छतरपुर में चल रहे पत्रकार विवाद और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिले के पूर्व कांग्रेस विधायक आलोक चतुर्वेदी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छतरपुर पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही है और पूरे मामले में पक्षपात साफ नजर आ रहा है। उनका आरोप है कि पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल रहा। कांग्रेस द्वारा पत्रकारों के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी उन्होंने बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ—पत्रकारों—के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई। छीना-झपटी के बीच पुतला जलाने की कोशिश में आग भड़क गई, जिससे कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी झुलस गए। आलोक चतुर्वेदी ने इस घटना पर भी पुलिस प्रशासन को घेरा और कहा कि अगर पुलिस संयम और समझदारी से काम करती, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पत्रकारों को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
छतरपुर में चल रहे पत्रकार विवाद और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। जिले के पूर्व कांग्रेस विधायक आलोक चतुर्वेदी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छतरपुर पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही है और पूरे मामले में पक्षपात साफ नजर आ रहा है। उनका आरोप है कि पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल रहा। कांग्रेस द्वारा पत्रकारों के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी उन्होंने बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ—पत्रकारों—के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई। छीना-झपटी के बीच पुतला जलाने की कोशिश में आग भड़क गई, जिससे कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी झुलस गए। आलोक चतुर्वेदी ने इस घटना पर भी पुलिस प्रशासन को घेरा और कहा कि अगर पुलिस संयम और समझदारी से काम करती, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पत्रकारों को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- छतरपुर में महिला की इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती चार बच्चियों को बेसहारा कर हुई फरार पति ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार1
- अवैध शराब के कारोबार पर खूनी बवालः आधी रात गुंडों का तांडव, तलवार-लाठी से हमला, 2 घायल छतरपुर (एमपी)। जिले के गढ़ी मलहरा थाना क्षेत्र में स्थित निवारी शराब दुकान पर आधी रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हथियारबंद गुंडों ने अचानक धावा बोल दिया। हमलावरों के हाथों में तलवार, लाठी और डंडे थे, और उन्होंने जमकर मारपीट की, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद अवैध शराब के कारोबार को लेकर हुआ, जिससे इलाके में पहले से तनाव बना हुआ था। घटना के बाद घायल लोग घंटों तक थाने में बैठे रहे, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने में देरी होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावरों की गुंडागर्दी साफ दिखाई दे रही है। बड़ा सवाल: क्या अवैध शराब का नेटवर्क इतना मजबूत हो गया है कि कानून का डर खत्म हो गया है? और क्यों पीड़ितों को इंसाफ के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है1
- उन्होंने कहा कि छतरपुर पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही है और पूरे मामले में पक्षपात साफ नजर आ रहा है। उनका आरोप है कि पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं में पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल रहा। कांग्रेस द्वारा पत्रकारों के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी उन्होंने बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ—पत्रकारों—के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई। छीना-झपटी के बीच पुतला जलाने की कोशिश में आग भड़क गई, जिससे कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी झुलस गए। आलोक चतुर्वेदी ने इस घटना पर भी पुलिस प्रशासन को घेरा और कहा कि अगर पुलिस संयम और समझदारी से काम करती, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पत्रकारों को न्याय नहीं मिला, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- Post by Neelesh Tiwari1
- मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे झड़प में बदल गई। इसी दौरान आग भड़कने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है।1
- Post by Kapil Patel Mp 16 News1
- छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में आज 29 अप्रैल दोपहर करीब 3:00 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में एससी-एसटी निवारण, सनसनीखेज अपराध, नारकोटिक्स और सड़क सुरक्षा समितियों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में एसपी अगम जैन, एएसपी आदित्य पटले सहित अधिकारी मौजूद रहे।कलेक्टर ने गंभीर अपराधों की सख्त मॉनिटरिंग कर मजबूत साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से कोर्ट में प्रस्तुत करने पर जोर दिया।एससी-एसटी मामलों में 2025-26 के दौरान 940 प्रकरण दर्ज हुए, सहशेष प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और न्यायालय में लंबित 1953 मामलों के तेजी से निपटारे के निर्देश दिए गए।नारकोटिक्स समीक्षा में स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान चलाने और मेडिकल स्टोरों की सख्त जांच कर प्रतिबंधित दवाओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।स्वास्थ्य विभाग में लंबित पीएम और एमएलसी रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए नौगांव बीएमओ की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।सड़क सुरक्षा के तहत पन्ना नाका और छत्रसाल चौक के चौड़ीकरण की योजना बनाने तथा सड़कों पर लगने वाले बाजारों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए।1
- Post by Mukesh Gautam1