रीवा के लौआ क्षेत्र में बैकुंठपुर से रीवा आ रही पूजा बस सर्विस की एक बस ने एक ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार कई लोग घायल हो गए। दुर्घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप मिश्रा वहीं से गुजर रहे थे, जिन्होंने घटना देखते ही तत्काल अपना वाहन रोककर घायलों की मदद शुरू की। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण घायल उसमें फंसे हुए थे, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने स्थानीय लोगों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकलवाया। उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और सभी घायलों को शीघ्रता से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा भिजवाया। इसके साथ ही, मिश्रा ने अमहिया थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि घायलों के समुचित एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान आवश्यक चिकित्सीय सहायता मिल सके।
रीवा के लौआ क्षेत्र में बैकुंठपुर से रीवा आ रही पूजा बस सर्विस की एक बस ने एक ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार कई लोग घायल हो गए। दुर्घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप मिश्रा वहीं से गुजर रहे थे, जिन्होंने घटना देखते ही तत्काल अपना वाहन रोककर घायलों की मदद शुरू की। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण घायल उसमें फंसे हुए थे, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने स्थानीय लोगों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकलवाया। उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और सभी घायलों को शीघ्रता से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा भिजवाया। इसके साथ ही, मिश्रा ने अमहिया थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि घायलों के समुचित एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान आवश्यक चिकित्सीय सहायता मिल सके।
- रीवा जिले के अतरैला में मध्य प्रदेश किसान सभा तहसील समिति जवा के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चल रहा किसानों का अनशन चौथे दिन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अतरैला बाजार में करीब एक घंटे तक रीवा-डभौरा मार्ग को बाधित रखा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। अनशनकारियों ने विद्युत वितरण केंद्र परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की, जिसके बाद अतरैला थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया और स्थिति को शांत कराया। बाद में तहसीलदार राजेंद्र शुक्ल ने अनशनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। तहसीलदार द्वारा मांगों के निराकरण के लिए 15 दिनों का समय मांगे जाने के बाद, अनशनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके पश्चात, तहसीलदार ने अनशन पर बैठे किसानों और महिलाओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अनशन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन निर्धारित अवधि में उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं करता है, तो वे पुनः तहसील कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगी। किसान सभा की ओर से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, राशन वितरण, हैंडपंप मरम्मत, भूमि अधिकार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल जवा के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने जवा क्षेत्र में एक विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। अखिलेश सिंह ने इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया और उन पर काम करने हेतु कदम उठाए।1
- मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया गया था। इस कार्रवाई से संतोष व्यक्त किया गया है कि पुलिस ने संभावित बड़े खतरे को समय रहते ही टाल दिया है।1
- सतना के थाना कोलगवां क्षेत्र अंतर्गत डिलौरा स्थित एक गोदाम पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिनांक 13 जून 2026 को एसटीएफ भोपाल की टीम ने पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपी नवाब खान से मिली जानकारी के आधार पर इस गोदाम पर छापा मारा। आरोपी ने बताया था कि उसने पूर्व में इस गोदाम में अवैध कफ सिरप उतारा था। इस कार्रवाई में लगभग 2.60 क्विंटल (260 किलोग्राम) गांजा और 7200 सीसी ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद की गई है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 28 लाख रुपये आंकी गई है। एसटीएफ टीम ने स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में गोदाम का निरीक्षण किया और गोदाम मालिक से पूछताछ कर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई की। गोदाम मालिक ने बताया कि गोदाम रीवा निवासी अजय पटेल और रोहित जैसवाल को किराए पर दिया गया है और उन्हीं के ताले लगे थे। किरायेदारों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना के सत्यापन और पंचनामा कार्रवाई के बाद, एसटीएफ भोपाल टीम ने आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए मामला स्थानीय कोलगवां पुलिस को सौंप दिया और वापस लौट गई। कोलगवां पुलिस ने सूचना की गंभीरता को समझते हुए स्वतंत्र साक्षियों को बुलाकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह संदेह उत्पन्न हुआ कि गोदाम के भीतर अवैध मादक पदार्थ या प्रतिबंधित सामग्री हो सकती है, और देरी होने पर उसे हटाए या नष्ट किए जाने की संभावना थी। इसलिए, वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति में गोदाम का ताला खुलवाकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान प्लास्टिक बोरियों और कार्टूनों की जांच करने पर कुल 7200 सीसी ऑनरेक्स कफ सिरप बरामद हुई। प्रत्येक शीशी 100 एमएल की थी और सभी पर कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप अंकित था। इसके अतिरिक्त, गोदाम में रखे विभिन्न बोरों से लगभग 2.60 क्विंटल गांजा भी बरामद किया गया। बरामद गांजा और कफ सिरप की गणना, तौल, सीलबंदी और जब्ती की कार्रवाई स्वतंत्र साक्षियों की उपस्थिति में संपन्न की गई। गोदाम से संबंधित दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर, प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि अजय पटेल और रोहित जैसवाल ने यह गोदाम किराए पर लेकर अवैध रूप से मादक पदार्थों और प्रतिबंधित कफ सिरप का भंडारण किया था। इस संबंध में अजय पटेल और रोहित जैसवाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों, मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन और वितरण नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच जारी है, और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।2
- सतना रेलवे स्टेशन पर कथित तौर पर अवैध वेंडर खुलेआम एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर पैक्ड सामग्री बेच रहे हैं। ये वेंडर बिना किसी यूनिफॉर्म और पहचान-पत्र (नेम स्लिप) के ही स्टेशन परिसर में यात्रियों से मनमाने दाम वसूलते नजर आ रहे हैं। यात्रियों से लगातार इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि, इन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। इससे गंभीर सवाल उठते हैं कि आखिर बिना ड्रेस और पहचान-पत्र के ये वेंडर स्टेशन परिसर में इतनी आसानी से कैसे घूम रहे हैं, और क्या रेलवे प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी इसकी अनदेखी की जा रही है।1
- रीवा के लौआ क्षेत्र में बैकुंठपुर से रीवा आ रही पूजा बस सर्विस की एक बस ने एक ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार कई लोग घायल हो गए। दुर्घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप मिश्रा वहीं से गुजर रहे थे, जिन्होंने घटना देखते ही तत्काल अपना वाहन रोककर घायलों की मदद शुरू की। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण घायल उसमें फंसे हुए थे, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने स्थानीय लोगों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकलवाया। उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और सभी घायलों को शीघ्रता से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा भिजवाया। इसके साथ ही, मिश्रा ने अमहिया थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि घायलों के समुचित एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान आवश्यक चिकित्सीय सहायता मिल सके।1