चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में लगभग एक महीने पहले एक युवक प्रभात सिंह उर्फ अरविंद कुमार का शव मानवेंद्र सिंह के घर पर मिला था। इस घटना के बाद मृतक के चाचा संजय सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने थाना और उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर मानवेंद्र सिंह और उनके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। अब इसी मामले में पीड़ित मानवेंद्र सिंह ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजते हुए स्वयं पर लगे आरोपों को हत्या में फंसाने की साजिश बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मानवेंद्र सिंह ने मृतक प्रभात सिंह का एक वीडियो भी वायरल किया है, जिसमें प्रभात सिंह ने खुद कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, मृतक के चाचा संजय सिंह का मृतक के परिजनों के साथ लगभग 20 साल से प्रॉपर्टी को लेकर मुकदमा चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी के लालच में गांव के दबंग संजय सिंह, पिंटू सिंह और रविंद्र सिंह लंबे समय से प्रभात सिंह के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज करते आ रहे थे और उसे जान से मारने की साजिश रच रहे थे। अपनी जान बचाने के लिए प्रभात सिंह पहले पहाड़ी कस्बे में एक किराए के मकान में रहने लगे थे और फिर अपनी सुरक्षा के लिए मानवेंद्र सिंह के घर आ गए। मानवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के दिन वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने गए थे। उनके अनुसार, साजिश के तहत प्रभात सिंह को उनके घर से पहाड़ी थाना क्षेत्र के कहेटा ले जाया गया, जहां उसे शराब पिलाई गई और फिर अचेत अवस्था में घटना की शाम उनके घर के सामने फेंक दिया गया। मानवेंद्र सिंह की पत्नी ने प्रभात सिंह को अचेत देखकर उन्हें फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद प्रभात सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मानवेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि प्रभात सिंह शराब का आदी था और विरोधियों ने उसे शराब पिलाकर मरणासन्न हालत में उनके घर फेंककर उन्हें हत्या के झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश की है। वायरल वीडियो में मृतक प्रभात सिंह ने खुद अपनी जान को गांव के रावेंद्र सिंह पुत्र रामराज सिंह, पिंटू सिंह छोटे लाल सिंह निवासी चौरा से लेनदेन और प्रॉपर्टी के कारण खतरा बताया है। मानवेंद्र सिंह ने उन आरोपों का भी खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने प्रॉपर्टी मुफ्त में अपने नाम कर ली है। उनका कहना है कि उन्होंने लगभग तीन बीघा जमीन पैसे देकर खरीदी है, जिसमें से एक बीघा जमीन उनके पिता ने मृतक के पिता से खरीदी थी और लगभग दो बीघा जमीन उन्होंने स्वयं बैनामा कराई है, जिसके भुगतान के सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गांव के दबंगों ने प्रभात सिंह को गांव से निकाल दिया था, जिसके डर से वह पहाड़ी में किराए पर रहने लगा था। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, ये विरोधी घटना से पहले चेक के माध्यम से उनसे पैसे भी ले चुके थे और अब पैसा मांगने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। मानवेंद्र सिंह ने दावा किया है कि चित्रकूट पुलिस ने घटना की ईमानदारी से जांच की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना का खुलासा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि उनके बड़े भाई की भी पहले हत्या की जा चुकी है और अब उन्हें भी षड्यंत्र के तहत फंसाकर हत्या करने की कोशिश की जा रही है। मानवेंद्र सिंह ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल को मृतक के चाचा संजय सिंह, रविंद्र सिंह और पिंटू सिंह से खतरा बताया है और कहा है कि ये लोग किसी भी समय उनकी या उनके परिवार की हत्या कर सकते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर इस मामले में कार्यवाही की मांग की है। दिनेश सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में सनसनीखेज खुलासे की उम्मीद है।
चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे में लगभग एक महीने पहले एक युवक प्रभात सिंह उर्फ अरविंद कुमार का शव मानवेंद्र सिंह के घर पर मिला था। इस घटना के बाद मृतक के चाचा संजय सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने थाना और उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर मानवेंद्र सिंह और उनके परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया था। अब इसी मामले में पीड़ित मानवेंद्र सिंह ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजते हुए स्वयं पर लगे आरोपों को हत्या में फंसाने की साजिश बताया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मानवेंद्र सिंह ने मृतक प्रभात सिंह का एक वीडियो भी वायरल किया है, जिसमें प्रभात सिंह ने खुद कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, मृतक के चाचा संजय सिंह का मृतक के परिजनों के साथ लगभग 20 साल से प्रॉपर्टी को लेकर मुकदमा चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रॉपर्टी के लालच में गांव के दबंग संजय सिंह, पिंटू सिंह और रविंद्र सिंह लंबे समय से प्रभात सिंह के साथ अभद्रता, मारपीट, गाली-गलौज करते आ रहे थे और उसे जान से मारने की साजिश रच रहे थे। अपनी जान बचाने के लिए प्रभात सिंह पहले पहाड़ी कस्बे में एक किराए के मकान में रहने लगे थे और फिर अपनी सुरक्षा के लिए मानवेंद्र सिंह के घर आ गए। मानवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना के दिन वह स्कूल में बच्चों को पढ़ाने गए थे। उनके अनुसार, साजिश के तहत प्रभात सिंह को उनके घर से पहाड़ी थाना क्षेत्र के कहेटा ले जाया गया, जहां उसे शराब पिलाई गई और फिर अचेत अवस्था में घटना की शाम उनके घर के सामने फेंक दिया गया। मानवेंद्र सिंह की पत्नी ने प्रभात सिंह को अचेत देखकर उन्हें फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद प्रभात सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मानवेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि प्रभात सिंह शराब का आदी था और विरोधियों ने उसे शराब पिलाकर मरणासन्न हालत में उनके घर फेंककर उन्हें हत्या के झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश की है। वायरल वीडियो में मृतक प्रभात सिंह ने खुद अपनी जान को गांव के रावेंद्र सिंह पुत्र रामराज सिंह, पिंटू सिंह छोटे लाल सिंह निवासी चौरा से लेनदेन और प्रॉपर्टी के कारण खतरा बताया है। मानवेंद्र सिंह ने उन आरोपों का भी खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने प्रॉपर्टी मुफ्त में अपने नाम कर ली है। उनका कहना है कि उन्होंने लगभग तीन बीघा जमीन पैसे देकर खरीदी है, जिसमें से एक बीघा जमीन उनके पिता ने मृतक के पिता से खरीदी थी और लगभग दो बीघा जमीन उन्होंने स्वयं बैनामा कराई है, जिसके भुगतान के सभी रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गांव के दबंगों ने प्रभात सिंह को गांव से निकाल दिया था, जिसके डर से वह पहाड़ी में किराए पर रहने लगा था। मानवेंद्र सिंह के अनुसार, ये विरोधी घटना से पहले चेक के माध्यम से उनसे पैसे भी ले चुके थे और अब पैसा मांगने पर उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। मानवेंद्र सिंह ने दावा किया है कि चित्रकूट पुलिस ने घटना की ईमानदारी से जांच की है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना का खुलासा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि उनके बड़े भाई की भी पहले हत्या की जा चुकी है और अब उन्हें भी षड्यंत्र के तहत फंसाकर हत्या करने की कोशिश की जा रही है। मानवेंद्र सिंह ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल को मृतक के चाचा संजय सिंह, रविंद्र सिंह और पिंटू सिंह से खतरा बताया है और कहा है कि ये लोग किसी भी समय उनकी या उनके परिवार की हत्या कर सकते हैं। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक सहित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर इस मामले में कार्यवाही की मांग की है। दिनेश सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले में सनसनीखेज खुलासे की उम्मीद है।
- एक 17 वर्षीय किशोरी रागिनी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से यह प्रश्न उठ रहा है कि आखिर रागिनी के साथ क्या हुआ था।2
- सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी चित्रकूट में लाखों श्रद्धालुओं ने रामघाट में पवित्र स्नान किया और जलाभिषेक किया। इसके उपरांत, भक्तगणों ने पंचकोसीय कामदगिरि की परिक्रमा भी की। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं का संकल्प अडिग रहा और वे अपने गंतव्य स्थान पर पहुँचने के लिए जगह-जगह लगे भीषण जाम को भी झेलते रहे। इस दौरान पूरा चित्रकूट 'जय श्री राम' और 'हर हर महादेव' के उद्घोष से गूँज उठा।1
- प्रयागराज में भारतीय योग संस्थान की बक्शी बांध शाखा और नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर "करें योग, रहें निरोग" जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए रैलियां, योग प्रशिक्षण शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का नेतृत्व आर. के. श्रीवास्तव क्षेत्रीय प्रमुख, जे.एस. राठौर केंद्र प्रमुख बक्शी बांध, राजेन्द्र बहादुर सिंह सह-संस्थापक नारायण स्वरूप हॉस्पिटल सहित बी.एन सिंह, सुरेश विश्वकर्मा, अरुण कुमार पांडे, इंदिराकांत द्विवेदी, आर. सी. श्रीवास्तव जीतेंद्र द्विवेदी, दिग्विजय पांडे, कामेश्वर सिंह, जूही सिंह, शशिकला पांडे, अलका श्रीवास्तव, कल्पना दुबे, उषा साहू, पुष्पा श्रीवास्तव, और राष्ट्रीय योग संस्थान के अन्य पदाधिकारियों व वरिष्ठ सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली के दौरान वक्ताओं ने बढ़ते तनाव, अनियमित दिनचर्या, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को रेखांकित करते हुए योग को एक प्राचीन भारतीय जीवन पद्धति बताया जो शरीर को स्वस्थ और मन व आत्मा को संतुलित रखती है। कार्यक्रम में बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर का वजन नियंत्रित रहता है, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है, तनाव, चिंता एवं अवसाद से राहत मिलती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, हृदय एवं फेफड़े स्वस्थ रहते हैं, खान-पान एवं जीवनशैली में सकारात्मक अनुशासन विकसित होता है, और बुजुर्गों को जोड़ों के दर्द एवं अन्य शारीरिक समस्याओं में लाभ मिलता है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने स्वयं योग करने तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि 21 जून 2026 तक प्रतिदिन प्रातः योग अभ्यास, जागरूकता रैली और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग योग से जुड़कर स्वस्थ एवं निरोग जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।1
- सतना में नशे का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने ढाई क्विंटल गांजा और 60 पेटी कोरेक्स जब्त की है।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की जा रही है।1
- समाजवादी पार्टी के नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारों पर जमकर निशाना साधा।1
- सतना शहर के घूरडांग चमन चौक में शराब के लिए पैसे न देने पर हुई मारपीट के मामले में एक आरोपी कोलगवां पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी की पहचान हर्ष उर्फ हर्भू (उम्र 22 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम रामराज सिंह है। वह मूल रूप से कोठरा (थाना जैतवारा) का निवासी है और वर्तमान में वार्ड क्रमांक 11, घूरडांग, एल.आई.जी. 11 में रहता है। कोलगवां पुलिस ने आरोपी हर्ष उर्फ हर्भू को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।1
- कौशाम्बी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में एक बेटे ने अपने पिता को गोली मारकर घायल कर दिया। इस घटना की जानकारी देते हुए कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने बताया कि अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है।1
- रीवा के लौआ क्षेत्र में बैकुंठपुर से रीवा आ रही पूजा बस सर्विस की एक बस ने एक ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार कई लोग घायल हो गए। दुर्घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप मिश्रा वहीं से गुजर रहे थे, जिन्होंने घटना देखते ही तत्काल अपना वाहन रोककर घायलों की मदद शुरू की। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण घायल उसमें फंसे हुए थे, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने स्थानीय लोगों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकलवाया। उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और सभी घायलों को शीघ्रता से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा भिजवाया। इसके साथ ही, मिश्रा ने अमहिया थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि घायलों के समुचित एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान आवश्यक चिकित्सीय सहायता मिल सके।1