कंजिया के लोगों ने कहा 7 बार जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा समाधान, ग्रामीणों का आरोप 3 करोड़ की पानी की टंकी डूब क्षेत्र में बना दी समाचार महत्वपूर्ण 1 फोटो 2 कंजिया के लोगों ने कहा 7 बार जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा समाधान, ग्रामीणों का आरोप 3 करोड़ की पानी की टंकी डूब क्षेत्र में बना दी बीना :-बीना के एसडीएम कार्यालय के सभागार में मंगलवार को नायब तहसीलदार हेमराज मेहर की उपस्थिति में जनसुनवाई आयोजित हुई। जनसुनवाई में 12 लोगों ने मांग और शिकायत के आवेदन दिए। कंजिया ग्राम पंचायत के लोगों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कहा कि डूब क्षेत्र में 3 करोड़ की पानी की टंकी बना दी गई। कंजिया ग्राम पंचायत के उपसरपंच शहजाद हुसैन ने बताया कि पीएचई विभाग ने हर घर नल से जल योजना के तहत पंचायत में ढाई से 3 करोड़ रुपए की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते टंकी को डूब क्षेत्र में बना दिया गया। उस समय ग्रामीणों ने इसका पुरजोर तरीके से विरोध भी किया था, लेकिन किसी ने नहीं सुना। उन्होंने बताया कि 2021 में पानी की टंकी का काम शुरू हुआ था और 2024 में टंकी का निर्माण पूरा हुआ। टेस्टिंग में यह बात सामने आई कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र के केवल 20 प्रतिशत लोगों को ही पानी मिल सकता है। शेष 80 प्रतिशत लोग आज भी पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7 बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन शासन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने चेतवानी दी है कि अगर 7 दिन के अंदर समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही पंचायत से जुड़ी अन्य सात मांगों को लेकर भी आवेदन दिया है।
कंजिया के लोगों ने कहा 7 बार जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा समाधान, ग्रामीणों का आरोप 3 करोड़ की पानी की टंकी डूब क्षेत्र में बना दी समाचार महत्वपूर्ण 1 फोटो 2 कंजिया के लोगों ने कहा 7 बार जनसुनवाई में आवेदन देने के बाद भी समस्या का नहीं हो रहा समाधान, ग्रामीणों का आरोप 3 करोड़ की पानी की टंकी डूब क्षेत्र में बना दी बीना :-बीना के एसडीएम कार्यालय के सभागार में मंगलवार को नायब तहसीलदार हेमराज मेहर की उपस्थिति में जनसुनवाई आयोजित हुई। जनसुनवाई में 12 लोगों ने मांग और शिकायत के आवेदन दिए। कंजिया ग्राम पंचायत के लोगों ने जनसुनवाई में पहुंचकर कहा कि डूब क्षेत्र में 3 करोड़ की पानी की टंकी बना दी गई। कंजिया ग्राम पंचायत के उपसरपंच शहजाद हुसैन ने बताया कि पीएचई विभाग ने हर घर नल से जल योजना के तहत पंचायत में ढाई से 3 करोड़ रुपए की लागत से पानी
की टंकी का निर्माण कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते टंकी को डूब क्षेत्र में बना दिया गया। उस समय ग्रामीणों ने इसका पुरजोर तरीके से विरोध भी किया था, लेकिन किसी ने नहीं सुना। उन्होंने बताया कि 2021 में पानी की टंकी का काम शुरू हुआ था और 2024 में टंकी का निर्माण पूरा हुआ। टेस्टिंग में यह बात सामने आई कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र के केवल 20 प्रतिशत लोगों को ही पानी मिल सकता है। शेष 80 प्रतिशत लोग आज भी पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7 बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन शासन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने चेतवानी दी है कि अगर 7 दिन के अंदर समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही पंचायत से जुड़ी अन्य सात मांगों को लेकर भी आवेदन दिया है।
- ट्रेन से टकराकर मां और दो मासूम की मौतः ललितपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला तीनों का शव,हादसा या आत्महत्या? जांच जारी ट्रेन से टकराकर मां और दो मासूम की मौतः ललितपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला तीनों का शव,हादसा या आत्महत्या? जांच जारी ललितपुर सदर क्षेत्राधिकारी1
- *प्रेस विज्ञप्ति* *दिनांक : 28 जुलाई 2026* *जिला : विदिशा* *स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए सिरोंज पुलिस की अनूठी पहल* *'नशा मुक्ति 2.0', साइबर सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर विद्यार्थियों को किया जागरूक* पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका तिवारी एवं एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में थाना सिरोंज एवं यातायात पुलिस द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरस्वती शिशु मंदिर एवं इकरा पब्लिक स्कूल में संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम थाना प्रभारी श्री गजेंद्र बुंदेला एवं यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराधों से बचाव तथा सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और अनुशासित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। *नशा मुक्ति का संदेश:* विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बताया गया कि तंबाकू, गुटखा एवं अन्य नशीले पदार्थ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं तथा कम उम्र में नशे की लत शिक्षा, करियर और पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है। सभी विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। *साइबर सुरक्षा के प्रति किया सतर्क:* डिजिटल माध्यमों पर होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के लिए विद्यार्थियों को ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी एवं व्यक्तिगत जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, संदिग्ध लिंक से बचने तथा किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। *यातायात नियमों की दी जानकारी:* बच्चों को सड़क सुरक्षित तरीके से पार करने, पैदल चलते समय सावधानी रखने, स्कूल बस में अनुशासन बनाए रखने तथा यातायात नियमों का पालन करने के महत्व से अवगत कराया गया। इस दौरान राह-वीर योजना, कैशलेस उपचार योजना एवं हिट एंड रन प्रतिकर योजना जैसी जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। *अधिकारियों का संदेश:* इस अवसर पर एसडीओपी श्रीमती सोनू डाबर, थाना प्रभारी श्री गजेंद्र बुंदेला एवं यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने कहा कि "आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है। बच्चों को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना, साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना तथा सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सिखाना समाज और पुलिस की साझा जिम्मेदारी है। विदिशा पुलिस सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।" *विदिशा पुलिस की आमजन से अपील:* "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत विदिशा पुलिस आमजन से अपील करती है कि नशे के अवैध कारोबार से संबंधित कोई भी गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस, नशे की शिकायत हेतु हेल्पलाइन नंबर 7587637635 अथवा डायल-112 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। नशा मुक्त एवं सुरक्षित समाज के निर्माण में आमजन की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।1
- हनुमान मंदिर के रास्ते में जल जमाव, श्रद्धालु आने जाने में हो रहे परेशान लेडियापुरा मोहल्ले में मुख्य सड़क ही खराब है। यहां हनुमान मंदिर के रास्ते में जल जमाव की समस्या बनी हुई है। इस कारण श्रद्धालुओ को आने जाने में परेशान होना पड़ रहा है।1
- सिरोंज क्षेत्र में बच्चों के साथ तेंदुआ आ गया है प्राणी तेंदुआ आ गया है। इसके साथ बच्चा भी है। इस कारण जान माल की सुरक्षा हेतु कोई भी व्यक्ति जंगल में ना जाए और ना ही अपनी गाय, भैंस, बकरी आदि मवेसी को जंगल में ना जाने देवे। यदि किसी भी व्यक्ति को अपने खेतों पर जाना है तो अकेले ना जाएं। किसी व्यक्ति या ग्रामीण जन को उक्त वन्य प्राणी दिखाई दे तो इसकी सूचना पास के वन अधिकारी को या निम्न दिए गए मोबाइल नंबर में सूचित कर देवे। मोबाइल नंबर नंबर एक 9424790992 दूसरा नंबर 9977389702 तीसरा नंबर 9826933422 आदेश अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी तिरोद। जय हिंद। #सिरोंज_तेंदुआ सिरोंज क्षेत्र में बच्चों के साथ तेंदुआ आ गया है प्राणी तेंदुआ आ गया है। इसके साथ बच्चा भी है। इस कारण जान माल की सुरक्षा हेतु कोई भी व्यक्ति जंगल में ना जाए और ना ही अपनी गाय, भैंस, बकरी आदि मवेसी को जंगल में ना जाने देवे। यदि किसी भी व्यक्ति को अपने खेतों पर जाना है तो अकेले ना जाएं। किसी व्यक्ति या ग्रामीण जन को उक्त वन्य प्राणी दिखाई दे तो इसकी सूचना पास के वन अधिकारी को या निम्न दिए गए मोबाइल नंबर में सूचित कर देवे। मोबाइल नंबर नंबर एक 9424790992 दूसरा नंबर 9977389702 तीसरा नंबर 9826933422 आदेश अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी तिरोद। जय हिंद। #सिरोंज_तेंदुआ1
- वन विभाग की बड़ी कार्रवाई : खैर की अवैध लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी, वाहन सहित लकड़ी सीज रात में हुई कार्रवाई से अवैध कटान और लकड़ी परिवहन से जुड़े लोगों में हड़कंप,पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ी पकड़े जाने की चर्चा इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र' ललितपुर। जनपद के मड़ावरा क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध रूप से काटी गई बहुमूल्य खैर की लकड़ी के परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर सीज कर दिया। वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगलों में अवैध कटान करने वाले लोगों और लकड़ी के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने जब्त वाहन और लकड़ी को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोंरई-जलंधर वन रेंज क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से खैर की लकड़ी के परिवहन की सूचनाएं वन विभाग को मिल रही थीं। इसी क्रम में विभाग को गुप्त सूचना मिली कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में खैर की अवैध लकड़ी ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मड़ावरा के क्षेत्रीय वन अधिकारी ने अपनी टीम के साथ मंगलवार रात करीब 9 बजे अभियान चलाया। वन विभाग की टीम ने संदिग्ध महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर उसकी जांच की। जांच के दौरान ट्रॉली में बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद हुई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार लकड़ी अवैध रूप से काटे गए खैर के लगभग 14 से 15 पेड़ों की बताई जा रही है। खैर की लकड़ी को वन विभाग ने बहुमूल्य वन संपदा की श्रेणी में रखते हुए तत्काल कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम को देखकर मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि संबंधित लोग मौके से निकल गए। इसके बाद वन विभाग ने बिना देरी किए ट्रैक्टर-ट्रॉली और उसमें लदी लकड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त वाहन और लकड़ी को मड़ावरा स्थित क्षेत्रीय वन अधिकारी कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। लकड़ी के स्रोत और कटान स्थल की जांच जारी वन विभाग अब इस पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। विभाग द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि खैर की लकड़ी किस स्थान से काटी गई, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इस अवैध गतिविधि में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ वन अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ी पकड़े जाने की चर्चा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली को वर्तमान कार्रवाई में पकड़ा गया है, उसके मालिक के वाहन से पूर्व में भी प्रतिबंधित लकड़ी बरामद होने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि उस मामले में विभाग द्वारा करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि इस संबंध में विभागीय स्तर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। जब्त वाहन छुड़ाने के प्रयासों की रही चर्चा वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के बाद कुछ स्थानीय लोगों द्वारा जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को छुड़ाने के प्रयास किए जाने की चर्चा रही। हालांकि वन विभाग ने नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रखते हुए वाहन और लकड़ी को अपने कब्जे में रखा। वन विभाग की इस कार्रवाई को अवैध लकड़ी कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्षेत्र में लगातार हो रहे वन संपदा के नुकसान को देखते हुए विभाग ने अवैध कटान और लकड़ी परिवहन के खिलाफ अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा और वन संपदा को बचाने के लिए निगरानी लगातार जारी रहेगी। अवैध कटान या तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- महरौनी तहसील के ग्राम किसरदा में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध खनन का आरोप, रात में जेसीबी और ट्रैक्टर से हो रहा खनन महरौनी तहसील के ग्राम किसरदा में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध खनन का आरोप, रात में जेसीबी और ट्रैक्टर से हो रहा खनन महरौनी, ललितपुर। महरौनी तहसील के ग्राम किसरदा में ग्राम सभा की भूमि पर कथित रूप से लगातार अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से ग्राम सभा की जमीन से मिट्टी का अवैध खनन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से रात के समय खुलेआम खनन का कार्य जारी है। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग, खनिज विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम सभा की सरकारी भूमि को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जबकि ग्राम प्रधान, लेखपाल और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ग्राम सभा की भूमि को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, खनन में प्रयुक्त जेसीबी और ट्रैक्टरों को जब्त करने तथा सरकारी भूमि को सुरक्षित कराने की मांग की है।3
- असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर, हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर1