सरदारशहर दर्दनाक हादसे के बीच इंसानियत की मिसाल: पत्नी के निधन के बाद एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने कराया नेत्रदान प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर दर्दनाक हादसे के बीच इंसानियत की मिसाल: पत्नी के निधन के बाद एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने कराया नेत्रदान नागौर जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बीच मानवता और संवेदनशीलता की एक मिसाल सामने आई है। जोधपुर हाईकोर्ट के जाने-माने एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने अपनी पत्नी के निधन के बाद उनकी आंखें नेत्रदान कर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। नागौर के जेएलएन अस्पताल में दुर्गा देवी भाटी की आंखें डोनेट की गईं, ताकि उनकी आंखों से किसी जरूरतमंद को नई रोशनी मिल सके। जानकारी के अनुसार रविवार को नागौर-लाडनूं हाईवे पर सूरपालिया के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में फॉर्च्यूनर कार, ट्रक और टैंकर की जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में फॉर्च्यूनर कार में सवार दुर्गा देवी भाटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत नागौर के जेएलएन अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे में एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी और उनका ड्राइवर भी घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पत्नी के निधन के बाद एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने उनकी आंखें नेत्रदान करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी दुर्गा देवी भाटी इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनकी आंखों से लोगों को रोशनी मिलेगी। यही हमारे परिवार के लिए सबसे बड़ा संतोष है।” इस दौरान नागौर जिला कलेक्टर चंपा लाल जीनगर और पीएमओ डॉ. आर.के. अग्रवाल भी अस्पताल पहुंचे और एडवोकेट को ढांढस बंधाया। कलेक्टर चंपा लाल जीनगर ने कहा कि दुख की घड़ी में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक है और नेत्रदान से कई जिंदगियां रोशन हो सकती हैं। वहीं हादसे के बाद लाडनूं हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुरपालिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम हटवाया। क्रेन की मदद से पशुओं के चारे से भरा पलटा हुआ ट्रक हाईवे से हटाया गया। हादसे में फॉर्च्यूनर कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी अपनी पत्नी दुर्गा देवी के साथ फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर चूरू जिले के अपने गांव बुकलसर जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
सरदारशहर दर्दनाक हादसे के बीच इंसानियत की मिसाल: पत्नी के निधन के बाद एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने कराया नेत्रदान प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर दर्दनाक हादसे के बीच इंसानियत की मिसाल: पत्नी के निधन के बाद एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने कराया नेत्रदान नागौर जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बीच मानवता और संवेदनशीलता की एक मिसाल सामने आई है। जोधपुर हाईकोर्ट के जाने-माने एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने अपनी पत्नी के निधन के बाद उनकी आंखें नेत्रदान कर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। नागौर के जेएलएन अस्पताल में दुर्गा
देवी भाटी की आंखें डोनेट की गईं, ताकि उनकी आंखों से किसी जरूरतमंद को नई रोशनी मिल सके। जानकारी के अनुसार रविवार को नागौर-लाडनूं हाईवे पर सूरपालिया के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में फॉर्च्यूनर कार, ट्रक और टैंकर की जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में फॉर्च्यूनर कार में सवार दुर्गा देवी भाटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत नागौर के जेएलएन अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे में एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी और उनका ड्राइवर भी घायल हुए, जिन्हें प्राथमिक
उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पत्नी के निधन के बाद एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी ने उनकी आंखें नेत्रदान करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी दुर्गा देवी भाटी इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनकी आंखों से लोगों को रोशनी मिलेगी। यही हमारे परिवार के लिए सबसे बड़ा संतोष है।” इस दौरान नागौर जिला कलेक्टर चंपा लाल जीनगर और पीएमओ डॉ. आर.के. अग्रवाल भी अस्पताल पहुंचे और एडवोकेट को ढांढस बंधाया। कलेक्टर चंपा लाल जीनगर ने कहा कि दुख की घड़ी में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक है
और नेत्रदान से कई जिंदगियां रोशन हो सकती हैं। वहीं हादसे के बाद लाडनूं हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुरपालिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम हटवाया। क्रेन की मदद से पशुओं के चारे से भरा पलटा हुआ ट्रक हाईवे से हटाया गया। हादसे में फॉर्च्यूनर कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि एडवोकेट राजेन्द्र सिंह भाटी अपनी पत्नी दुर्गा देवी के साथ फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर चूरू जिले के अपने गांव बुकलसर जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया।
- झुंझुनूं जिले के बुहाना उपखंड क्षेत्र में एक पशुपालक की आजीविका पर अचानक संकट टूट पड़ा, जब उसकी 95 भेड़ों की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया और पशुपालक को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। मामला ग्राम पंचायत झारोडा के गांव इस्माइलपुर का है। यहां वार्ड नंबर 2 निवासी धर्मेन्द्र पुत्र लोकराम शर्मा की करीब 95 भेड़ों की अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ ही समय में एक के बाद एक भेड़ें मरती चली गईं, जिससे पशुपालक के होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत से पूरे गांव में चिंता का माहौल बन गया। पशुपालक धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है और इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों के मरने से उनका पूरा व्यवसाय लगभग खत्म हो गया है। अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित धर्मेन्द्र शर्मा ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपील की है कि तुरंत पशु चिकित्सा टीम को मौके पर भेजकर भेड़ों की मौत के कारणों की जांच करवाई जाए और पीड़ित परिवार को जल्द राहत प्रदान की जाए।1
- राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक प्रकरण निस्तारण पर झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग की सराहना, झुंझुनूं,। विश्व उपभोक्ता दिवस के अवसर पर जयपुर के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित राज्य स्तरीय उपभोक्ता सम्मेलन में झुंझुनूं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के कार्यों की प्रदेश स्तर पर सराहना की गई। सम्मेलन में राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जस्टिस देवेंद्र कच्छवाहा ने झुंझुनूं आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक प्रकरणों का निस्तारण कर आयोग ने उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता आयोगों का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को सरल, सस्ता और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है तथा झुंझुनूं आयोग इस दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है। हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मनोज कुमार मील के नेतृत्व में झुंझुनूं आयोग की बेंच ने बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण कर प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया, जो अन्य आयोगों के लिए प्रेरणादायक है। सम्मेलन में उपभोक्ता संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, उपभोक्ता अदालतों की कार्यप्रणाली को प्रभावी करने तथा उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में उपभोक्ताओं को गुणवत्ता युक्त वस्तुओं के उपयोग और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई।1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- 🕉️🚩गणपति संकट मोचन 151 🚩 विघ्नहर्ता की छत्रछाया में। ✨ सफ़र की शुरुआत, बप्पा के नाम के साथ। रक्षक: संकट मोचन 151। 🔱 ⛳🙋🙏💐🇮🇳🌏1
- Post by RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर1
- Post by सैय्यद अख्तर (पत्रकार), बीकानेर1
- झुंझुनूं जिले में एक युवक पर सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बदमाशों ने पहले युवक को फोन कर बस स्टैंड पर बुलाया और फिर स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर उस पर बेरहमी से हमला कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार बनवास निवासी सुभाष को किसी अज्ञात युवक ने फोन कर कॉपर बस स्टैंड पर बुलाया। सुभाष अपनी बाइक लेकर जैसे ही बस स्टैंड पहुंचा, वहां पहले से घात लगाए बैठे स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही सुभाष सड़क पर गिर गया। इसके बाद बदमाशों ने धारदार हथियारों और सरियों से उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में सुभाष गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत सिंघाना अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल झुंझुनूं रेफर कर दिया। हमले में सुभाष के हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया है साथ ही सिर में भी चोट आई है। घटना को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश स्कॉर्पियो में बैठकर मौके से फरार हो गए। घटना रविवार रात की बताई जा रही है।1
- टूटी सड़क से परेशान सुभाष मार्ग वासियो ने खुद के खर्चे से भरे गड्ढे, झुंझुनू। शहर के सुभाष मार्ग पर लंबे समय से टूटी पड़ी सड़क आमजन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। कई बार शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने पर सुभाष मार्ग वासियों ने खुद ही पहल करते हुए अपने खर्चे से सड़क के गड्ढों को भरने का कार्य किया। रविवार को वार्ड के कुछ जिम्मेदार नागरिकों ने बजरी, रोड़ी और सीमेंट मंगवाकर सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों को भर दिया, जिससे आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सके। इस कार्य में पूर्व नगर परिषद कर्मचारी काशम अली, हिमालय डिपार्टमेंट स्टोर के मालिक प्रमोद कुमावत तथा चाय का ठेला लगाने वाले सुनील ने प्रमुख भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुभाष मार्ग पर सड़क काफी समय से क्षतिग्रस्त है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। आखिरकार सुभाष मार्ग वासियों ने स्वयं पहल करते हुए सामाजिक जिम्मेदारी निभाई और अपने स्तर पर सड़क के गड्ढों को भरकर अस्थायी राहत प्रदान की। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग भी की है।1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1