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जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।

1 hr ago
user_Baljeet Chouhan
Baljeet Chouhan
Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।

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  • जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा। ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।
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    जनपद पंचायत बिछुआ के ग्राम कढ़ैया में 40 लाख रुपए की लागत से बना डेम अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार, इस डेम को बिना जनता की सहमति और तकनीकी मानकों का पालन किए, केवल कागजों पर विकास दिखाने के लिए बनाया गया है। इस अनुपयोगी निर्माण को लेकर ग्राम कढ़ैया के किसान आक्रोशित हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि डेम के स्थल चयन के समय तकनीकी टीम ने जलग्रहण क्षेत्र, पानी की उपलब्धता और उपयोगिता की कोई जांच नहीं की। जिस पहाड़ी पर डेम बना है, वहां न कोई नाला, नदी या प्राकृतिक जलधारा है, फिर भी संबंधित अधिकारी ने इसे तकनीकी स्वीकृति दे दी और ठेकेदार ने आनन-फानन में निर्माण पूरा कर दिया। ग्रामीणों ने डेम निर्माण से पहले हुई ग्राम सभा में इस स्थान का विरोध किया था, किसानों का तर्क था कि गांव से दूर पहाड़ी की चोटी पर बना डेम खेतों तक पानी कैसे पहुंचाएगा, लेकिन उनकी आपत्तियों को ठेकेदार और अधिकारी दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि अधिकारी ने आंख बंद कर स्वीकृति दी और ठेकेदार ने घटिया निर्माण कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया।

मामला सिर्फ गलत जगह के चयन तक सीमित नहीं है, ग्रामीणों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, 40 लाख रुपए के इस डेम की पिचिंग में मानक पत्थर की जगह पथरीली मिट्टी और कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों की आशंका है कि पहली जोरदार बारिश में ही यह पिचिंग बह जाएगी और पूरा डेम क्षतिग्रस्त हो जाएगा।

ग्रामीणों की शिकायत पर कुछ दिन पहले जनपद पंचायत CEO अपना जांच दल लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे थे, और ग्रामीणों के अनुसार, जांच दल ने निर्माण कार्य में अनियमितता पाई है। अब ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से कढ़ैया डेम की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। वे डेम की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति फाइल, साइट सिलेक्शन रिपोर्ट, भुगतान कागजात और गुणवत्ता जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में अधिकारी की लापरवाही और ठेकेदार का घटिया निर्माण साबित होता है, तो दोनों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकारी राशि की वसूली की जाए।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • छिंदवाड़ा जिले में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी शहरवासियों और जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण दिन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग करने से एकाग्रता बढ़ती है, स्वास्थ्य बेहतर होता है और हमें एक संतुलित जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त होता है। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि वे स्वस्थ और निरोगी रह सकें।
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    छिंदवाड़ा जिले में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी शहरवासियों और जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण दिन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग करने से एकाग्रता बढ़ती है, स्वास्थ्य बेहतर होता है और हमें एक संतुलित जीवन जीने का महत्वपूर्ण संदेश प्राप्त होता है। कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि वे स्वस्थ और निरोगी रह सकें।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें जल्द से जल्द गाँव में नल जल की सुविधा उपलब्ध कराने की माँग की गई है।
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    एक शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें जल्द से जल्द गाँव में नल जल की सुविधा उपलब्ध कराने की माँग की गई है।
    user_Pardeep  Uikey
    Pardeep Uikey
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सहसवान में खंड विकास अधिकारी के खिलाफ पिछले 11 दिनों से चला आ रहा धरना 20 जून को समाप्त हो गया। यह विरोध प्रदर्शन कुल 11 दिनों तक चला।
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    सहसवान में खंड विकास अधिकारी के खिलाफ पिछले 11 दिनों से चला आ रहा धरना 20 जून को समाप्त हो गया। यह विरोध प्रदर्शन कुल 11 दिनों तक चला।
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • आज शाम गोपालगंज और बघराज सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। इस झमाझम बरसात से इलाके के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल है।
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    आज शाम गोपालगंज और बघराज सहित क्षेत्र के अन्य गांवों में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश दर्ज की गई। इस झमाझम बरसात से इलाके के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल है।
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही निःशुल्क साइकिल वितरण योजना पर अब सवाल उठने लगे हैं। पीएम श्री हाई सेकंडरी स्कूल बादलपार में वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, हाल ही में वितरित की गई एक साइकिल में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि साइकिल के कई पुर्जे ढीले थे और सबसे हैरानी की बात यह रही कि साइकिल के पहिए में ट्यूब ही नहीं थी। इतना ही नहीं, साइकिल में लगे टायर में भी दरारें दिखाई दे रही थीं, जिससे उसकी गुणवत्ता पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि छात्रों को इस प्रकार की घटिया एवं असुरक्षित साइकिलें वितरित की जा रही हैं, तो यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ भी सीधा खिलवाड़ है, क्योंकि खराब साइकिलों के कारण कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रह सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग द्वारा तत्काल जांच कराने तथा साइकिलों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कर दोषी सप्लायर और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका मानना है कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाना चाहिए। अब बड़ा सवाल यह है कि जब साइकिलों का वितरण किया गया, तब उनकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई। यदि वितरण के समय ही ऐसी खामियां मौजूद थीं तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है, यह देखने वाली बात होगी।
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    प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही निःशुल्क साइकिल वितरण योजना पर अब सवाल उठने लगे हैं। पीएम श्री हाई सेकंडरी स्कूल बादलपार में वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में वितरित की गई एक साइकिल में कई चौंकाने वाली खामियां सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि साइकिल के कई पुर्जे ढीले थे और सबसे हैरानी की बात यह रही कि साइकिल के पहिए में ट्यूब ही नहीं थी। इतना ही नहीं, साइकिल में लगे टायर में भी दरारें दिखाई दे रही थीं, जिससे उसकी गुणवत्ता पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि छात्रों को इस प्रकार की घटिया एवं असुरक्षित साइकिलें वितरित की जा रही हैं, तो यह न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ भी सीधा खिलवाड़ है, क्योंकि खराब साइकिलों के कारण कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी रह सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग द्वारा तत्काल जांच कराने तथा साइकिलों की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कर दोषी सप्लायर और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका मानना है कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाना चाहिए।

अब बड़ा सवाल यह है कि जब साइकिलों का वितरण किया गया, तब उनकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई। यदि वितरण के समय ही ऐसी खामियां मौजूद थीं तो जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी इस गंभीर समस्या पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है, यह देखने वाली बात होगी।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार और कलेक्टर सिवनी के मार्गदर्शन में सिवनी के कृषि विज्ञान केंद्र में एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला और कृषक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस आयोजन में जिले के बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिवनी विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। विधायक ने किसानों को रासायनिक खेती पर अपनी निर्भरता कम करके प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर आधारित खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उपसंचालक कृषि श्री सुधीर कुमार धुर्वे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. शेखर सिंह बघेल ने प्राकृतिक और जैविक खेती की तकनीकों, संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा परीक्षण के महत्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. निखिल सिंह ने किसानों को जीवामृत, बीजामृत और दशपर्णी अर्क के निर्माण और उपयोग की प्रायोगिक जानकारी दी। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती से उत्पादित अनाज, सब्जियों, फलों और अन्य उत्पादों के बारे में भी बताया गया। कार्यशाला के उपरांत किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के हस्तांतरण अवसर पर आयोजित "पीएम किसान उत्सव" कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री प्रदीप राय, अपर कलेक्टर श्री सी.एल. चनाप, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य किसान उपस्थित रहे।
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    मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार और कलेक्टर सिवनी के मार्गदर्शन में सिवनी के कृषि विज्ञान केंद्र में एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला और कृषक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस आयोजन में जिले के बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिवनी विधायक श्री दिनेश राय मुनमुन ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। विधायक ने किसानों को रासायनिक खेती पर अपनी निर्भरता कम करके प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर आधारित खेती की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उपसंचालक कृषि श्री सुधीर कुमार धुर्वे ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों और योजनाओं की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. शेखर सिंह बघेल ने प्राकृतिक और जैविक खेती की तकनीकों, संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा परीक्षण के महत्व पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. निखिल सिंह ने किसानों को जीवामृत, बीजामृत और दशपर्णी अर्क के निर्माण और उपयोग की प्रायोगिक जानकारी दी। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती से उत्पादित अनाज, सब्जियों, फलों और अन्य उत्पादों के बारे में भी बताया गया।

कार्यशाला के उपरांत किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के हस्तांतरण अवसर पर आयोजित "पीएम किसान उत्सव" कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण भलावी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती मीना बिसेन, किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री प्रदीप राय, अपर कलेक्टर श्री सी.एल. चनाप, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य किसान उपस्थित रहे।
    user_Ramkumar Prajapati
    Ramkumar Prajapati
    Classified ads newspaper publisher कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • छिंदवाड़ा के बिछुआ स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में रविवार को लोकप्रिय युवा नेता एवं पूर्व सांसद माननीय नकुल नाथ जी का जन्मदिन उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने केक काटकर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर नकुल नाथ जी के उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु की कामना की। इस दौरान "नकुल नाथ जी जिंदाबाद" के नारे भी लगाए गए, जिससे पूरा माहौल गूंज उठा। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष इंद्रपाल पटेल, ब्लॉक कांग्रेस समन्वयक अतरलाल कुमरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिछुआ अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह ठाकुर, महासचिव विपिन कुमार उइके, मंडलम अध्यक्ष सहस पटेल, नगर कांग्रेस समन्वयक कैलाश मालवीय, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती शर्मा, युवक कांग्रेस अध्यक्ष किरण कुमार कुड़ोपे सहित ब्लॉक, नगर और मंडलम कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने नकुल नाथ जी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
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    छिंदवाड़ा के बिछुआ स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में रविवार को लोकप्रिय युवा नेता एवं पूर्व सांसद माननीय नकुल नाथ जी का जन्मदिन उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने केक काटकर और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर नकुल नाथ जी के उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु की कामना की। इस दौरान "नकुल नाथ जी जिंदाबाद" के नारे भी लगाए गए, जिससे पूरा माहौल गूंज उठा।

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष इंद्रपाल पटेल, ब्लॉक कांग्रेस समन्वयक अतरलाल कुमरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बिछुआ अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह ठाकुर, महासचिव विपिन कुमार उइके, मंडलम अध्यक्ष सहस पटेल, नगर कांग्रेस समन्वयक कैलाश मालवीय, ब्लॉक महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती शर्मा, युवक कांग्रेस अध्यक्ष किरण कुमार कुड़ोपे सहित ब्लॉक, नगर और मंडलम कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी तथा सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने नकुल नाथ जी के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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