गरीबी को 'ड्रिबल' कर सपनों के गोल पोस्ट तक पहुँची रायसेन की खुशी -vineet maheshwari 9981322343 मध्य प्रदेश के छोटे से शहर रायसेन की 21 वर्षीय खुशी गहलोत की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं। एक ड्राइवर की बेटी, जिसने धूल भरे मैदानों से अपना सफर शुरू किया था, अब इंडियन वुमेन्स लीग (IWL) के चकाचौंध भरे मैदानों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। संघर्षों से भरा रहा शुरुआती सफर खुशी के लिए फुटबॉल का मैदान चुनना आसान नहीं था। पिता पेशे से ड्राइवर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि खेल के लिए महंगे स्पाइक्ड जूते या विशेष डाइट का खर्च उठाया जा सके। फुटबॉल को अपनी 'लाइफलाइन' मानने वाली खुशी ने हार नहीं मानी। 2017 में स्कूल से शुरुआत करने के बाद, उन्होंने अपनी ट्रेनिंग और किट का खर्च निकालने के लिए डेढ़ साल तक प्राइवेट नौकरी भी की। वह दिन में काम करती थीं और रातों में जी-तोड़ प्रैक्टिस। तेज रफ्तार और दमदार स्टैमिना बनी पहचान सेंट्रल मिडफील्डर के तौर पर खेलने वाली खुशी को उनकी रफ्तार और स्टैमिना के लिए जाना जाता है। लोकल टूर्नामेंट के दौरान स्काउट किए जाने के बाद उन्होंने रीजनल टीम में जगह बनाई। वर्तमान में वह अपनी टीम डीएफए रायसेन का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जिसने पहली बार IWL के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचा है। लक्ष्य अभी बाकी है सीनियर नेशनल चैंपियनशिप पर फोकस करने के लिए खुशी ने हाल ही में अपनी नौकरी छोड़ दी है। वह कहती हैं, "मैदान पर मेरा हर गोल मेरे परिवार और रायसेन के सम्मान के लिए होता है।" आर्थिक चुनौतियां आज भी बरकरार हैं, लेकिन खुशी का हौसला उनके खेल की तरह ही अडिग है। खुशी ने बताया कि 12 नेशनल खेल चुकी है ।
गरीबी को 'ड्रिबल' कर सपनों के गोल पोस्ट तक पहुँची रायसेन की खुशी -vineet maheshwari 9981322343 मध्य प्रदेश के छोटे से शहर रायसेन की 21 वर्षीय खुशी गहलोत की कहानी आज उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों में बड़े सपने देखते हैं। एक ड्राइवर की बेटी, जिसने धूल भरे मैदानों से अपना सफर शुरू किया था, अब इंडियन वुमेन्स लीग (IWL) के चकाचौंध भरे मैदानों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। संघर्षों से भरा रहा शुरुआती सफर खुशी के लिए फुटबॉल का मैदान चुनना आसान नहीं था। पिता पेशे से ड्राइवर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि खेल के लिए महंगे स्पाइक्ड जूते या विशेष डाइट का खर्च उठाया जा सके। फुटबॉल को अपनी 'लाइफलाइन' मानने वाली खुशी ने हार नहीं मानी। 2017 में स्कूल से शुरुआत करने के बाद, उन्होंने अपनी ट्रेनिंग और किट का खर्च निकालने के लिए डेढ़ साल तक प्राइवेट नौकरी भी की। वह दिन में काम करती थीं और रातों में जी-तोड़ प्रैक्टिस। तेज रफ्तार और दमदार स्टैमिना बनी पहचान सेंट्रल मिडफील्डर के तौर पर खेलने वाली खुशी को उनकी रफ्तार और स्टैमिना के लिए जाना जाता है। लोकल टूर्नामेंट के दौरान स्काउट किए जाने के बाद उन्होंने रीजनल टीम में जगह बनाई। वर्तमान में वह अपनी टीम डीएफए रायसेन का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जिसने पहली बार IWL के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचा है। लक्ष्य अभी बाकी है सीनियर नेशनल चैंपियनशिप पर फोकस करने के लिए खुशी ने हाल ही में अपनी नौकरी छोड़ दी है। वह कहती हैं, "मैदान पर मेरा हर गोल मेरे परिवार और रायसेन के सम्मान के लिए होता है।" आर्थिक चुनौतियां आज भी बरकरार हैं, लेकिन खुशी का हौसला उनके खेल की तरह ही अडिग है। खुशी ने बताया कि 12 नेशनल खेल चुकी है ।
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- Post by Prakash Meena1
- मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का बयान किसान समृद्ध होगा, तो प्रदेश और देश भी समृद्ध होगावर्ष 2026 को हमने "किसान कल्याण वर्ष" के लिए समर्पित किया है। एक तरफ हम कृषि में फसलों1
- भोपाल ब्लैकमेलर राजेश तिवारी सरकारी अफसरों को ट्रेप कराने फंसाने की भी लेता था सुपारी अफसर ही अफसर को फंसाने राजेश तिवारी को करते थे उपयोग जेल अफसरों की राजनीति में भी सक्रिय था राजेश तिवारी राजेश तिवारी का जेल की सलाखों में कबूलनामा भोपाल जेल अधीक्षक बनाने, हटाने खूब रचा गया षड्यंत्र महिला जेल अफसर से करवाई गई झूठी FIR महिला जेल अफसर पूर्व जेल अधीक्षक के इशारे पर कर रही थी काम जेल विभाग से जुड़ा राजेश तिवारी वायरल वीडियो में जेल अफसरों की षड्यंत्र की पेशगी अब जेल मुख्यालय DG जेल कर सकते हैं जांच खड़ी, जेल के सींखचों में राजेश तिवारी के कबूलनामे की जांच झूठी शिकायत, षड्यंत्र के तहत साजिश और मुकदमे के पीछे जेल के अफसरों का हो सकता है पर्दाफाश1
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- Post by B N B NEWS MP/CG1
- रायसेन। सागर मार्ग पर स्थित एम.आर. गैस एजेंसी के संचालक की कार्यप्रणाली से त्रस्त उपभोक्ताओं का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। एजेंसी की लगातार बढ़ती मनमानी और अव्यवस्थाओं के विरोध में आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सागर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलते ही सहायक कलेक्टर कुलदीप पटेल और एसडीएम मनीष शर्मा दल-बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेते हुए एजेंसी संचालक मनीष लालवानी को जमकर फटकार लगाई। सहायक कलेक्टर पटेल ने दो टूक शब्दों में कहा कि "उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को एजेंसी का स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड नियमित रूप से जाँचने के सख्त निर्देश दिए हैं।1
- अशोका गार्डन में लल्लू रईस के घर फायरिंग, बेटे इमरान को लगी गोली शहर के कुख्यात बदमाश लल्लू रईस के घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में लल्लू के बेटे इमरान को गोली लगने की जानकारी सामने आई है। हमलावरों ने घर के बाहर पहुंचकर करीब 8 से 10 राउंड फायर किए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। गोली लगने से घायल इमरान को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फायरिंग की इस घटना में शादाब गेट, शाबर मौलाना, गुड्डू स्टेशन और अल्लू परवेज पर गोली चलाने के आरोप लगे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।1
- भोपाल में स्व. ओमप्रकाश श्रीवास्तव ‘भैया जी’ की तृतीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, जरूरतमंदों को कराया गया स्वल्पाहार #highnews #highnewslews1