*विद्यालय स्थापना के 50 वर्ष बाद भी नहीं हुआ कायाकल्प, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे।* समस्तीपुर। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर नगर निगम क्षेत्र वार्ड संख्या 11 स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मणिपुर की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। करीब 50 वर्ष पूर्व स्थापित इस विद्यालय में आज भी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे यहां पढ़ने वाले लगभग 400 छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इनमें अधिकांश संख्या छात्राओं की है। विद्यालय में अब तक न तो नया भवन बन सका है और न ही पुराने जर्जर भवन का कोई समुचित रखरखाव किया गया है। वर्तमान में यहां केवल चार कक्ष उपलब्ध हैं, जबकि कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में चार कक्षाओं को कमरों में और शेष चार कक्षाओं को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराई जाती है। बरामदे में पढ़ने वाले बच्चों को धूप, बारिश और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति और कक्षाओं की कमी को लेकर कई बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि बरामदे में एक साथ दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है, जहां ब्लैकबोर्ड तक की सुविधा नहीं है। विद्यालय में न तो समुचित कार्यालय कक्ष है और न ही स्टोर रूम। मिड-डे मील के लिए बना किचन शेड भी अंधकारमय और असुरक्षित है, जहां लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जाता है। अंधेरे के कारण भोजन में जहरीले कीड़े-मकोड़े गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इधर, वार्ड संख्या 11 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि पंकज कुमार साह ने भी इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय विधायक, सांसद और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी ने संज्ञान लेना उचित नहीं समझा। वही विधायक और संसद में सिर्फ आश्वासन ही दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ऐसे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के भवन निर्माण एवं सुधार कार्य को प्राथमिकता दें। मौके पर पप्पू कुमार राम बहादुर कुमार रंजीत कुमार विपिन कुमार जगदीप कुमार उमेश कुमार श्री नारायण महतो परमजीत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे
*विद्यालय स्थापना के 50 वर्ष बाद भी नहीं हुआ कायाकल्प, जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे।* समस्तीपुर। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर नगर निगम क्षेत्र वार्ड संख्या 11 स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मणिपुर की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। करीब 50 वर्ष पूर्व स्थापित इस विद्यालय में आज भी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे यहां पढ़ने वाले लगभग 400 छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इनमें अधिकांश संख्या छात्राओं की है। विद्यालय में अब तक न तो नया भवन बन सका है और न ही पुराने जर्जर भवन का कोई समुचित रखरखाव किया गया है। वर्तमान में यहां केवल चार कक्ष उपलब्ध हैं, जबकि कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में चार कक्षाओं को कमरों में और शेष चार कक्षाओं को बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराई जाती है। बरामदे में पढ़ने वाले बच्चों को धूप, बारिश और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति और कक्षाओं की कमी को लेकर कई बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि बरामदे में एक साथ दो-दो कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है, जहां ब्लैकबोर्ड तक की सुविधा नहीं है। विद्यालय में न तो समुचित कार्यालय कक्ष है और न ही स्टोर रूम। मिड-डे मील के लिए बना किचन शेड भी अंधकारमय और असुरक्षित है, जहां लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जाता है। अंधेरे के कारण भोजन में जहरीले कीड़े-मकोड़े गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इधर, वार्ड संख्या 11 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि पंकज कुमार साह ने भी इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय विधायक, सांसद और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी ने संज्ञान लेना उचित नहीं समझा। वही विधायक और संसद में सिर्फ आश्वासन ही दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ऐसे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के भवन निर्माण एवं सुधार कार्य को प्राथमिकता दें। मौके पर पप्पू कुमार राम बहादुर कुमार रंजीत कुमार विपिन कुमार जगदीप कुमार उमेश कुमार श्री नारायण महतो परमजीत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे
- Kaushar ale Kaushar aleBhabua, Kaimur (Bhabua)👏1 day ago
- Post by Arvind Kumar News 7 Samastipur1
- समस्तीपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बाधी गांव में एक युवक का हथियार के साथ वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक खुलेआम हथियार लहराते नजर आ रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। हालांकि वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। #Samastipur #BiharNews #ViralVideo #CrimeNews #WeaponViral #Karpurigram #BreakingNews #Trending #LocalNews #PoliceInvestigation #IllegalArms #BiharPolice #NewsUpdate #Alert वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।1
- कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के बागी गांव में किसान रामचंद्र सिंह की हत्या के बाद में गुरुवार को उनके पुत्र के दिल्ली से लौटने पर गुरुवार की शाम उनका अंतिम संस्कार किया गया है।1
- uufd king kingf Hudson jobs certificate Cassie nkodfbkkfdd hhdsdhj Java junk hung hhhfg ddh nhi1
- लखनऊ में दिल दहला देने वाला मंजर #ईलमासनगरटुडे1
- दरभंगा के लहेरियासराय स्थित नगर निगम की जमीन पर वर्षों से संचालित भारत पेट्रोल पंप अब सवालों के घेरे में आ गया है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद राकेश रोशन चौधरी उर्फ बिट्टू जी ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षद ने बताया कि वे पहली बार जनता के मत से निर्वाचित हुए हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई नगर निगम की बैठकों में इस पेट्रोल पंप के किराये या लीज को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वयं पंप संचालक से जानकारी ली तो पता चला कि कंपनी द्वारा नगर निगम को मात्र ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाता है। पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हाल ही में हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े एरिया में चल रहे पेट्रोल पंप का किराया आखिर इतना कम क्यों है और यह राशि कहां जमा होती है। हालांकि, उन्हें इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि लहेरियासराय में छोटी-छोटी दुकानों का किराया ही 10 से 12 हजार रुपये तक है, जबकि इतने बड़े भूखंड पर चल रहे पेट्रोल पंप का किराया केवल ₹10,000 होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल पंप नगर निगम की जमीन पर लीज के आधार पर लिया गया था। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर निगम के राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।के घेरे में आ गया है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद राकेश रोशन चौधरी उर्फ बिट्टू जी ने इस मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षद ने बताया कि वे पहली बार जनता के मत से निर्वाचित हुए हैं और पिछले तीन वर्षों के दौरान हुई नगर निगम की बैठकों में इस पेट्रोल पंप के किराये या लीज को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने स्वयं पंप संचालक से जानकारी ली तो पता चला कि कंपनी द्वारा नगर निगम को मात्र ₹10,000 प्रतिमाह दिया जाता है। पार्षद ने इसे जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए हाल ही में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े एरिया में चल रहे पेट्रोल पंप का किराया आखिर इतना कम क्यों है और यह राशि कहां जमा होती है। हालांकि, उन्हें इस पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि लहेरियासराय में छोटी-छोटी दुकानों का किराया ही 10 से 12 हजार रुपये तक है, जबकि इतने बड़े भूखंड पर चल रहे पेट्रोल पंप का किराया केवल ₹10,000 होना गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है। पार्षद ने यह भी जानकारी दी कि पेट्रोल पंप नगर निगम की जमीन पर लीज के आधार पर लिया गया था। ऐसे में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि नगर निगम के राजस्व को हो रहे नुकसान पर रोक लगाई जा सके।1
- Post by DEEPAK KUMAR1
- समस्तीपुर में गैस नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान है। कोई एजेंसी पर भीड़ लगा रहा तो कोई चूल्हे पर खाना बनाने को विवश हैं।2