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उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक भीषण सड़क हादसे में पिता और उनकी मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई है। इस दुखद घटना में एक अन्य बच्ची के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।
CITY NEWS
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक भीषण सड़क हादसे में पिता और उनकी मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई है। इस दुखद घटना में एक अन्य बच्ची के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।
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- कानपुर नगर निगम मुख्यालय में गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब दूसरी मंजिल पर स्थित लेखा एवं मार्ग प्रकाश विभाग में भीषण आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते वहां मौजूद सभी कर्मचारियों व अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, आग से कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। मामले की शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। वहीं, नगर निगम में ऑडिट और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलों की जांच की चर्चाओं के बीच इन फाइलों का जलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इसके अलावा, पार्षदों ने भी नगर निगम की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए हैं, जिससे अब यह मामला केवल एक हादसे के बजाय जांच का विषय बन गया है।1
- फर्रुखाबाद के राजेपुर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर शुक्रवार को किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। टोकन जारी होने के बावजूद केंद्र पर मक्का की तौल नहीं की जा रही है, जिसके कारण सैकड़ों किसान घंटों से केंद्र पर इंतजार करने को मजबूर हैं। किसान लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के बीच अपनी फसल खुले में रखने को विवश हैं, जिससे नमी के कारण मक्का के खराब होने और आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने मार्केटिंग इंस्पेक्टर की अनदेखी और दलालों के हस्तक्षेप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि दलाल जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं और सरकारी क्रय केंद्र पर प्रक्रिया में देरी की जा रही है ताकि मजबूरन किसान अपनी फसल निजी खरीदारों को कम दामों पर बेच दें। वहीं, खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया है, हालांकि किसान पिछले अनुभवों के कारण इन दावों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए किसान संगठनों ने जिला प्रशासन से राजेपुर केंद्र पर अतिरिक्त स्टाफ और तौल मशीनों की तैनाती करने, दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, खरीद की समयसीमा बढ़ाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद व समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश में भाजपा के एक मंत्री का सड़क निर्माण को लेकर दिया गया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। एक वीडियो के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, मंत्री ने जनता से कहा है कि वे अपनी सड़क खुद बना लें। इस बयान के बाद #HungamaNewsutterbharat हैशटैग के साथ यह मामला सोशल मीडिया पर छा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्थित मोहम्मदाबाद क्षेत्र में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच हुई घटना का अपर पुलिस अधीक्षक ने अनावरण किया है। पुलिस की ओर से मामले की जानकारी सार्वजनिक करते हुए इस विवाद और घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट की गई है।1
- फर्रुखाबाद नगर पालिका परिषद और शमशाबाद नगर पंचायत में उचित दर की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से लॉटरी के माध्यम से संपन्न हुई। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस चयन प्रक्रिया की शुरुआत 9 वर्ष की एक बच्ची के हाथों कराई गई, जिसके बाद कुल तीन नए विक्रेताओं को चुना गया। शमशाबाद नगर पंचायत के वार्ड संख्या-16 के लिए 12 आवेदनों में से जांच के बाद नौ पात्र उम्मीदवारों के बीच लॉटरी डाली गई, जिसमें श्री मुदित गुप्ता पुत्र श्री राकेश कुमार गुप्ता का चयन हुआ। वहीं, वार्ड संख्या-17 के लिए 10 आवेदनों में से पांच पात्र आवेदकों के बीच लॉटरी कराई गई, जिसमें श्री विष्णु प्रकाश पुत्र श्री नरसिंह को विक्रेता चुना गया। इसके अतिरिक्त, नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद में नौ आवेदनों में से जांच के बाद छह पात्र उम्मीदवारों के बीच लॉटरी आयोजित की गई, जिसके जरिए कुंवारी अंशिका गौतम पुत्री श्री वीरेंद्र गौतम का चयन उचित दर विक्रेता के रूप में हुआ। उपस्थित आवेदकों ने इस पूरी चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताया।1
- फर्रुखाबाद में भारतीय किसान यूनियन सर्वोदय का धरना प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन के चलते जिले में किसानों की सक्रियता बनी हुई है।1
- फर्रुखाबाद के राजेपुर स्थित सरकारी मक्का क्रय केंद्र पर सैकड़ों किसान अपनी फसल की तौल न होने के कारण भारी निराशा में हैं। लगातार खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद किसान अपनी कटी हुई फसल लेकर केंद्र पर पहुंचे हैं, लेकिन टोकन जारी होने के बाद भी मार्केटिंग इंस्पेक्टर द्वारा खरीद प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। किसानों का सीधा आरोप है कि यह देरी दलालों के इशारे पर जानबूझकर की जा रही है, ताकि वे मजबूर होकर अपनी फसल निजी खरीदारों को कम दामों पर बेचने के लिए बाध्य हो जाएं। राम निवास नामक किसान ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से ही केंद्र पर अपनी फसल के साथ कतार में खड़े हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से तौल को लेकर कोई सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि खुले में फसल पड़े रहने से उसमें नमी बढ़ेगी, जिससे न तो उन्हें फसल का सही दाम मिलेगा और न ही सरकारी भाव। वहीं, स्थानीय किसान नेता अशोक कुमार सिंह ने अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि टोकन बांटकर किसानों को शांत रखा जा रहा है, जबकि खरीद प्रक्रिया को बाधित किया जा रहा है। राजेपुर केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव भी देखने को मिल रहा है, जहाँ पर्याप्त तौल मशीनें, कर्मचारी और स्टोरेज क्षमता की कमी है। केंद्र पर आए बुजुर्गों और महिलाओं की स्थिति दयनीय है। खाद्य एवं रसद विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्टाफ की कमी और खराब मौसम के चलते बढ़े दबाव को स्वीकार किया है। अब प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है, अन्यथा किसानों में पनप रहा यह आक्रोश बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है।4
- फर्रुखाबाद जिले के अमृतपुर थाना क्षेत्र के नगला खुशाली गांव में शुक्रवार सुबह एक दुखद हादसा सामने आया, जिसमें 60 वर्षीय बेचेलाल की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। बेचेलाल पुत्र मुंगलाल दोपहर करीब 11 बजे अपने जानवरों को चराने के लिए खेतों की ओर गए थे। सोता नाले के किनारे से गुजरते समय उनका पैर फिसल गया, जिससे वे गहरे पानी में जा गिरे। काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि जानवर खेत में खड़े हैं, लेकिन पिता कहीं नहीं दिख रहे थे। परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर करीब दो घंटे तक खोजबीन की, जिसके बाद नाले से उनका शव बरामद किया गया। ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से बेचेलाल की पत्नी रजनी और पूरे परिवार पर गहरा दुख छा गया है, वहीं गांव में शोक की लहर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले के किनारे सुरक्षा की कोई दीवार या चेतावनी पट्टिका नहीं है, जिसके कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में उचित सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है। सूचना मिलते ही अमृतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में इसे एक हादसा माना जा रहा है।3