शामली जिले के कैराना कस्बे में कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई सड़कें जलमग्न हो गईं। वायरल वीडियो में यह स्थिति साफ दिख रही है। मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कैराना के खुरगान मार्ग और मोहल्ला बिसातयान में सड़कें पूरी तरह पानी से भर गईं। इसी दौरान, एक कार तेज बहाव के बीच सड़क पर फंस गई, जिसे स्थानीय लोगों ने मिलकर रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। चौक बाजार में भी जलभराव के बीच एक कार पानी में तैरती हुई नजर आई, जबकि एक मोटरसाइकिल पूरी तरह डूब गई। इमाम गेट, ईदगाह रोड और कई अन्य इलाकों में भी घंटों तक पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर नगरपालिका की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने का कार्य तेजी से जारी है।
शामली जिले के कैराना कस्बे में कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई सड़कें जलमग्न हो गईं। वायरल वीडियो में यह स्थिति साफ दिख रही है। मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण कैराना के खुरगान मार्ग और मोहल्ला बिसातयान में सड़कें पूरी तरह पानी से भर गईं। इसी दौरान, एक कार तेज बहाव के बीच सड़क पर फंस गई, जिसे स्थानीय लोगों ने मिलकर रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। चौक बाजार में भी जलभराव के बीच एक कार पानी में तैरती हुई नजर आई, जबकि एक मोटरसाइकिल पूरी तरह डूब गई। इमाम गेट, ईदगाह रोड और कई अन्य इलाकों में भी घंटों तक पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर नगरपालिका की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जल निकासी का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने का कार्य तेजी से जारी है।
- संगम नगरी प्रयागराज में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के बाहर अधिवक्ताओं ने हाथों में पोस्टर लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं का आरोप है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की चेयरमैन ने नियमों के विरुद्ध एक 'काला कानून' पारित किया है। इस नए प्रावधान के तहत, सरकारी मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ का गठन किया गया है, जबकि जनता से जुड़े मुकदमों के लिए सिंगल जज ही सुनवाई करेंगे। पूर्व महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इस 'भेदभाव' पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकारी और जनता के मुकदमों में यह अंतर क्यों किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गरिमा गिरी है और इसे कमिश्नर कोर्ट से भी निचले स्तर पर ला दिया गया है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि यह 'काला कानून' वापस नहीं लिया जाता है, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- प्रयागराज की संगम नगरी में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के बाहर अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की चेयरमैन द्वारा एक "नियम विरोधी काला कानून" पारित किया गया है। इस नए प्रावधान के तहत, सरकारी मुकदमों की सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ बनाई गई है, जबकि जनता के मुकदमों के लिए केवल एक सिंगल जज ही सुनवाई करेगा, जिसे अधिवक्ताओं ने भेदभावपूर्ण बताया है। पूर्व महासचिव पंकज कुमार श्रीवास्तव ने इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि सरकारी और जनता के मुकदमों में यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कदम से बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की गरिमा गिरी है और इसकी स्थिति कमिश्नर कोर्ट से भी नीचे हो गई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व उपाध्यक्ष हरीश चंद्र सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता वी.सी. श्रीवास्तव, पूर्व संयुक्त महिला सचिव रेखा सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह, अधिवक्ता अम्बुज श्रीवास्तव, अधिवक्ता मनोज पांडेय, अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह "काला कानून" वापस नहीं लिया जाता है, तो वे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सरकारी और जनता के मुकदमों में इस भेदभाव को देखते हुए अधिवक्तागण हड़ताल पर चले गए हैं।3
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद दक्षिण मध्य रेलवे ने नंदीग्राम एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी बर्थ को "सुहागरात" की तरह सजाने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। जांच के दौरान यह पता चला कि यह वीडियो 6 जुलाई का है, जब एक दंपति ने फर्स्ट एसी कूपे बुक किया था और उन्होंने ही सजावट के लिए एक निजी ऑनलाइन डेकोरेटर को ट्रेन में बुलाया था। इस मामले में रेलवे ने अपनी ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकर (टीटीई) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, बिना टिकट ट्रेन में प्रवेश कर सजावट का काम करने वाले निजी डेकोरेटर के खिलाफ भी रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। इस पूरे प्रकरण की विभागीय जांच अभी जारी है।1
- समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। सपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पत्थर गिरिजाघर क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन करते हुए भाजपा सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। विरोध-प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रयागराज के जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और उन्हें तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई है। उपस्थित नेताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।1
- प्रयागराज के नैनी स्थित चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ बच्चों के इलाज के लिए नियुक्त डॉक्टर कथित तौर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति का उपचार कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि गलत इलाज के कारण ही वृद्ध की मौत हो गई, जिससे परिवार में गहरा असंतोष व्याप्त है। इस घटना के संबंध में परिजनों द्वारा प्रयागराज के जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखित सूचना दी जा चुकी है, जिसमें मामले की जांच की मांग की गई है। हालांकि, इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि अधिकारी इस शिकायत की जांच करेंगे या इसे नज़रअंदाज़ कर कूड़ेदान में फेंक देंगे।1
- राजस्थान के जयपुर स्थित एक गोदाम पर खाद्य विभाग की केंद्रीय टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान टीम ने वहाँ रखी 'Red Bull Energy' नाम की एनर्जी ड्रिंक की कुल 53,256 बोतलें सीज कर लीं और उनके सैंपल भी जाँच के लिए ले लिए हैं। यह कार्रवाई मुख्य रूप से Red Bull के कैन पर लिखी टैगलाइन "Energy Drink, VITALIZES BODY and MIND" को लेकर की गई है। FSSAI के नियमों के तहत इस तरह के दावे को भ्रामक प्रचार माना जा रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।1
- इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से एक दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया है, जहाँ अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान एक बाघ तेज़ बहाव में फँस गया। इस दौरान एक सुमात्रा हाथी उस बाघ को बचाने की कोशिश करता दिखाई दिया। इस बेहद भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जो यह दर्शाता है कि इंसानों की तरह जानवरों में भी संवेदनाएँ और एक-दूसरे की मदद करने की भावना देखने को मिलती है। यह प्रकृति का एक दुर्लभ और भावुक दृश्य है।1
- प्रयागराज के पुरानी झूंसी में भू-माफिया तुफैल अहमद उर्फ मन्ने काने और उसके गुर्गों ने पुलिस से शिकायत करने वाले एक पीड़ित परिवार पर फिर से जानलेवा हमला किया है। पीड़ित परिवार ने बताया कि कल शाम गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई थी, और आज भू-माफिया, जिसमें उसके पुत्र उबैद, भाई अप्पी और भतीजे शादाब व सैफ शामिल थे, ने मिलकर परिवार के सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की। हमलावरों ने पीड़ित परिवार को धमकाते हुए कहा कि पुलिस के पास जाने के कारण अब उनके हाथ-पैर सलामत नहीं रहेंगे और उन्हें रोज़ मारा जाएगा। जब पीड़ित पक्ष ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने उनका मोबाइल छीन लिया और परिवार के सदस्यों, यहाँ तक कि बीच-बचाव करने आईं महिलाओं के साथ भी मारपीट की। आरोप है कि तुफैल अहमद उर्फ मन्ने काने एक सक्रिय अपराधी है जिसकी पुलिस द्वारा हर हफ्ते निगरानी की जाती है, इसके बावजूद उसकी दबंगई जारी है और उसने आसपास के कई परिवारों का जीना हराम कर रखा है तथा उनकी ज़मीन पर कब्ज़ा करना चाहता है।1