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अयोध्या में अधिवक्ताओं ने छात्र आंदोलन के समर्थन में कचेहरी परिसर में प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार का विरोध दर्ज कराते हुए नगर मजिस्ट्रेट को अपना ज्ञापन सौंपा।
रवि मौर्य
अयोध्या में अधिवक्ताओं ने छात्र आंदोलन के समर्थन में कचेहरी परिसर में प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार का विरोध दर्ज कराते हुए नगर मजिस्ट्रेट को अपना ज्ञापन सौंपा।
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- शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत अयोध्या जिले के तारून थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम डगरा भारी/बरेहटा में आबकारी विभाग की टीम ने आकस्मिक दबिश की। 24 जुलाई 2026 को हुई इस कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग आधा कुंतल लहन बरामद कर नियमानुसार नष्ट किया गया। इसके साथ ही 15 लीटर अवैध कच्ची शराब और शराब बनाने के उपकरण जब्त किए गए, जबकि मौके पर मौजूद 02 भट्ठियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और उप आबकारी आयुक्त अयोध्या प्रभार के पर्यवेक्षण तथा जिला आबकारी अधिकारी अयोध्या के नेतृत्व में की गई। बीकापुर क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक आनंद कुमार शुक्ला के नेतृत्व वाली इस दबिश टीम में हेड कांस्टेबल प्रताप वर्मा, संजीत सिंह तथा सिपाही सीता, अंकुर गौतम और संदीप सिंह राठौर शामिल रहे। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के खिलाफ इस प्रकार की प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।1
- अयोध्या में अधिवक्ताओं ने छात्र आंदोलन के समर्थन में कचेहरी परिसर में प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार का विरोध दर्ज कराते हुए नगर मजिस्ट्रेट को अपना ज्ञापन सौंपा।2
- अयोध्या में हनुमानगढ़ी के संतों ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट का विरोध किया है।1
- अयोध्या के जनौरा वार्ड में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर यादव टोला से जनौरा गांव (शंकर जी मंदिर) और राजेंद्र तिवारी के घर तक सड़क और नाली की स्थिति पिछले तीन वर्षों से बेहद दयनीय बनी हुई है। ना तो सड़क का निर्माण हुआ है और ना ही नाली बनाई गई है। कुछ लोगों द्वारा नाले को पाटकर अवरोध खड़ा कर देने से पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है, जिससे मोहल्ले और गांव के निवासियों का रास्ते से निकलना बेहद दुश्वार हो गया है। काफी प्रयास और बार-बार शिकायत करने के बाद तीन महीने पहले नगर निगम द्वारा टेंडर पास किया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने नाली का निर्माण शुरू तो कराया, लेकिन जगह-जगह चार-पांच डंपर मिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ कर भाग गया। इस वजह से रास्ते में और अधिक भयानक जलभराव व कीचड़ हो गया है। आसपास कई विद्यालय होने के कारण छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से गुजरते हैं। कीचड़ में स्कूल वाहन फंस जाते हैं और बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बारिश अधिक होने के कारण अब लोगों के घरों में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल प्रभाव से पानी की समुचित निकासी कराकर समस्या का समाधान करने की मांग की है। इसके साथ ही सवाल उठाया है कि इस बदहाली के लिए आखिर जिला प्रशासन जिम्मेदार है या कार्यदायी संस्था का ठेकेदार।4
- अयोध्या में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने नगर निगम के 'जलभराव मुक्त शहर' के दावों की हवा निकाल दी है। कुछ ही घंटों की बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख मार्ग, गलियां और मोहल्ले पानी से लबालब भर गए, जिससे सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। इस जलभराव के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम हर साल नालियों और नालों की सफाई तथा बेहतर जल निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बड़े-बड़े दावे करता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों पर किए गए दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की प्रभावी ढंग से सफाई की गई होती, तो शहर में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की तैयारियों की कलई खोल दी है और आम जनता अब जलनिकासी व्यवस्था पर हर साल होने वाले भारी-भरकम खर्च पर सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम इस जलभराव की समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाल पाता है या फिर हर बारिश में शहरवासियों को इसी तरह मुसीबत झेलनी पड़ेगी।4
- अयोध्या में शुक्रवार दोपहर दिल्ली रवाना हो रहे समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव दिव्यांग पंडित समरजीत को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान उनके साथ समाजवादी मजदूर सभा के जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार निषाद और जंग बहादुर यादव भी मौजूद थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर दिव्यांग सपा नेता पंडित समरजीत ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि नीट परीक्षा प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और ऐसे मंत्री को जल्द से जल्द बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा सरकार राजनीतिक लाभ लेने और अपने मंत्री को बचाने का प्रयास कर रही है। पंडित समरजीत ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का भी जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 दिनों में जांच पूरी करने की बात कही थी, लेकिन अब तक जांच कहां पहुंची इसका कोई पता नहीं है और सरकार को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर गए हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और जनता इस पूरे मामले पर जवाब चाहती है।1