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एक 17 वर्षीय किशोरी रागिनी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से यह प्रश्न उठ रहा है कि आखिर रागिनी के साथ क्या हुआ था।
Abhay TV News
एक 17 वर्षीय किशोरी रागिनी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से यह प्रश्न उठ रहा है कि आखिर रागिनी के साथ क्या हुआ था।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सतना के वार्ड नंबर 10 स्थित मारुति नगर मेन रोड पर पटवारी राम क्लेश त्रिपाठी द्वारा सरकारी सड़क पर अतिक्रमण किया गया है। इस अतिक्रमण के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में नगर निगम का अतिक्रमण विभाग कथित तौर पर पटवारी के सामने नतमस्तक दिखाई दे रहा है। सरकारी रोड पर हुए इस कब्जे के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।1
- जनपद बांदा के थाना बदौसा क्षेत्र के ग्राम चंदौर के पास एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में क्षेत्राधिकारी यातायात सौरभ सिंह ने जानकारी देते हुए पुष्टि की है कि चंदौर के पास हुई इस सड़क दुर्घटना में तीन व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। पुलिस बल घटनास्थल पर मौजूद है और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया के तहत, पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से संबंधित उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त की जा रही है और दुर्घटना में शामिल वाहनों के संबंध में भी आधिकारिक जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है, और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। सीओ ट्रैफिक सौरभ सिंह ने आम जनता से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें और तेज रफ्तार से बचें, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।4
- छतरपुर जिले में गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठे हैं, जहाँ जमीनी हकीकत और सरकारी रिकॉर्ड में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। राजनगर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सीलोन की गौशाला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर गौशालाओं में कोई गौवंश दिखाई नहीं देता, जबकि सरकारी अभिलेखों में 100 से अधिक गौवंश दर्ज बताए जा रहे हैं। यह स्थिति गौशालाओं के संचालन और उनकी व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशालाओं के नाम पर शासन से प्राप्त होने वाली सहायता राशि और उनकी वास्तविक व्यवस्थाओं की गहन जांच की जानी चाहिए। उनका स्पष्ट आरोप है कि यदि रिकॉर्ड में दर्ज संख्या के अनुसार गौवंश मौजूद नहीं हैं, तो इसके लिए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण हेतु गौशालाएँ संचालित की जा रही हैं, लेकिन कई स्थानों पर जमीनी स्थिति और कागजी रिकॉर्ड के बीच अंतर की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। अब सीलोन की गौशाला को लेकर भी एक पारदर्शी जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वे दोनों गौशालाओं का भौतिक सत्यापन करें, वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक करें और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उस पर आवश्यक कार्रवाई करें।1
- कड़ा में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहाँ फतेहपुर का एक मासूम बच्चा गंगा नदी में डूब गया। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम तत्काल बच्चे की तलाश में जुट गई है।1
- सतना स्थित बिरला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्डों की गुंडई का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बिरला अस्पताल के कई सिक्योरिटी गार्डों ने एक साथ मिलकर एक मरीज के परिजन को बेरहमी से पीटा।1
- सतना रेलवे स्टेशन पर कथित तौर पर अवैध वेंडर खुलेआम एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत पर पैक्ड सामग्री बेच रहे हैं। ये वेंडर बिना किसी यूनिफॉर्म और पहचान-पत्र (नेम स्लिप) के ही स्टेशन परिसर में यात्रियों से मनमाने दाम वसूलते नजर आ रहे हैं। यात्रियों से लगातार इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि, इन लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। इससे गंभीर सवाल उठते हैं कि आखिर बिना ड्रेस और पहचान-पत्र के ये वेंडर स्टेशन परिसर में इतनी आसानी से कैसे घूम रहे हैं, और क्या रेलवे प्रशासन को यह सब दिखाई नहीं दे रहा है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी इसकी अनदेखी की जा रही है।1
- रीवा के लौआ क्षेत्र में बैकुंठपुर से रीवा आ रही पूजा बस सर्विस की एक बस ने एक ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे ऑटो में सवार कई लोग घायल हो गए। दुर्घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संदीप मिश्रा वहीं से गुजर रहे थे, जिन्होंने घटना देखते ही तत्काल अपना वाहन रोककर घायलों की मदद शुरू की। ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण घायल उसमें फंसे हुए थे, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मिश्रा ने स्थानीय लोगों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकलवाया। उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था करवाई और सभी घायलों को शीघ्रता से संजय गांधी चिकित्सालय रीवा भिजवाया। इसके साथ ही, मिश्रा ने अमहिया थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि घायलों के समुचित एवं त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' के दौरान आवश्यक चिकित्सीय सहायता मिल सके।1