फर्रुखाबाद के राजेपुर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर सैकड़ों किसान अपनी फसल की तौल न होने के कारण भारी निराशा में हैं। लगातार खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद किसान अपनी कटी हुई फसल लेकर केंद्र पर पहुंचे हैं, लेकिन टोकन जारी होने के बाद भी मार्केटिंग इंस्पेक्टर द्वारा खरीद प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। किसानों का सीधा आरोप है कि यह देरी दलालों के इशारे पर जानबूझकर की जा रही है, ताकि वे मजबूर होकर अपनी फसल निजी खरीदारों को कम दामों पर बेचने के लिए बाध्य हो जाएं। राम निवास नामक किसान ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से ही केंद्र पर अपनी फसल के साथ कतार में खड़े हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से तौल को लेकर कोई सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि खुले में फसल पड़े रहने से उसमें नमी बढ़ेगी, जिससे न तो उन्हें फसल का सही दाम मिलेगा और न ही सरकारी भाव। वहीं, स्थानीय किसान नेता अशोक कुमार सिंह ने अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि टोकन बांटकर किसानों को शांत रखा जा रहा है, जबकि खरीद प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है। राजेपुर केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव भी देखने को मिल रहा है, जहाँ पर्याप्त तौल मशीनें, कर्मचारी और स्टोरेज क्षमता की कमी है। केंद्र पर आए बुजुर्गों और महिलाओं की स्थिति दयनीय है। खाद्य एवं रसद विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्टाफ की कमी और खराब मौसम के चलते बढ़े दबाव को स्वीकार किया है। अब प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है, अन्यथा किसानों में पनप रहा यह आक्रोश बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है।
फर्रुखाबाद के राजेपुर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर सैकड़ों किसान अपनी फसल की तौल न होने के कारण भारी निराशा में हैं। लगातार खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद किसान अपनी कटी हुई फसल लेकर केंद्र पर पहुंचे हैं, लेकिन टोकन जारी होने के बाद भी मार्केटिंग इंस्पेक्टर द्वारा खरीद प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। किसानों का सीधा आरोप है कि यह देरी दलालों के इशारे पर जानबूझकर की
जा रही है, ताकि वे मजबूर होकर अपनी फसल निजी खरीदारों को कम दामों पर बेचने के लिए बाध्य हो जाएं। राम निवास नामक किसान ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से ही केंद्र पर अपनी फसल के साथ कतार में खड़े हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से तौल को लेकर कोई सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि खुले में फसल पड़े रहने से उसमें नमी बढ़ेगी, जिससे
न तो उन्हें फसल का सही दाम मिलेगा और न ही सरकारी भाव। वहीं, स्थानीय किसान नेता अशोक कुमार सिंह ने अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि टोकन बांटकर किसानों को शांत रखा जा रहा है, जबकि खरीद प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है। राजेपुर केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव भी देखने को मिल रहा है, जहाँ पर्याप्त तौल मशीनें, कर्मचारी और स्टोरेज क्षमता
की कमी है। केंद्र पर आए बुजुर्गों और महिलाओं की स्थिति दयनीय है। खाद्य एवं रसद विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्टाफ की कमी और खराब मौसम के चलते बढ़े दबाव को स्वीकार किया है। अब प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है, अन्यथा किसानों में पनप रहा यह आक्रोश बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है।
- अयोध्या में आज नई फिल्म 'श्री रामभूमि' की शूटिंग का पहला दिन है। इस अवसर पर फिल्म की टीम ने श्री राम मंदिर पहुंचकर रामलला का आशीर्वाद लिया। निर्माताओं ने इस अनुभव को बेहद सुखद बताया और अपने परिवार, दोस्तों, पूरी फिल्म और सभी प्रशंसकों के लिए प्रार्थना की। शूटिंग के दौरान देश-विदेश से आए हजारों राम भक्तों की उपस्थिति रही। इस दौरान सभी ने एक स्वर में 'जय श्री राम' का उद्घोष किया। ज़ी स्टूडियोज़ और कामाख्या नारायण सिंह के संयोजन में बन रही इस फिल्म के लिए अयोध्या से इसकी शुरुआत की गई है।1
- कन्नौज के सौरिख में बिजली विभाग के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आया है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मंडल उपाध्यक्ष लाइनमैन द्वारा की जा रही अवैध वसूली की शिकायत लेकर बिजलीघर पहुंचे, जहाँ जेई ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिजलीघर पर पहुंचकर जेई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में डीपी बदलने, नए कनेक्शन जोड़ने और काटने के नाम पर ग्रामीणों से लगातार अवैध वसूली की जा रही है और विरोध करने पर विभाग के अधिकारी अभद्र व्यवहार पर उतर आते हैं। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक संबंधित जेई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा दे देंगे। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को टोकन जारी होने के बावजूद किसानों की फसल की तौल नहीं की जा रही है, जिससे सैकड़ों किसान घंटों से केंद्र पर इंतजार करने को मजबूर हैं। खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण पहले ही फसल को केंद्र तक लाने में किसानों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। किसानों का कहना है कि यदि तौल प्रक्रिया में देरी जारी रही और फसल खुली में पड़ी रही, तो नमी बढ़ने के कारण उनकी उपज खराब हो जाएगी। किसानों ने आरोप लगाया है कि मार्केटिंग इंस्पेक्टर की अनदेखी और दलालों के हस्तक्षेप के कारण यह स्थिति बनी है। उनका दावा है कि केंद्र पर जानबूझकर खरीद प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है ताकि परेशान होकर किसान अपनी फसल निजी खरीदारों को कम दामों पर बेचने के लिए विवश हो जाएं। एक स्थानीय किसान नेता के अनुसार, अधिकारी और दलाल मिले हुए हैं और पिछले कई दिनों से खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है। केंद्र पर स्टोरेज की कमी, तौल मशीनों का अभाव और कर्मचारियों की कमी भी किसानों की पीड़ा को और बढ़ा रही है। इस मामले पर जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। हालांकि, किसान इन दावों पर संदेह जता रहे हैं क्योंकि पूर्व में भी ऐसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब किसान संगठनों ने प्रशासन से राजेपुर केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ और मशीनें लगाने, दलालों पर कार्रवाई करने, खरीद की समयसीमा बढ़ाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर समय से भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस के भीतर एक युवक के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई है। पीड़ित सोनू का आरोप है कि कायमगंज से नवाबगंज की यात्रा के दौरान बस में बैठने को लेकर चालक और परिचालक के साथ उसकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर परिचालक ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और उसे फर्रुखाबाद बस स्टैंड पर नीचे उतार दिया। पीड़ित ने बस का नंबर UP 78 52 21 बताया है। युवक ने रोडवेज कर्मियों द्वारा यात्रियों के साथ लगातार हो रहे अभद्र व्यवहार और दबंगई पर नाराजगी जाहिर की है। उसने परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक रोडवेज प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक भीषण सड़क हादसे में पिता और उनकी मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई है। इस दुखद घटना में एक अन्य बच्ची के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।1
- फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंदन नगला गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ एक युवक सीढ़ी से नीचे गिर गया, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया है।1