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सतना स्थित बिरला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्डों की गुंडई का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बिरला अस्पताल के कई सिक्योरिटी गार्डों ने एक साथ मिलकर एक मरीज के परिजन को बेरहमी से पीटा।
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
सतना स्थित बिरला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्डों की गुंडई का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, बिरला अस्पताल के कई सिक्योरिटी गार्डों ने एक साथ मिलकर एक मरीज के परिजन को बेरहमी से पीटा।
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- सतना शहर के घूरडांग चमन चौक में शराब के लिए पैसे न देने पर हुई मारपीट के मामले में एक आरोपी कोलगवां पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी की पहचान हर्ष उर्फ हर्भू (उम्र 22 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम रामराज सिंह है। वह मूल रूप से कोठरा (थाना जैतवारा) का निवासी है और वर्तमान में वार्ड क्रमांक 11, घूरडांग, एल.आई.जी. 11 में रहता है। कोलगवां पुलिस ने आरोपी हर्ष उर्फ हर्भू को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।1
- एक 17 वर्षीय किशोरी रागिनी की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से यह प्रश्न उठ रहा है कि आखिर रागिनी के साथ क्या हुआ था।2
- चित्रकूट जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के गढ़चपा गांव में एक वृद्ध चरवाहे के साथ दबंग द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित रामगरीव पुत्र स्वर्गीय महादेव ने गांव के ही रज्जू पुत्र पुरुषोत्तम पर आरोप लगाया है कि उसने तमंचे और कुल्हाड़ी के बल पर उनसे बकरियां और एक लाख रुपये की मांग की। रामगरीव के अनुसार, यह घटना रविवार दोपहर करीब 2 बजे मानिकपुर पहाड़ के पास तब हुई जब वह अपनी बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान रज्जू वहां पहुंचा और उनसे बकरियां तथा एक लाख रुपये की मांग करने लगा। आरोप है कि मांग पूरी न करने पर रज्जू ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए कुल्हाड़ी के बेंट से उनके साथ मारपीट की, जिससे रामगरीव को कई जगह चोटें आई हैं। इस घटना के बाद से पीड़ित रामगरीव और उनका परिवार दहशत में है। पीड़ित रामगरीव ने मानिकपुर थाने में प्रार्थना पत्र देकर दबंग के खिलाफ कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। ग्रामीणों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र में भय का माहौल बना रहेगा। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और कार्रवाई की मांग की जा रही है। गौरतलब है कि ये आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं, और पुलिस जांच एवं आधिकारिक पुष्टि के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे।3
- जेके सीमेंट ने ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी ने कोनी और अमानगंज में नवीन ब्यूटी पार्लर और सिलाई केंद्र शुरू किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके स्वरोजगार को नए पंख लगेंगे।1
- सतना के वार्ड नंबर 10 स्थित मारुति नगर मेन रोड पर पटवारी राम क्लेश त्रिपाठी द्वारा सरकारी सड़क पर अतिक्रमण किया गया है। इस अतिक्रमण के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में नगर निगम का अतिक्रमण विभाग कथित तौर पर पटवारी के सामने नतमस्तक दिखाई दे रहा है। सरकारी रोड पर हुए इस कब्जे के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।1
- चित्रकूट में सोमवती अमावस्या मेले के दौरान भारी भीड़ और यातायात दबाव के बीच एक सिपाही और बस चालक के बीच कहासुनी ने बीच सड़क पर मारपीट का रूप ले लिया। यह घटना स्टेशन रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों को एक-दूसरे से भिड़ते देखा जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात सिपाही कैलाश बस चालक से भीड़भाड़ वाले रास्ते को तत्काल खाली करने और बस को आगे बढ़ाने के लिए कह रहे थे। वहीं, बस चालक का दावा था कि आगे भारी जाम और वाहनों की अधिकता के कारण वह बस को आगे नहीं बढ़ा पा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। वायरल वीडियो में बस चालक सिपाही का कॉलर पकड़े हुए दिख रहा है, जबकि आरोप है कि सिपाही ने चालक को सड़क पर गिराकर पीटा, जिससे उसकी नाक में चोट आई और खून निकलने लगा। इस घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। मारपीट के बाद बढ़ते विवाद को देखते हुए बस चालक को शहर कोतवाली कर्वी ले जाया गया। दूसरी ओर, ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि चालक शराब के नशे में था और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से अभद्रता कर रहा था, जिसके कारण स्थिति बिगड़ी। हालांकि, घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि यदि चालक नशे में था तो उसकी चिकित्सीय जांच क्यों नहीं कराई गई, और यदि पुलिसकर्मी ने ड्यूटी के दौरान कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट की है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं की जानी चाहिए। यह सड़क पर हुई भिड़ंत कानून व्यवस्था बनाए रखने वालों और आम नागरिकों के बीच संबंधों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है। फिलहाल, यह मामला शहर कोतवाली कर्वी क्षेत्र के स्टेशन रोड का है और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किसकी गलती थी और किस पर कार्रवाई होगी।1