अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 23 जुलाई को मनाई गई जयंती के अवसर पर जालौन नगर में घोर उपेक्षा देखने को मिली। 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आज़ाद के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए जहां पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम हुए, वहीं जालौन में न तो नगर पालिका की ओर से उनकी प्रतिमा या चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने का कोई आयोजन किया गया और न ही कई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को एक माला अर्पित करना भी जरूरी नहीं समझा गया। नागरिकों का कहना है कि जिन वीरों के बलिदान से देश आज़ाद हुआ, उनकी जयंती पर सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में नगर पालिका और जनप्रतिनिधि ऐसे राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती पर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करें। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस उपेक्षा का जिम्मेदार कौन है और जयंती पर किसी ने उनकी सुध क्यों नहीं ली।
अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 23 जुलाई को मनाई गई जयंती के अवसर पर जालौन नगर में घोर उपेक्षा देखने को मिली। 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आज़ाद के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए जहां पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम हुए, वहीं जालौन में न तो नगर पालिका की ओर से उनकी प्रतिमा या चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने का कोई आयोजन किया गया और न ही कई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को एक माला अर्पित करना भी जरूरी नहीं समझा गया। नागरिकों का कहना है कि जिन वीरों के बलिदान से देश आज़ाद हुआ, उनकी जयंती पर सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में नगर पालिका और जनप्रतिनिधि ऐसे राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती पर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करें। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस उपेक्षा का जिम्मेदार कौन है और जयंती पर किसी ने उनकी सुध क्यों नहीं ली।
- जालौन में शातिर और फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कुठौंद थाना पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट (NBW) के आधार पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 जुलाई 2026 को ग्राम मालपुर निवासी 27 वर्षीय पीयूष प्रताप सिंह उर्फ रोहित (पुत्र रविन्द्र सिंह राठौर) को उसके घर के बाहर दरवाजे से दबोच लिया। अभियुक्त न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहा था, जिसके बाद एनबीडब्ल्यू ST 64/19, मुकदमा अपराध संख्या 74/19 और धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के मामले में कोर्ट ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध चोरी, अवैध हथियार, एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। न्यायालय के आदेश पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी और कांस्टेबल प्रवीनराज शर्मा शामिल रहे।1
- अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की 23 जुलाई को मनाई गई जयंती के अवसर पर जालौन नगर में घोर उपेक्षा देखने को मिली। 23 जुलाई 1906 को जन्मे चंद्रशेखर आज़ाद के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए जहां पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम हुए, वहीं जालौन में न तो नगर पालिका की ओर से उनकी प्रतिमा या चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने का कोई आयोजन किया गया और न ही कई जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस उपेक्षा पर स्थानीय नागरिकों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या देश के महान स्वतंत्रता सेनानी को एक माला अर्पित करना भी जरूरी नहीं समझा गया। नागरिकों का कहना है कि जिन वीरों के बलिदान से देश आज़ाद हुआ, उनकी जयंती पर सम्मान देना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की है कि भविष्य में नगर पालिका और जनप्रतिनिधि ऐसे राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती पर सम्मानपूर्वक कार्यक्रम आयोजित करें। इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस उपेक्षा का जिम्मेदार कौन है और जयंती पर किसी ने उनकी सुध क्यों नहीं ली।1
- जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर जमानती वारंट (NBW) के आधार पर एक शातिर अभियुक्त को उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता कुठौंद थाना पुलिस को मिली। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान ग्राम मालपुर निवासी पीयूष प्रताप सिंह उर्फ रोहित (27 वर्ष), पुत्र रविन्द्र सिंह राठौर के रूप में हुई है। अभियुक्त के विरुद्ध धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के मामले में न्यायालय द्वारा एनबीडब्ल्यू वारंट जारी किया गया था, लेकिन वह अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हो रहा था। न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई करते हुए कुठौंद पुलिस ने अभियुक्त को 23 जुलाई 2026 को ग्राम मालपुर स्थित उसके घर के बाहर से दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए अभियुक्त के खिलाफ चोरी, अवैध हथियार, एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी और कांस्टेबल प्रवीनराज शर्मा शामिल रहे।1
- अभिजीत दीपके ने कहा है कि वह नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहते हैं, क्योंकि अगर सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से नहीं हटाया जाता तो उनका आंदोलन इतना बड़ा नहीं बनता।1
- जालौन के जुगनू पंचायत विवाद में मारपीट और लूट के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रपाल रूरा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि पंचायत में सहयोग न करने के कारण उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रची जा रही है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन को चुनौती दी है कि यदि जांच में वे या उनके साथी दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।1
- जालौन के कालपी क्षेत्र में काजल मंसूरी और ओम ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। इस पूरे घटनाक्रम और विवाद के बीच अब ओम ठाकुर ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया के जरिए एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष सामने रखा है। इस जारी किए गए वीडियो बयान में उन्होंने मामले से जुड़ी अपनी बात रखी है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई थीं, जिस पर अब ओम ठाकुर के इस बयान से नया मोड़ आ गया है।1
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित रहिया गांव निवासी मजदूर ऋषि राज ने पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर अपने तीन मासूम बच्चों के साथ जिलाधिकारी (डीएम) कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। पीड़ित मजदूर की पत्नी अनीता उर्फ ममता (32 वर्ष) बीती 11 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक गायब हो गई थी। घटना को तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक उसे खोजने में सफल नहीं हो सकी है। पत्नी के लापता होने के बाद पीड़ित ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, परिचितों और सभी सम्भावित ठिकानों पर काफी खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। वर्तमान में आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा यह मजदूर लगातार अधिकारियों के सामने चक्कर काट रहा है और अपनी पत्नी की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच स्थित विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी (SDO) कार्यालय में बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक के साथ अभद्रता और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक का आरोप है कि बिल को लेकर बातचीत के दौरान उसकी SDO और दफ्तर के कर्मचारियों से कहासुनी हो गई, जिसके बाद SDO, एक बाबू और अन्य कर्मचारियों ने उसके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने पूरे घटनाक्रम का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू किया, तो कर्मचारियों ने उसका मोबाइल छीन लिया और उसे तोड़ दिया। युवक के अनुसार मोबाइल फोन की कीमत लगभग ₹52,000 थी, जिससे उसे आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा है। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद को शांत कराया। इसके बाद पीड़ित युवक ने थाने में पूरे घटनाक्रम की लिखित तहरीर देकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2