प्रयागराज की संगम नगरी में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के बाहर अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की चेयरमैन द्वारा एक "नियम विरोधी काला कानून" पारित किया गया है। इस नए प्रावधान के तहत, सरकारी मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ बनाई गई है, जबकि जनता के मुकदमों के लिए केवल एक सिंगल जज ही सुनवाई करेगा, जिसे अधिवक्ताओं ने भेदभावपूर्ण बताया है। पूर्व महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि सरकारी और जनता के मुकदमों में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कदम से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गरिमा गिरी है और इसकी स्थिति कमिश्नर कोर्ट से भी नीचे हो गई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व उपाध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता वी.सी. श्रीवास्तव, पूर्व संयुक्त महिला सचिव रेखा सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह, अधिवक्ता अम्बुज श्रीवास्तव, अधिवक्ता मनोज पांडेय, अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह "काला कानून" वापस नहीं लिया जाता है, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकारी और जनता के मुकदमों में इस भेदभाव को देखते हुए अधिवक्तागण हड़ताल पर चले गए हैं।
प्रयागराज की संगम नगरी में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के बाहर अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की चेयरमैन द्वारा एक "नियम विरोधी काला कानून" पारित किया गया है। इस नए प्रावधान के तहत, सरकारी मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ बनाई गई है, जबकि जनता के मुकदमों के लिए केवल एक सिंगल जज ही
सुनवाई करेगा, जिसे अधिवक्ताओं ने भेदभावपूर्ण बताया है। पूर्व महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि सरकारी और जनता के मुकदमों में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कदम से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गरिमा गिरी है और इसकी स्थिति कमिश्नर कोर्ट से भी नीचे हो गई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व उपाध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता
वी.सी. श्रीवास्तव, पूर्व संयुक्त महिला सचिव रेखा सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह, अधिवक्ता अम्बुज श्रीवास्तव, अधिवक्ता मनोज पांडेय, अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह "काला कानून" वापस नहीं लिया जाता है, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकारी और जनता के मुकदमों में इस भेदभाव को देखते हुए अधिवक्तागण हड़ताल पर चले गए हैं।
- प्रयागराज के बहरिया थाना क्षेत्र स्थित खालसा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बारिश के दौरान खेत में उतरे बिजली के करंट की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों की पहचान 29 वर्षीय कमलेश कुमार, पुत्र सीताराम, और 14 वर्षीय अर्पित, पुत्र सुरेंद्र कुमार, के रूप में हुई है, जो आपस में चाचा-भतीजे थे। बताया गया है कि बारिश रुकने के बाद दोनों धान की रोपाई के लिए खेत में गए थे। इसी दौरान, पास के खेत में फसल की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से बिछाए गए बिजली के तार से करंट खेत में उतर आया, जिसकी चपेट में आकर दोनों ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि यह हादसा पड़ोसी खेत में अवैध रूप से दौड़ाए गए बिजली के तार के कारण हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करवाई और मामले की जांच शुरू कर दी। विधायक गीता पासी ने भी मौके पर पहुँचकर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। एसीपी फूलपुर विवेक यादव ने जानकारी दी कि परिजनों की तहरीर के आधार पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जिस व्यक्ति के खेत में बिजली का तार लगाया गया था, उससे पूछताछ की जा रही है, और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।3
- प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में सोमवार देर रात एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ चक रघुनाथ वार्ड नंबर 20 की जमुना नगर गली में सीवर लाइन के लिए खोदे गए एक गड्ढे में बाइक सवार एक युवक गिरकर घायल हो गया। यह हादसा तब हुआ जब ठेकेदार द्वारा गड्ढे के चारों ओर बैरिकेटिंग नहीं की गई थी, जिससे यह खतरनाक बन गया था। इस घटना में नैनी के मेवा लाल की बगिया इलाके में रहने वाले 22 वर्षीय शुभम तिवारी को कई जगह चोटें आई हैं। शुभम नैनी बाजार में एक कपड़े की दुकान में काम करते हैं और देर रात दुकान से घर लौटते समय इस गड्ढे में जा गिरे। इसी तरह, एक दूध बेचने वाला ग्वाला भी साइकिल से इसी गड्ढे में गिरा था। जमुना नगर की यह गली नैनी बाजार, नैनी स्टेशन, मेवा लाल की बगिया और हनुमान नगर जैसे कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ती है। बताया गया है कि बरसात के बाद गड्ढे में पानी भर जाने से यह लोगों के लिए जानलेवा खतरा बन गया है। ठेकेदार की इस तरह की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि गड्ढा खोदने के बाद उसके चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। इससे पहले भी महाकुंभ के दौरान लेप्रोसी रोड पर एक सरकारी गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो चुकी है, जिसके बाद भी ठेकेदार की लापरवाही जारी है। रिहायशी इलाके में इस तरह से खुले गड्ढे छोड़ना बेहद खतरनाक है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई बच्चा इसमें गिर जाए तो उसकी डूबने से मौत भी हो सकती है, जो इस गंभीर स्थिति की भयावहता को दर्शाता है।2
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेलबर्न पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने उनका आत्मीय और उत्साहपूर्ण स्वागत किया, जहाँ उन्होंने पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य का अवलोकन किया। यह भव्य स्वागत इस बात को रेखांकित करता है कि दुनिया के लगभग हर देश में भारतीय समुदाय अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों के माध्यम से भारत की पहचान को सशक्त कर रहा है। इसी कारण, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी विदेश यात्राओं पर हर जगह अपनेपन और गर्व के साथ स्वागत मिलता है।1
- प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र के नरैना गांव स्थित कुशगढ़ मंदिर के पास मंगलवार दोपहर एक दुखद सड़क हादसे में पाँच वर्षीय मासूम बच्ची चाहत की मौत हो गई। एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार, उमरी गांव निवासी राजेश कुमार धैकार अपने रिश्तेदार के घर नरैना गांव आए हुए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे उनकी पांच वर्षीय बेटी चाहत अचानक घर के बाहर से सड़क पर आ गई, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात चार पहिया वाहन ने उसे कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और बच्ची की मां कुसुम देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया है कि राजेश कुमार की छह बेटियां हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी अंजनी (20 वर्ष) की शादी पिछले साल हो चुकी है, जबकि अन्य बेटियों में सीमा (17 वर्ष), निशा (15 वर्ष), निहालिका (12 वर्ष) और मुस्कान (8 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने बच्ची के पिता राजेश कुमार धैकार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है, जिसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है।1
- प्रयागराज के पुलिस कार्यालय में पुलिस उपायुक्त नगर द्वारा एक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की विभिन्न शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना। सभी शिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु, पुलिस उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के कज्जाकपुरा तिराहे पर स्थित एक कंपोजिट शराब ठेके का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में एक युवक आदमपुर थाने की एक पुलिस चौकी के चौकी इंचार्ज की बाइक लेकर ठेके पर पहुँचता है और बीयर खरीदकर उसे बाइक की डिग्गी में रखता है। इस दौरान बाइक की डिग्गी में चौकी इंचार्ज की सर्विस कैप (टोपी) भी साफ दिखाई देती है। सूत्रों के दावे के अनुसार, वीडियो में दिख रहा यह युवक कोनिया इलाके में रहता है और चौकी इंचार्ज के साथ एक पुलिसकर्मी की तरह ही व्यवहार करता है। यह युवक चौकी इंचार्ज की बाइक चलाने से लेकर पुलिस चौकी पर अपनी शिकायतें लेकर आने वाले फरियादियों से भी सीधा संपर्क करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एक निजी व्यक्ति द्वारा चौकी इंचार्ज की सरकारी बाइक का उपयोग कर बीयर खरीदने के इस मामले में पुलिस अधिकारी क्या कदम उठाते हैं, और वाराणसी कमिश्नरेट में आखिर यह कौन पुलिसकर्मी है जो ठेके पर बीयर खरीद रहा है।1
- शामली जिले के कैराना कस्बे में कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई सड़कें जलमग्न हो गईं। वायरल वीडियो में यह स्थिति साफ दिख रही है। मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कैराना के खुरगान मार्ग और मोहल्ला बिसातयान में सड़कें पूरी तरह पानी से भर गईं। इसी दौरान, एक कार तेज बहाव के बीच सड़क पर फंस गई, जिसे स्थानीय लोगों ने मिलकर रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। चौक बाजार में भी जलभराव के बीच एक कार पानी में तैरती हुई नजर आई, जबकि एक मोटरसाइकिल पूरी तरह डूब गई। इमाम गेट, ईदगाह रोड और कई अन्य इलाकों में भी घंटों तक पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर नगरपालिका की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने का कार्य तेजी से जारी है।1