ईंट-भट्टों पर दम तोड़ता बचपन, किताबों की जगह हाथों में मजदूरी का बोझ संवाददाता: आकाश सिंह (AIMA), लखीमपुर खीरी। जहां एक ओर सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं जनपद खीरी के मैलानी क्षेत्र में कई मासूम बच्चों का बचपन ईंट-भट्टों की भट्ठियों में झुलसता नजर आ रहा है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में वे मजदूरी करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के कई ईंट-भट्टों और मजदूरी स्थलों पर छोटे-छोटे बच्चे काम करते दिखाई दे रहे हैं। कोई ईंट ढो रहा है, तो कोई मिट्टी तैयार करने में लगा है। इन मासूमों के चेहरों पर बचपन की मुस्कान नहीं, बल्कि गरीबी और मजबूरी की थकान साफ झलकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के चलते कई परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय काम पर लगा देते हैं। इससे न सिर्फ बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है। बाल श्रम कानून के तहत बच्चों से मजदूरी कराना अपराध है, इसके बावजूद यह सिलसिला लगातार जारी है। सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करेंगे? समाजसेवियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो हजारों बच्चों का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा। जरूरत है कि प्रशासन ईंट-भट्टों और अन्य कार्यस्थलों पर अभियान चलाकर बाल श्रम पर रोक लगाए और बच्चों को दोबारा स्कूलों तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कब जागते हैं और मासूम बच्चों के हाथों से मजदूरी का बोझ हटाकर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिला पाते हैं या नहीं।
ईंट-भट्टों पर दम तोड़ता बचपन, किताबों की जगह हाथों में मजदूरी का बोझ संवाददाता: आकाश सिंह (AIMA), लखीमपुर खीरी। जहां एक ओर सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं जनपद खीरी के मैलानी क्षेत्र में कई मासूम बच्चों का बचपन ईंट-भट्टों की भट्ठियों में झुलसता नजर आ रहा है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में वे मजदूरी करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के कई ईंट-भट्टों और मजदूरी स्थलों पर छोटे-छोटे बच्चे काम करते दिखाई दे रहे हैं। कोई ईंट ढो रहा है, तो कोई मिट्टी तैयार करने में लगा है। इन मासूमों के चेहरों पर बचपन की मुस्कान नहीं, बल्कि गरीबी और मजबूरी की थकान साफ झलकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के चलते कई परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय काम पर लगा देते हैं। इससे न सिर्फ बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है। बाल श्रम कानून के तहत बच्चों से मजदूरी कराना अपराध है, इसके बावजूद यह सिलसिला लगातार जारी है। सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करेंगे? समाजसेवियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो हजारों बच्चों का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा। जरूरत है कि प्रशासन ईंट-भट्टों और अन्य कार्यस्थलों पर अभियान चलाकर बाल श्रम पर रोक लगाए और बच्चों को दोबारा स्कूलों तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कब जागते हैं और मासूम बच्चों के हाथों से मजदूरी का बोझ हटाकर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिला पाते हैं या नहीं।
- लखीमपुर- एलआरपी बाईपास पर ओवरब्रिज के नीचे उत्तर प्रदेश सरकार और नगर पालिका द्वारा कराए गए वृक्षारोपण व सौंदर्यकरण पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन देखरेख के अभाव और नियमित सिंचाई न होने से करीब 60 प्रतिशत पौधे सूखकर नष्ट हो गए हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और रखरखाव की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं1
- संवाददाता: आकाश सिंह (AIMA), लखीमपुर खीरी। जहां एक ओर सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए लगातार अभियान चला रही है, वहीं जनपद खीरी के मैलानी क्षेत्र में कई मासूम बच्चों का बचपन ईंट-भट्टों की भट्ठियों में झुलसता नजर आ रहा है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उस उम्र में वे मजदूरी करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के कई ईंट-भट्टों और मजदूरी स्थलों पर छोटे-छोटे बच्चे काम करते दिखाई दे रहे हैं। कोई ईंट ढो रहा है, तो कोई मिट्टी तैयार करने में लगा है। इन मासूमों के चेहरों पर बचपन की मुस्कान नहीं, बल्कि गरीबी और मजबूरी की थकान साफ झलकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी और जागरूकता की कमी के चलते कई परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय काम पर लगा देते हैं। इससे न सिर्फ बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, बल्कि उनके मौलिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है। बाल श्रम कानून के तहत बच्चों से मजदूरी कराना अपराध है, इसके बावजूद यह सिलसिला लगातार जारी है। सवाल यह उठता है कि आखिर प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करेंगे? समाजसेवियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो हजारों बच्चों का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा। जरूरत है कि प्रशासन ईंट-भट्टों और अन्य कार्यस्थलों पर अभियान चलाकर बाल श्रम पर रोक लगाए और बच्चों को दोबारा स्कूलों तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर कब जागते हैं और मासूम बच्चों के हाथों से मजदूरी का बोझ हटाकर उन्हें शिक्षा का अधिकार दिला पाते हैं या नहीं।1
- "नाम है मिश्रा ममता जबान कतई गर्म चिमटा" हरदोई की ये प्रिंसिपल साहिबा अब राष्ट्रीय स्तर पर वायरल हो गई हैं.....देश के बड़े बड़े न्यूज़ चैनल्स और पत्रकार अब इस खबर को वीडियो सहित प्रमुखता से अपने सभी सोशल मीडिया एकाउंट पर चला रहे हैं "You shut up! Get lost.. काटो बच्चे का नाम, तुरंत रजिस्टर से नाम हटाओ. आ गए तमाशा करने, भागो यहां से... You shut up....shut up...." - यूपी के हरदोई में सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा की ये भाषा है प्रिंसिपल साहिबा बच्चे के मां-बाप को कहीं और से कापियां लेने के कारण इस तरह हड़का रही हैं.....53 सेकेंड में जबान में अग्निबाण रख कर कुल 10 बार "शट-अप" ममता मिश्रा ने1
- Post by Sanu khan1
- Post by Salman Khan shanu1
- #हरदोई स्कूल से कॉपी न खरीदना अभिभावक को पड़ा भारी, स्कूल की प्रिंसिपल ने अभिभावक को कहे अपशब्द, पीड़ित अभिभावक नीलम वर्मा का आरोप है कि प्रिंसिपल ने उनके साथ इंग्लिश में गाली गलौज किया और बच्चे को स्कूल से निकालने की दी धमकी, पीड़ित अभिभावक नीलम वर्मा के साथ अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, एसपी तिराहा के निकट स्थित एक निजी स्कूल का बताया जा रहा वायरल वीडियो, पीड़ित अभिभावक ने डीएम अनुनय झा से की कार्यवाही की मांग... #swaragininews #hardoi_city #hardoinews #hardoi #DMHardoi1
- लखीमपुर-शहर के मोहल्ला काशीनगर में दुर्गा मंदिर के पास वायरल खबर के बाद बीती रात जल्दबाजी में चुपचाप खंभा हटा दिया गया हड़बड़ी में किए गए काम के दौरान नाले की दीवार गिर गई जिससे नाला फट गया नगरपालिका की पानी सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है और आगे पानी नहीं पहुंच पा रहा जिससे लोग परेशान हैं1
- निघासन-पलिया मार्ग - चौड़ीकरण कार्य में अनियमितता, विधायक रोमी साहनी ने जताई नाराजगी निघासन-पलिया मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है, जहां ठेकेदार द्वारा मानक से अधिक मिट्टी का प्रयोग किए जाने की शिकायत है इसी दौरान मौके से गुजर रहे पलिया विधायक रोमी साहनी ने गाड़ी से उतरकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और मानक विहीन काम देखकर नाराजगी जताई विधायक ने ठेकेदार को गुणवत्ता के अनुसार कार्य करने और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये1