छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत उद्यानिकी महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अधिष्ठाता डॉ. आर.सी. शर्मा के मार्गदर्शन में महाविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ और इस वर्ष की आधिकारिक थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" (स्वस्थ आयु के लिए योग) पर आधारित था। इस अवसर पर बताया गया कि यह थीम इस बात पर जोर देती है कि योग केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में भी शारीरिक चुस्ती, मानसिक शांति और आत्मनिर्भरता बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के अंतर्गत आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की सर्टिफाइड योग प्रशिक्षक मिस नीलिमा घोंगे के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं और स्टाफ को सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, योग की विभिन्न मुद्राओं और ध्यान का अभ्यास कराया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रीमती शिखा शर्मा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. गौरव महाजन (वैज्ञानिक), श्री कालूराम मैढ़ा, श्री प्रकाश सांवले, श्री नितेश रंगडाले, श्री गणेश, मिस वंदना, श्रीमती सरोज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे और उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत उद्यानिकी महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन अधिष्ठाता डॉ. आर.सी. शर्मा के मार्गदर्शन में महाविद्यालय परिसर में सम्पन्न हुआ और इस वर्ष की आधिकारिक थीम "योगा फॉर हेल्दी एजिंग" (स्वस्थ आयु के लिए योग) पर आधारित था। इस अवसर पर बताया गया कि यह थीम इस बात पर जोर देती है कि योग केवल युवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में भी शारीरिक चुस्ती, मानसिक शांति और आत्मनिर्भरता बनाए रखने का सबसे प्रभावी
माध्यम है। कार्यक्रम के अंतर्गत आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की सर्टिफाइड योग प्रशिक्षक मिस नीलिमा घोंगे के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं और स्टाफ को सूक्ष्म व्यायाम, सूर्य नमस्कार, योग की विभिन्न मुद्राओं और ध्यान का अभ्यास कराया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्रीमती शिखा शर्मा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस अवसर पर डॉ. गौरव महाजन (वैज्ञानिक), श्री कालूराम मैढ़ा, श्री प्रकाश सांवले, श्री नितेश रंगडाले, श्री गणेश, मिस वंदना, श्रीमती सरोज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे और उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
- छिंदवाड़ा जिले में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी शहरवासियों और जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण दिन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग करने से एकाग्रता बढ़ती है, स्वास्थ्य बेहतर होता है और हमें एक संतुलित जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त होता है। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि वे स्वस्थ और निरोगी रह सकें।1
- एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें जल्द से जल्द गाँव में नल जल की सुविधा उपलब्ध कराने की माँग की गई है।1
- सहसवान में खंड विकास अधिकारी के खिलाफ पिछले 11 दिनों से चला आ रहा धरना 20 जून को समाप्त हो गया। यह विरोध प्रदर्शन कुल 11 दिनों तक चला।1
- जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।1
- विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में सिद्ध बाबा परिसर में एक सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्वस्थ जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- खैरा पलारी में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका सफल समापन हुआ। इस बैठक के दौरान, संगठन की नगर कार्यकारिणी का गठन भी किया गया है।1
- छिंदवाड़ा-पांढुरना जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ का 52वां जन्मदिन आज पांढुरना में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। विधायक कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केक काटकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नकुलनाथ के उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करते हुए, केक काटने के बाद एक-दूसरे को मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। इस जन्मदिन कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके, विधायक नीलेश उईके, ब्लॉक अध्यक्ष विलास डोंगरे, नगर अध्यक्ष जयंत घोड़े के साथ-साथ विलास धोटे, भरत सिंह ठाकुर, ओम पटेल, अरुण धुर्वे, सुरेश सुरजुसे, गोपाल अजमीरे, श्रीकांत महाजन, देवकांत मांडोगडे, नितिन देवड़ा, अरुण कुमार धुर्वे, सिराज भाई, अमजद खान, तुलसीदास सलामे, आकाश कोल्हे, अरशद खान, सुरेन्द्र सुले, श्रीमती प्रतिमा मेश्राम और उज्ज्वल देशमुख समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- छिंदवाड़ा जिले के पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी का जन्मदिन आज परासिया विधायक सोहनलाल बाल्मीक जी और कांग्रेस परिवार ने मिलकर मनाया। यह जन्मदिन समारोह चांदामेटा स्थित इंटक कार्यालय में आयोजित किया गया, जहाँ केक काटकर खुशियाँ व्यक्त की गईं।1