गुढ़ियारी थाना पुलिस ने अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक व्यक्ति से ब्लैकमेल कर लगभग 2,17,000/- रुपये वसूलने के आरोप में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी एक परिचित महिला ने उसे अपने घर बुलाया था, जहाँ उसने एक अन्य महिला के साथ मिलकर उसे शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया। इसके बाद उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना ली गईं। आरोपियों ने इन फोटो/वीडियो को सोशल मीडिया और परिवारजनों को भेजने की धमकी देकर प्रार्थी को लगातार ब्लैकमेल किया। इस दौरान उन्होंने फोन-पे/यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में लगभग 2,17,000/- रुपये की वसूली की। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 265/2026, धारा 308(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नार्थ ज़ोन श्री मयंक गुर्जर के निर्देश पर गुढ़ियारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल चैट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, फोन-पे/यूपीआई डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण कर पर्याप्त सबूत जुटाए। इसके बाद दोनों महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई। वैधानिक कार्यवाही के उपरांत दोनों आरोपी महिलाओं को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गुढ़ियारी थाना पुलिस ने अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एक व्यक्ति से ब्लैकमेल कर लगभग 2,17,000/- रुपये वसूलने के आरोप में दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी ने थाना गुढ़ियारी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी एक परिचित महिला ने उसे अपने घर बुलाया था, जहाँ उसने एक अन्य महिला के साथ मिलकर उसे शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया। इसके बाद उसकी आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना ली गईं। आरोपियों ने इन फोटो/वीडियो को सोशल मीडिया और परिवारजनों को भेजने की धमकी देकर प्रार्थी को लगातार ब्लैकमेल किया। इस दौरान उन्होंने फोन-पे/यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में लगभग 2,17,000/- रुपये की वसूली की। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 265/2026, धारा 308(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नार्थ ज़ोन श्री मयंक गुर्जर के निर्देश पर गुढ़ियारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल चैट, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, फोन-पे/यूपीआई डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण कर पर्याप्त सबूत जुटाए। इसके बाद दोनों महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई। वैधानिक कार्यवाही के उपरांत दोनों आरोपी महिलाओं को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
- मुंगेली जिले की लोरमी पुलिस ने चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनुपपुर से एक अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला जल जीवन मिशन के तहत रखे गए लगभग 6 लाख रुपये मूल्य के डीआई पाइप की चोरी से संबंधित था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सारे माल को बरामद कर लिया। इस मामले में एक नाबालिग को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है, जबकि चोरी की इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। लोरमी पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।1
- रायगढ़ पुलिस के विशेष अभियान "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत 11 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी हेमा राठिया (35 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। ग्राम कुर्रा निवासी यह आरोपी वर्ष 2015 से शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों से मारपीट करने तथा शासकीय वाहन में तोड़फोड़ करने के मामले में वांछित था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान में थाना लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद यह सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, यह घटना वर्ष 2015 में हुई थी जब आरोपी हेमा राठिया अपने अन्य साथियों के साथ बोलेरो, महिंद्रा मैक्सीमो और मोटरसाइकिलों में सवार होकर लाठी-डंडों एवं लकड़ी की फालियों से लैस होकर एक घटनास्थल पर पहुंचा था। वहां उन्होंने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर रही पुलिस टीम पर हमला किया, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई, पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और शासकीय वाहन में तोड़फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस संबंध में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 152/2015 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका था, लेकिन हेमा राठिया लगातार फरार चल रहा था। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को जैसे ही आरोपी के गांव आने की सूचना मिली, पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हेमा राठिया को उसके गांव पहुंचते ही दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर कहा है कि रायगढ़ पुलिस की नजर हर फरार आरोपी पर है और अपराध कर कानून से बचने की कोशिश करने वालों के लिए जिले में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- Post by Shubham Mishra1
- बेमेतरा जिले के देवरबीजा चौकी अंतर्गत आबादीपारा निवासी रोमन पाण्डेय (36) ने 30 जून 2026 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि 29 जून 2026 की शाम मंदिर की पूजा के बाद वे अन्नपूर्णा कृषि केंद्र देवरबीजा के पास बैठे थे। तभी रात करीब 8:30 बजे कोदवा की तरफ से तेज गति से आ रही एक पिकअप को उन्होंने रोका। वाहन (क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387) के डाले में 5 बछड़े निर्दयतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरे हुए थे, जिन्हें न चारा दिया गया था और न पानी, जिससे वे भूखे-प्यासे शारीरिक पीड़ा और यातना झेल रहे थे। पिकअप के अंदर बैठे चार लोगों से पूछताछ करने पर गौवंश मालिक ने अपना नाम बलराम वर्मा, ग्राम दैहानडीह, थाना सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम बताया। अन्य तीन लोगों ने अपने नाम होम सिंह वर्मा (आमगांव स. लोहारा), घुर सिंह वर्मा और राजेंद्र वर्मा (दोनों ग्राम दैहानडीह स. लोहारा, जिला कबीरधाम से) बताए। ये सभी गौवंश को कत्ल करने के लिए कत्लखाना ले जा रहे थे। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (क) (घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने पर पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव एवं एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल को चौकी स्टाफ के साथ अपराध विवेचना हेतु लगाया गया। विवेचना के दौरान 5 बछड़ों और घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन क्रमांक सीजी-09-जे.टी.-6387 को जब्त किया गया। इस प्रकरण में सभी चारों आरोपी बलराम वर्मा (49, निवासी ग्राम दैहहानडीह), होम सिंह वर्मा (45, निवासी आमगांव), घुर सिंह वर्मा (30, निवासी ग्राम दैहानडीह) और राजेंद्र वर्मा (52, निवासी ग्राम दैहानडीह) को 30 जून 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, प्रधान आरक्षक नंदलाल चतुर्वेदी, नरेंद्र ठाकुर, अवधेश सिंह, आरक्षक मुकेश सिंह, रवि साहू, छोटूराम टेम्बुकर, पुरुषोत्तम पटेल, साबित गोयल और चौकी के समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- चंपा में ‘हमर चांपा स्थल’ की वर्तमान दुर्दशा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है, जिस पर नगरपालिका का ध्यान नहीं जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, नगर का सौंदर्यकरण नकारा नेतृत्व और उदासीन प्रशासन की भेंट चढ़ गया है, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण स्थल उपेक्षा का शिकार हो रहा है।1
- आज दिनांक 30 जून 2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय, रायपुर में एक गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सेवानिवृत्त होने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। यह समारोह पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर आयोजित किया गया था, और इसमें अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राजपत्रित अधिकारी, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले ने सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में पुलिस सेवा को अनुशासन, समर्पण और जनसेवा का सर्वोत्तम माध्यम बताया, साथ ही सेवानिवृत्त कर्मियों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव और योगदान विभाग के लिए सदैव प्रेरणादायी और स्मरणीय रहेंगे। समारोह में सहायक उप निरीक्षक श्री गजाधर सिंह वनसे, प्रधान आरक्षक श्री बालेश्वर दास वैष्णव, श्री रोहित दास सुमेर, श्री सालिक राम वर्मा, श्री राजकुमार पाठक, श्री पुरुषोत्तम लाल साहू, श्री लाल बहादुर भगत, श्री राजेन्द्र पुरी गोस्वामी तथा आरक्षक श्री अनिल कुमार शर्मा और श्री चन्द्रभान भदौरिया को उनकी लंबी, समर्पित और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर, सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और विभाग, वरिष्ठ अधिकारियों एवं सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी सेवानिवृत्त कर्मियों के सुखद, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। इस समारोह में अतिरिक्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर डॉ. अर्चना झा, रक्षित निरीक्षक श्री अनीष सारथी, स्टेनो श्री सुरेश टंडन, मुख्य लिपिक श्री पी.सी.एस. यादव, सहायक उप निरीक्षक श्री दीपक निषाद सहित पुलिस कमिश्नर कार्यालय के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।1
- मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जरेली में पेयजल व्यवस्था के लिए लगाए गए बोर पंप से मोटर पंप, केबल वायर और प्लास्टिक पाइप चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने आरोपी योगेश साहू और निखिल सिगरौल से चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जिसे संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ मुंगेली पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत से 16 वर्ष 11 माह की एक नाबालिग बालिका अपने घर से बिना बताए लापता हो गई है। परिजनों ने मंगलवार को बिल्हा थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है। गुमशुदा बालिका के 26 वर्षीय भाई ने मंगलवार दोपहर 1:40 बजे थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि वह बिल्हा थाना क्षेत्र के ही एक ग्राम पंचायत में रहता है और सिलपहरी स्टील प्लांट में फिटर का काम करता है। उसकी सबसे छोटी बहन, जिसकी उम्र 16 वर्ष 11 माह है, ने कक्षा 10वीं तक पढ़ाई के बाद छोड़ दी थी और घर के कामकाज में हाथ बंटाती थी। रिपोर्ट के अनुसार, दिनांक 28.06.2026 की रात गांव में बिजली गुल होने से सभी परिजन रात 1:00 बजे के करीब बिजली आने पर अपने-अपने कमरों में सो गए थे। बहन अपनी भाभी के साथ कमरे में सोई थी, लेकिन सुबह करीब 4:00 बजे जब उसकी भाभी लघुशंका के लिए उठीं तो उन्होंने देखा कि बहन कमरे में नहीं थी। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उठकर घर के सभी कमरे, आस-पड़ोस और रिश्तेदारों में तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। नाबालिग के पास मौजूद 'आप्पो मोबाइल' भी बंद बता रहा है। भाई ने यह रिपोर्ट दिनांक 20.06.2026 को दर्ज कराते हुए संदेह जताया है कि उसकी बहन को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक शादीशुदा महिला से मिलने पहुँचे उसके प्रेमी ने मना करने पर उस पर चाकू से जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। मंगलवार रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी भूपेंद्र ध्रुव, जो तखतपुर थाना क्षेत्र के देवतरा निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। चकरभाठा बस्ती में रहने वाली 30 वर्षीय विवाहिता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह रोजी-मजदूरी करती है और लंबे समय से अपने मायके सालहेकापा में रह रही थी। उसने भूपेंद्र ध्रुव को पहले से जानती थी। सोमवार, दिनांक 29/06/2026 को रात करीब 01:30 बजे जब वह अपने घर पर दो बच्चों और सास के साथ आराम कर रही थी, तब बाहर से गाली-गलौज की आवाजें सुनाई दीं। बाहर निकलने पर उसने भूपेंद्र ध्रुव को अपने घर के सामने गाली-गलौज करते देखा। महिला के अनुसार, भूपेंद्र ने उसे देखते ही हाथ में रखे चाकू को उसके पेट के पास लगाकर जान से मारने की धमकी दी, माँ-बहन की गंदी गंदी गालियां दीं, शराब पीने के लिए पैसे मांगे और उसके चेहरे व पीठ पर थप्पड़ मारे। महिला के शोर मचाने पर भूपेंद्र ध्रुव वहां से भाग गया। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 119(1), 296, 115(2), 351(3) BNS के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को मंगलवार को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। वहीं, आरोपी भूपेंद्र ध्रुव का कहना है कि उसका उस महिला से पिछले तीन सालों से प्रेम संबंध था क्योंकि महिला का मायका उसी के गांव में है, जहाँ वह दस सालों से रह रही थी। इस बीच उन दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया था। भूपेंद्र ने बताया कि घटना से एक दिन पहले महिला चकरभाठा आई थी और उसका फोन नहीं उठा रही थी, जिससे वह बेचैन होकर उससे मिलने उसके गांव चला गया। उसका आरोप है कि घर वालों को जानकारी होने पर महिला उसे फंसाकर जेल भिजवा रही है, जबकि वह उसकी सभी जरूरतों को पूरा करता था और पैसे भी देता था। भूपेंद्र ने कहा कि वह महिला को बहुत चाहता है, उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है और उसके कोई बच्चे नहीं हैं, जबकि महिला के दो बच्चे हैं और उसका पति शराबी है, जिसके कारण वह दस सालों से मायके में रह रही थी। भूपेंद्र ने स्वीकार किया कि वे कई बार मिल चुके हैं और वह उसे बहुत चाहता है, लेकिन अब वह उससे दूर हो गई है। इसी वजह से वह अपने गांव से चाकू लेकर आया था कि अगर वह उसकी नहीं हो सकती तो किसी और की भी नहीं होने देगा। इस घटना से एक बात साफ होती है कि जब महिलाएं या लड़कियां पुरुषों को प्रेम जाल में फंसाकर शारीरिक सुख लेने के बाद उन्हें बीच में छोड़ देती हैं, तो ऐसे पुरुष आक्रोश में आकर ऐसी महिलाओं की हत्या भी कर देते हैं। शुक्र है कि महिला चाकू के हमले के दौरान भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रही, वरना इस महिला की भी मौत निश्चित थी। इसलिए, प्रेम जाल में सोच-समझकर फंसना और फंसाना चाहिए।1