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जसपुरा थाना पुलिस ने विद्यालय और किराना दुकान में हुई चोरी की वारदातों का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक अंतरजनपदीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की सरसों, गुटखा, नकदी, एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान, मामले में शामिल एक बाल अपचारी को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी उमेश अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पूछताछ के दौरान उसने स्कूल और दुकान में चोरी की वारदातों को कबूल किया है। आरोपी उमेश के खिलाफ बांदा सहित अन्य कई जिलों में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़ी अन्य वारदातों की गहनता से जांच कर रही है।
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जसपुरा थाना पुलिस ने विद्यालय और किराना दुकान में हुई चोरी की वारदातों का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक अंतरजनपदीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की सरसों, गुटखा, नकदी, एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के दौरान, मामले में शामिल एक बाल अपचारी को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी उमेश अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पूछताछ के दौरान उसने स्कूल और दुकान में चोरी की वारदातों को कबूल किया है। आरोपी उमेश के खिलाफ बांदा सहित अन्य कई जिलों में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़ी अन्य वारदातों की गहनता से जांच कर रही है।
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- महोबा में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस लाइन में रविवार को 71.567 किलो गांजा इंसीनरेटर मशीन से नष्ट कर दिया। यह गांजा 12 अलग-अलग मुकदमों से जुड़ा हुआ था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) शशांक सिंह की अध्यक्षता में विनष्टीकरण समिति के सामने गांजे का सत्यापन और तौल किया गया, जिसके बाद उसे वैज्ञानिक तरीके से जलाकर विनष्ट किया गया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) वंदना सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। एसपी ने भविष्य में भी मादक पदार्थों का त्वरित निस्तारण और विनष्टीकरण कर नशे के कारोबार पर सख्ती जारी रखने के निर्देश दिए।1
- खरेला अस्पताल में किए गए निरीक्षण के दौरान, तीन कर्मचारियों को अनुपस्थित पाया गया।1
- फतेहपुर जिले के असोथर थाना क्षेत्र में मनावा के पास ईंट से लदा एक ट्रैक्टर अचानक पलट गया, जिससे उसके चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान जरौली गांव निवासी देवराज प्रजापति के रूप में हुई है, जो ईंटें लादकर कहीं जा रहा था तभी यह हादसा हो गया। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और उनका हाल बेहाल है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।2
- पन्ना जिले में अमानगंज-सिमरिया स्टेट हाईवे पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस अभियान के तहत, सड़क के दोनों ओर से लगभग 2 किलोमीटर तक फैले अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाया गया।1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में लगभग एक महीने पहले एक युवक प्रभात सिंह उर्फ अरविंद कुमार का शव मानवेंद्र सिंह के घर पर मिला था। इस घटना के बाद मृतक के चाचा संजय सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने थाना और उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर मानवेंद्र सिंह और उनके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। अब इसी मामले में पीड़ित मानवेंद्र सिंह ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजते हुए स्वयं पर लगे आरोपों को हत्या में फंसाने की साजिश बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मानवेंद्र सिंह ने मृतक प्रभात सिंह का एक वीडियो भी वायरल किया है, जिसमें प्रभात सिंह ने खुद कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, मृतक के चाचा संजय सिंह का मृतक के परिजनों के साथ लगभग 20 साल से प्रॉपर्टी को लेकर मुकदमा चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी के लालच में गांव के दबंग संजय सिंह, पिंटू सिंह और रविंद्र सिंह लंबे समय से प्रभात सिंह के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज करते आ रहे थे और उसे जान से मारने की साजिश रच रहे थे। अपनी जान बचाने के लिए प्रभात सिंह पहले पहाड़ी कस्बे में एक किराए के मकान में रहने लगे थे और फिर अपनी सुरक्षा के लिए मानवेंद्र सिंह के घर आ गए। मानवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के दिन वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने गए थे। उनके अनुसार, साजिश के तहत प्रभात सिंह को उनके घर से पहाड़ी थाना क्षेत्र के कहेटा ले जाया गया, जहां उसे शराब पिलाई गई और फिर अचेत अवस्था में घटना की शाम उनके घर के सामने फेंक दिया गया। मानवेंद्र सिंह की पत्नी ने प्रभात सिंह को अचेत देखकर उन्हें फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद प्रभात सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मानवेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि प्रभात सिंह शराब का आदी था और विरोधियों ने उसे शराब पिलाकर मरणासन्न हालत में उनके घर फेंककर उन्हें हत्या के झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश की है। वायरल वीडियो में मृतक प्रभात सिंह ने खुद अपनी जान को गांव के रावेंद्र सिंह पुत्र रामराज सिंह, पिंटू सिंह छोटे लाल सिंह निवासी चौरा से लेनदेन और प्रॉपर्टी के कारण खतरा बताया है। मानवेंद्र सिंह ने उन आरोपों का भी खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने प्रॉपर्टी मुफ्त में अपने नाम कर ली है। उनका कहना है कि उन्होंने लगभग तीन बीघा जमीन पैसे देकर खरीदी है, जिसमें से एक बीघा जमीन उनके पिता ने मृतक के पिता से खरीदी थी और लगभग दो बीघा जमीन उन्होंने स्वयं बैनामा कराई है, जिसके भुगतान के सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गांव के दबंगों ने प्रभात सिंह को गांव से निकाल दिया था, जिसके डर से वह पहाड़ी में किराए पर रहने लगा था। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, ये विरोधी घटना से पहले चेक के माध्यम से उनसे पैसे भी ले चुके थे और अब पैसा मांगने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। मानवेंद्र सिंह ने दावा किया है कि चित्रकूट पुलिस ने घटना की ईमानदारी से जांच की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना का खुलासा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि उनके बड़े भाई की भी पहले हत्या की जा चुकी है और अब उन्हें भी षड्यंत्र के तहत फंसाकर हत्या करने की कोशिश की जा रही है। मानवेंद्र सिंह ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल को मृतक के चाचा संजय सिंह, रविंद्र सिंह और पिंटू सिंह से खतरा बताया है और कहा है कि ये लोग किसी भी समय उनकी या उनके परिवार की हत्या कर सकते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर इस मामले में कार्यवाही की मांग की है। दिनेश सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में सनसनीखेज खुलासे की उम्मीद है।1
- बांदा पुलिस ने एक व्यक्ति को मामूली विवाद में लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 9 जून को गिरवां थाना क्षेत्र के शिवहद गांव में हुई थी, जहाँ राकेश कुमार नामक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया था। पुलिस के अनुसार, पीड़ित की शिकायत के आधार पर खुरहण्ड निवासी इन्दू उर्फ इन्द्रजीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच और तलाश के दौरान गिरवां पुलिस ने आरोपी को खुरहण्ड रोड, शिवहद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है, और गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- जनपद महोबा के जैतपुर क्षेत्र में मगरौलकला निवासी आरती पत्नी मानसिंह ने जैतपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कराने में भूमिका निभाई है और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। आरती का कहना है कि वह अपनी जमीन को लेकर न्याय के लिए गुहार लगा रही है, लेकिन उसकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उसने आरोप लगाया है कि पुलिस के प्रभाव का इस्तेमाल करके उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कराया गया है, जिससे उसका परिवार काफी परेशान है। पीड़िता ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, और लोग पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर अपनी निगाहें टिकाए हुए हैं।1
- गौशाला की दयनीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए ग्राम प्रधान ने स्वयं कमान अपने हाथों में ले ली है। उनका लक्ष्य है कि गौशाला को एक आदर्श स्वरूप प्रदान किया जा सके।1
- बाँदा के जसपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौरीकला गांव के पास चंद्रावल नदी में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। ये बच्चे घर से नदी में नहाने गए थे और कब गहरे पानी की ओर चले गए, इसका किसी को अंदाजा तक नहीं लगा, जिससे उनकी खुशियों भरी किलकारियां चीख-पुकार में बदल गईं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे नदी में नहाते समय गहरे पानी में पहुँच गए और डूबने लगे। जब तक आसपास मौजूद लोग उन्हें बचाने का प्रयास करते, तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही जसपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तीनों बच्चों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव नदी से बरामद कर लिए गए। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गौरीकला गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। जिन घरों में सुबह बच्चों की चहल-पहल थी, वहाँ शाम होते-होते मातम और सन्नाटा पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और गांव के लोग भी इस त्रासदी से स्तब्ध हैं। सीओ सदर सौरभ सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची थी और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से तीनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर नदियों और जलाशयों में बिना निगरानी के नहाने के खतरों की याद दिला दी है, जहाँ एक छोटी सी असावधानी तीन परिवारों की दुनिया उजाड़ सकती है।1