बांदा के गल्ला मंडी में हुई चोरी का 8 दिन बाद भी खुलासा न होने से नाराज व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। बांदा उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने शनिवार से मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर धरना-प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है और चोरों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। करीब 8 दिन पहले गल्ला मंडी स्थित एक दुकान से ₹6,50,000 नकद और चांदी के सिक्के चोरी हो गए थे, जिसके बाद व्यापारियों ने जल्द खुलासे की मांग करते हुए पुलिस को अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम की समय-सीमा खत्म होने पर भड़के व्यापारियों ने हड़ताल शुरू करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आसपास की अन्य मंडियों को भी बंद कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन सहित बड़ा आंदोलन किया जाएगा। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि मंडी की सुरक्षा व्यवस्था बेहद खराब है और लगातार हो रही वारदातों के बावजूद पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट और मंडी सचिव ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी व्यापारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने व्यापारियों को चोरी का जल्द खुलासा करने और मंडी की अन्य समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बांदा के गल्ला मंडी में हुई चोरी का 8 दिन बाद भी खुलासा न होने से नाराज व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। बांदा उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापारियों ने शनिवार से मंडी में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर धरना-प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है और चोरों का कोई सुराग नहीं लगा
सकी है। करीब 8 दिन पहले गल्ला मंडी स्थित एक दुकान से ₹6,50,000 नकद और चांदी के सिक्के चोरी हो गए थे, जिसके बाद व्यापारियों ने जल्द खुलासे की मांग करते हुए पुलिस को अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम की समय-सीमा खत्म होने पर भड़के व्यापारियों ने हड़ताल शुरू करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आसपास
की अन्य मंडियों को भी बंद कराया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन सहित बड़ा आंदोलन किया जाएगा। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि मंडी की सुरक्षा व्यवस्था बेहद खराब है और लगातार हो रही वारदातों के बावजूद पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट और मंडी सचिव ने
मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी व्यापारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने व्यापारियों को चोरी का जल्द खुलासा करने और मंडी की अन्य समस्याओं का समाधान करने का भरोसा दिलाया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी समिति में चोरी का खुलासा न होने के विरोध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। बीते 4 जुलाई को गल्ला मंडी में एक व्यापारी के यहां चोरी की घटना हुई थी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। इसी के विरोध में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष अनशनकारी के नेतृत्व में व्यापारी अपने साथियों के साथ हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि जब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं करेगी, तब तक उनकी यह हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने आसपास की अन्य गल्ला मंडियों में भी हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इस मामले में मंडी समिति सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन अधिकारियों और व्यापारियों के बीच कोई बात नहीं बन सकी। व्यापारियों का साफ कहना है कि पहले चोरी का खुलासा किया जाए, तभी वे कोई बात मानेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में नरेनी के पटेल नगर में पिछले तीन महीनों से नालियों की साफ-सफाई नहीं की गई है। इस क्षेत्र में तीन महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी नालियों की सफाई का काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है।2
- कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मिट्टी की जांच कराने के बाद ही खेतों में उर्वरकों का उपयोग करें। विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की जांच कराने से उसकी गुणवत्ता के हिसाब से खेती की योजना बनाना आसान हो जाता है, जिससे फसलों के उत्पादन में सुधार और पैदावार बढ़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। किसानों की सुविधा के लिए कई राज्यों में मिट्टी परीक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार भी किया जा रहा है।1
- बांदा में मेडिकल कॉलेज के पास स्थित जमुनी पुरवा इलाके में खुलेआम जुए की फड़ संचालित होने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है और वास्तव में इसी स्थान का है या कहीं और का है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब वीडियो की सत्यता, घटना के सही स्थान और समय की गहन पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का वास्तविक खुलासा हो सकेगा और यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए गए, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2