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रीवा जिले के अतरैला में मध्य प्रदेश किसान सभा तहसील समिति जवा के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चल रहा किसानों का अनशन चौथे दिन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अतरैला बाजार में करीब एक घंटे तक रीवा-डभौरा मार्ग को बाधित रखा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। अनशनकारियों ने विद्युत वितरण केंद्र परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की, जिसके बाद अतरैला थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया और स्थिति को शांत कराया। बाद में तहसीलदार राजेंद्र शुक्ल ने अनशनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। तहसीलदार द्वारा मांगों के निराकरण के लिए 15 दिनों का समय मांगे जाने के बाद, अनशनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके पश्चात, तहसीलदार ने अनशन पर बैठे किसानों और महिलाओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अनशन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन निर्धारित अवधि में उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं करता है, तो वे पुनः तहसील कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगी। किसान सभा की ओर से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, राशन वितरण, हैंडपंप मरम्मत, भूमि अधिकार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

8 hrs ago
user_रिपोर्टर अजय यादव
रिपोर्टर अजय यादव
Local News Reporter Sirmour, Rewa•
8 hrs ago

रीवा जिले के अतरैला में मध्य प्रदेश किसान सभा तहसील समिति जवा के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चल रहा किसानों का अनशन चौथे दिन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अतरैला बाजार में करीब एक घंटे तक रीवा-डभौरा मार्ग को बाधित रखा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। अनशनकारियों ने विद्युत वितरण केंद्र परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की, जिसके बाद अतरैला थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया और स्थिति को शांत कराया। बाद में तहसीलदार राजेंद्र शुक्ल ने अनशनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। तहसीलदार द्वारा मांगों के निराकरण के लिए 15 दिनों का समय मांगे जाने के बाद, अनशनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके पश्चात, तहसीलदार ने अनशन पर बैठे किसानों और महिलाओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अनशन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन निर्धारित अवधि में उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं करता है, तो वे पुनः तहसील कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगी। किसान सभा की ओर से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, राशन वितरण, हैंडपंप मरम्मत, भूमि अधिकार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

More news from Rewa and nearby areas
  • रीवा जिले के अतरैला में मध्य प्रदेश किसान सभा तहसील समिति जवा के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चल रहा किसानों का अनशन चौथे दिन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अतरैला बाजार में करीब एक घंटे तक रीवा-डभौरा मार्ग को बाधित रखा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। अनशनकारियों ने विद्युत वितरण केंद्र परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की, जिसके बाद अतरैला थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया और स्थिति को शांत कराया। बाद में तहसीलदार राजेंद्र शुक्ल ने अनशनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। तहसीलदार द्वारा मांगों के निराकरण के लिए 15 दिनों का समय मांगे जाने के बाद, अनशनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके पश्चात, तहसीलदार ने अनशन पर बैठे किसानों और महिलाओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अनशन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन निर्धारित अवधि में उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं करता है, तो वे पुनः तहसील कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगी। किसान सभा की ओर से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, राशन वितरण, हैंडपंप मरम्मत, भूमि अधिकार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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    रीवा जिले के अतरैला में मध्य प्रदेश किसान सभा तहसील समिति जवा के बैनर तले विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चल रहा किसानों का अनशन चौथे दिन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अतरैला बाजार में करीब एक घंटे तक रीवा-डभौरा मार्ग को बाधित रखा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। अनशनकारियों ने विद्युत वितरण केंद्र परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की, जिसके बाद अतरैला थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया और स्थिति को शांत कराया।

बाद में तहसीलदार राजेंद्र शुक्ल ने अनशनकारियों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। तहसीलदार द्वारा मांगों के निराकरण के लिए 15 दिनों का समय मांगे जाने के बाद, अनशनकारियों ने आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई। इसके पश्चात, तहसीलदार ने अनशन पर बैठे किसानों और महिलाओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।

अनशन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन निर्धारित अवधि में उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं करता है, तो वे पुनः तहसील कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगी। किसान सभा की ओर से क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, राशन वितरण, हैंडपंप मरम्मत, भूमि अधिकार और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की जा रही थी, जिस पर प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
    user_रिपोर्टर अजय यादव
    रिपोर्टर अजय यादव
    Local News Reporter Sirmour, Rewa•
    8 hrs ago
  • युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत शितलहा के सरपंच अमित चक्रधर सिंह ने जवा को नगर परिषद का दर्जा देने की मांग उठाई है।
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    युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत शितलहा के सरपंच अमित चक्रधर सिंह ने जवा को नगर परिषद का दर्जा देने की मांग उठाई है।
    user_पत्रकार विनोद पांडेय
    पत्रकार विनोद पांडेय
    Local News Reporter जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत आने वाले गढ़वा गांव में लोगों को सालों से वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया गया है कि यहाँ के ग्रामीणों की वृद्धा पेंशन कई वर्षों से बंद पड़ी है, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    रीवा जिले की जवा तहसील के अंतर्गत आने वाले गढ़वा गांव में लोगों को सालों से वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बताया गया है कि यहाँ के ग्रामीणों की वृद्धा पेंशन कई वर्षों से बंद पड़ी है, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Patrakar Ramchandra Yadav
    Patrakar Ramchandra Yadav
    News Anchor जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना स्थित परसमनिया थाने से एक शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में परसमनिया गढ़ी गोलीकांड की मुख्य आरोपी सुनीता सिंह को लॉकअप में बंद करने के बजाय कुर्सी पर बैठाकर कोल्डड्रिंक पिलाई जा रही है और उनकी आवभगत की जा रही है। इस वीआईपी खातिरदारी के चलते पुलिस घिर गई है और यह प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या गरीब जब आरोपी होता है, तो क्या कानून इसी तरह से काम करता है।
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    मध्य प्रदेश के सतना स्थित परसमनिया थाने से एक शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में परसमनिया गढ़ी गोलीकांड की मुख्य आरोपी सुनीता सिंह को लॉकअप में बंद करने के बजाय कुर्सी पर बैठाकर कोल्डड्रिंक पिलाई जा रही है और उनकी आवभगत की जा रही है। इस वीआईपी खातिरदारी के चलते पुलिस घिर गई है और यह प्रश्न उठ रहे हैं कि क्या गरीब जब आरोपी होता है, तो क्या कानून इसी तरह से काम करता है।
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सतना रेलवे स्टेशन पर कथित तौर पर अवैध वेंडर खुलेआम एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर पैक्ड सामग्री बेच रहे हैं। ये वेंडर बिना किसी यूनिफॉर्म और पहचान-पत्र (नेम स्लिप) के ही स्टेशन परिसर में यात्रियों से मनमाने दाम वसूलते नजर आ रहे हैं। यात्रियों से लगातार इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि, इन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। इससे गंभीर सवाल उठते हैं कि आखिर बिना ड्रेस और पहचान-पत्र के ये वेंडर स्टेशन परिसर में इतनी आसानी से कैसे घूम रहे हैं, और क्या रेलवे प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी इसकी अनदेखी की जा रही है।
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    सतना रेलवे स्टेशन पर कथित तौर पर अवैध वेंडर खुलेआम एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर पैक्ड सामग्री बेच रहे हैं। ये वेंडर बिना किसी यूनिफॉर्म और पहचान-पत्र (नेम स्लिप) के ही स्टेशन परिसर में यात्रियों से मनमाने दाम वसूलते नजर आ रहे हैं। यात्रियों से लगातार इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं।

हालांकि, इन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। इससे गंभीर सवाल उठते हैं कि आखिर बिना ड्रेस और पहचान-पत्र के ये वेंडर स्टेशन परिसर में इतनी आसानी से कैसे घूम रहे हैं, और क्या रेलवे प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी इसकी अनदेखी की जा रही है।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया गया था। इस कार्रवाई से संतोष व्यक्त किया गया है कि पुलिस ने संभावित बड़े खतरे को समय रहते ही टाल दिया है।
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    मध्यप्रदेश पुलिस ने समय रहते एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे भविष्य में देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया गया था। इस कार्रवाई से संतोष व्यक्त किया गया है कि पुलिस ने संभावित बड़े खतरे को समय रहते ही टाल दिया है।
    user_पत्रकार शुभम तिवारी
    पत्रकार शुभम तिवारी
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रीवा जिले की जवा तहसील के ग्राम बवंधर में शासकीय मार्ग से अतिक्रमण हटाने का एक मामला, जो पिछले सात वर्षों से लंबित है, अब नए विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन वास्तविक अतिक्रमणकर्ता पर कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता को ही नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है, जिससे राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में, जिला पंचायत सदस्य दीपक वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान प्रभारी कलेक्टर के समक्ष इस शासकीय मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग रखी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी कलेक्टर ने तहसीलदार जवा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत, तहसीलदार जवा द्वारा अब राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत शिकायतकर्ता पक्ष के विरुद्ध ही नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने स्वयं अपने हिस्से का अतिक्रमण हटाकर मार्ग खुलवाने के लिए वर्षों तक कलेक्टर और कमिश्नर जैसे अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाए, उसी को नोटिस देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में कई बार हुए सीमांकन, नापजोख और न्यायालयीन आदेशों में शासकीय भूमि पर कब्जे की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, जिसमें अतिक्रमणकारी रामनरेश यादव का नाम सामने आया था। इसके बावजूद रामनरेश यादव के विरुद्ध न तो कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है और न ही वर्तमान में कोई नोटिस जारी हुई है। प्रशासन की इस निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक और स्थानीय पटवारी की भूमिका पर भी आपत्ति जताई है। तहसील कार्यालय के सूत्रों से पता चला है कि हालिया प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया है कि संबंधित अतिक्रमणकारी रामनरेश यादव द्वारा शासकीय मार्ग पर कोई कब्जा नहीं किया गया है, जबकि पूर्व में कई बेदखली आदेश जारी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि पहले के सीमांकन और आदेश सही थे, तो अब ऐसी विपरीत रिपोर्ट कैसे तैयार की जा रही है। ग्रामीण बृजलाल यादव ने बताया कि वर्ष 2019 से लेकर अब तक न्यायालय जवा, एसडीएम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और अपर कलेक्टर स्तर से कई आदेश पारित हुए, फिर भी शासकीय मार्ग अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और हीलाहवाली के कारण न्यायालयीन आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। ग्रामीण शिवाकांत कुशवाहा ने इस स्थिति को गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया है, वहीं दुर्गेश गुलशन यादव का कहना है कि अधिकारियों की निष्क्रियता से शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है और जनता का विश्वास कमजोर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं कमिश्नर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पूर्व में पारित बेदखली आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने और मनमानी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही शासकीय मार्ग को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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    रीवा जिले की जवा तहसील के ग्राम बवंधर में शासकीय मार्ग से अतिक्रमण हटाने का एक मामला, जो पिछले सात वर्षों से लंबित है, अब नए विवादों में घिर गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन वास्तविक अतिक्रमणकर्ता पर कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ता को ही नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है, जिससे राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हाल ही में, जिला पंचायत सदस्य दीपक वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान प्रभारी कलेक्टर के समक्ष इस शासकीय मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग रखी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी कलेक्टर ने तहसीलदार जवा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत, तहसीलदार जवा द्वारा अब राजस्व संहिता की धारा 248 के तहत शिकायतकर्ता पक्ष के विरुद्ध ही नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने स्वयं अपने हिस्से का अतिक्रमण हटाकर मार्ग खुलवाने के लिए वर्षों तक कलेक्टर और कमिश्नर जैसे अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाए, उसी को नोटिस देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में कई बार हुए सीमांकन, नापजोख और न्यायालयीन आदेशों में शासकीय भूमि पर कब्जे की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, जिसमें अतिक्रमणकारी रामनरेश यादव का नाम सामने आया था। इसके बावजूद रामनरेश यादव के विरुद्ध न तो कोई प्रभावी कार्रवाई की गई है और न ही वर्तमान में कोई नोटिस जारी हुई है। प्रशासन की इस निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने राजस्व निरीक्षक और स्थानीय पटवारी की भूमिका पर भी आपत्ति जताई है। तहसील कार्यालय के सूत्रों से पता चला है कि हालिया प्रतिवेदन में यह उल्लेख किया गया है कि संबंधित अतिक्रमणकारी रामनरेश यादव द्वारा शासकीय मार्ग पर कोई कब्जा नहीं किया गया है, जबकि पूर्व में कई बेदखली आदेश जारी हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि पहले के सीमांकन और आदेश सही थे, तो अब ऐसी विपरीत रिपोर्ट कैसे तैयार की जा रही है। ग्रामीण बृजलाल यादव ने बताया कि वर्ष 2019 से लेकर अब तक न्यायालय जवा, एसडीएम, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और अपर कलेक्टर स्तर से कई आदेश पारित हुए, फिर भी शासकीय मार्ग अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और हीलाहवाली के कारण न्यायालयीन आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। ग्रामीण शिवाकांत कुशवाहा ने इस स्थिति को गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया है, वहीं दुर्गेश गुलशन यादव का कहना है कि अधिकारियों की निष्क्रियता से शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है और जनता का विश्वास कमजोर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं कमिश्नर से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पूर्व में पारित बेदखली आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने और मनमानी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही शासकीय मार्ग को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
    user_रिपोर्टर अजय यादव
    रिपोर्टर अजय यादव
    Local News Reporter जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • भारतीय वायु सेना के एक विमान के क्रैश होने का वीडियो सामने आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में वायु सेवा के पाँच जवान शहीद हो गए थे।
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    भारतीय वायु सेना के एक विमान के क्रैश होने का वीडियो सामने आ गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में वायु सेवा के पाँच जवान शहीद हो गए थे।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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