाल को सरकार नहीं सुन रही है, तो प्रदेश की जनता को सुनना चाहिए।
"आउटसोर्सिंग या शोषण का नया नाम? 1076 की महिला कर्मचारियों का दर्द बना प्रदेश का कलंक" *"1076 हेल्पलाइन: मदद करने वाले हाथ ही आज मदद को मजबूर!"* *"कंपनी राज की भेंट चढ़ा महिला सम्मान: ऐक्टू का सरकार के 'दमनात्मक' रवैये पर तीखा हमला"* रायबरेली l उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ हुए कथित दमनात्मक व्यवहार ने एक बार फिर सरकार की आउटसोर्सिंग नीतियों और श्रम संहिताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) के प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'सरकार के कर्मचारी विरोधी चरित्र और कंपनी राज का नमूना' बताया है। *सड़कों पर घसीटी गईं महिला कर्मचारी* लखनऊ की सड़कों पर 1076 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन की महिला कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए जूझते, घिसटते और मदद की गुहार लगाते देखा गया। यह घटना सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग निगम बनाने की कवायद और मोदी सरकार की चार श्रम संहिताओं की असलियत को उजागर करती है। विजय विद्रोही ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी पुलिस महकमे की हेल्प लाइन 112 में काम करने वाली युवतियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया गया था, और उन्हें भी सड़कों पर घसीटा गया था। *आउटसोर्सिंग के नाम पर शोषण* विद्रोही के अनुसार, नौकरी के नाम पर आउटसोर्सिंग के जरिए नियोजन में लाखों रुपये की वसूली की जाती है। बेलगाम कंपनियां मनमानी करती हैं, दुर्व्यवहार करती हैं, कई महीनों तक वेतन नहीं देतीं, और भुगतान पर भी कमीशन लेती हैं। असीमित काम के बोझ ने उच्च शिक्षित युवक-युवतियों का जीवन नर्क बना दिया है। सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनकी सेवाओं की निरंतरता समाप्त कर हर दिन उन्हें 'बेमौत मारा जा रहा है'।प्रदेश में 8 लाख से अधिक कर्मचारी आउटसोर्सिंग के जरिए विभिन्न राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में पीजीआई, राम मनोहर लोहिया सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में 60% से अधिक नर्सेज, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारी ऐसी ही कार्य दशा में काम कर रहे हैं। आज भी प्रदेश में लाखों ऐसे कर्मचारी हैं जिनके 6 माह से अधिक समय तक के वेतन बकाया हैं। *आउटसोर्सिंग निगम: कंपनियों को लूट का रास्ता?* लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों का स्थायीकरण करने के बजाय, सरकार ने 'कंपनी राज' को मजबूत करने के लिए 1 मार्च 2025 को विधानसभा में आउटसोर्सिंग निगम बनाने का प्रस्ताव पारित किया। सरकार ने दावा किया कि यह निगम कंपनियों पर लगाम लगाएगा और कर्मचारियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करेगा। हालांकि, विद्रोही का आरोप है कि इस निगम का असली मकसद कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण, सामाजिक सुरक्षा और अबाध सेवा शर्तों के लिए किए जाने वाले आंदोलनों और अदालती हस्तक्षेपों को रोकना था। उनका मानना है कि निगम निर्माण की कार्यवाही ने कंपनियों को 'बेखौफ श्रम की लूट और मनमानी का रास्ता' प्रशस्त किया है। *श्रम संहिताएं और 'कॉर्पोरेट राज'* कामरेड विद्रोही ने मोदी सरकार की श्रम संहिताओं की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन संहिताओं ने नौकरी के जरिए बेहतर जीवन के सपने को ध्वस्त कर दिया है और देश की समूची प्रतिभा तथा श्रम शक्ति को पूंजीपतियों के चरणों में गुलामी के लिए फेंक दिया है। सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और अनगिनत कुर्बानियों से हासिल अधिकारों को मोदी सरकार ने 'एक झटके में छीन लिया'। उन्होंने विशेष रूप से 12 घंटे काम के कानून को महिला कामगारों के लिए 'एक त्रासदी' बताया। *संघर्ष का आह्वान* विद्रोही ने सरकार की इन 'काली नीतियों' को समझने और एक बड़े निर्णायक संघर्ष के लिए आउटसोर्सिंग, संविदा कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षा संस्थानों में शिक्षारत नौजवानों को साझा मोर्चा बनाकर 'कॉर्पोरेट राज' को पराजित करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि यदि 1076 हेल्प लाइन की महिला कर्मचारियों के सवाल को सरकार नहीं सुन रही है, तो प्रदेश की जनता को सुनना चाहिए।
- दिनांक 03/04/2026 को जिला पंचायत ऊंचाहार तृतीय क्षेत्र #viral #reels #trending #instagood #fyp #ucr #rbl #viral #reels #trending --------------*****--------- #up #viral #reels #trending #newpost #PetCelebration #fishfryfriday #fridayevent #fridaynightout #friday #fridayvibes #swadisht #foodlover #localeats #localfood #foodie #goodvibes #fridayfun #fridaynightevent #foodevent1
- ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार की सुबह जब मृतक का शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घटना का विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेवादा गांव निवासी संतोष सरोज (40) मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गुरुवार की देर शाम वह बाबूगंज से काम खत्म कर अपनी साइकिल से घर लौट रहा था। जैसे ही वह गांव के पास स्थित बाईपास पर पहुंचा, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि संतोष सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान तोड़ा दम स्थानीय लोगों की मदद से घायल संतोष को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में भी सुधार न होने पर उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का बुरा हाल संतोष अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसकी मौत के बाद पत्नी फूलनदेवी और बच्चों—प्रांशु, नयन और पलक—का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुँचते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। पुलिस की कार्यवाही इस संबंध में ऊँचाहार कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिलने के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।1
- हैदरगढ़ बाराबंकी। शाम को हुई भीषण ओलावृष्टि बरसात से किसान हुए तबाह वहीं पर गौशालाओं में खुले में आसमान के नीचे गौवंसों का क्या हाल होगा यह आप कल्पना करिए यह सोचना आप सभी की जिम्मेदारी है1
- Post by Rakesh Rawat1
- फतेहपुर जनपद के कोतवाली बिंदकी क्षेत्र के अंतर्गत जनता गांव मोड़ के पास सुबह लगभग 10:00 बजे हाई टेंशन लाइन के ट्रांसफार्मर में बिजली के शार्ट सर्किट से जल निगम के पावर मेक प्रोजेक्ट लिमिटेड के अंतर्गत राजधानी प्राइवेट लिमिटेड के स्टोर में आग लग गई। आग लगने से जल निगम के रखे प्लास्टिक के मोटे पाइप जलते हुए आग का गोला बन गए। धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। भयंकर आग लगने पर दूर दराज के लोगों में हड़कंप मच गया। फायर स्टेशन नजदीक होने की वजह से तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचकर आधे घंटे के प्रयास के बाद आग को पूरी तरह काबू पा लिया। तब तक कई लाख रुपए के जल निगम के प्लास्टिक के पाइप जलकर खाक हो गए। हाई टेंशन लाइन के ट्रांसफार्मर में बिजली के शार्ट सर्किट से जनता गांव के विकास अवस्थी के एक बीघा गेहूं की फसल भी जल गई।गनीमत तो यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया नहीं तो हजारों बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो जाती।1
- Post by पुत्ती लाल वर्मा रिपोर्टर1
- दिनांक 03/04/2026 को जिला पंचायत ऊंचाहार तृतीय क्षेत्र #viral #reels #trending #instagood #fyp #ucr #rbl #viral #reels #trending --------------*****--------- #up #viral #reels #trending #newpost #PetCelebration #fishfryfriday #fridayevent #fridaynightout #friday #fridayvibes #swadisht #foodlover #localeats #localfood #foodie #goodvibes #fridayfun #fridaynightevent #foodevent1
- ऊंचाहार/रायबरेली:कांग्रेस प्रदेश सचिव एवं पूर्व प्रत्याशी अतुल सिंह ने विधानसभा ऊंचाहार का नाम रोशन करने वाले ऊंचाहार ब्लॉक के पूरे राठौर निवासी श्री भानू प्रताप सिंह जी की पुत्री शिवानी सिंह का यूपीपीसीएस में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर चयन,जगतपुर ब्लॉक के मतीपुरवा निवासी श्री राजेश सिंह भदौरिया के पुत्र अभिषेक प्रताप सिंह का यूपीपीसीएस में डिप्टी जेलर पद पर चयन व डलमऊ के सहमदा निवासी संतोष बाजपेयी की पुत्री आकांक्षा बाजपेयी का यूपीपीसीएस में तहसीलदार पद पर चयन होने पर घर पहुंचकर सम्मानित किया एवं बधाई दी।श्री सिंह ने कहा कि तीनो प्रतिभागियों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में चयन होने से ऊंचाहार विधानसभा का नाम रोशन किया है,आपकी इस उपलब्धि ने न केवल आपके परिवार का, बल्कि हमारे पूरे ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है।आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला सचिव शैलेन्द्र सिंह,राकेश सिंह भदौरिया,गजेन्द्र सिंह,राम दत्त पांडेय,राकेश यादव,अभय सिंह,राजू सिंह,विनोद बाजपेयी,राजेश सिंह,राघवेंद सिंह,सुनील द्विवेदी,प्रकाश सिंह,गोलू अग्रहरि,देवेंद्र सिंह चौहान,लाखन सिंह,अनिल सिंह,सुशील बाजपेयी,रमेश मौर्य,रवि सिंह,रमेश यादव आदि लोग उपस्थित थे।1
- फतेहपुर जनपद के औंग थाना क्षेत्र के औंग कस्बे के प्रयागराज कानपुर नेशनल हाईवे ओवर ब्रिज पर तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक ब्रेक मार दिया।जिससे पीछे से आ रहा ट्रेलर अनियंत्रित होकर टकरा गया।जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। केबिन में फंसे चालक को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।घायल चालक को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा।1