अनोखी परंपरा के बीच संपन्न हुआ विवाह समारोह, फूफा बने आकर्षण का केंद्र महोबा जनपद के तहसील चरखारी अंतर्गत ग्राम बमोरी कला में सोमवार को एक विवाह समारोह के दौरान ऐसी अनोखी परंपरा देखने को मिली, जिसने न केवल ग्रामीणों बल्कि आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना दिया। जानकारी के अनुसार, सुगिरा ग्राम से आई बारात में दूल्हे तुलसीदास और दुल्हन पिंकी का विवाह तय रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होना था, लेकिन इसी बीच स्थानीय परंपरा के तहत एक रोचक और अनूठी रस्म निभाई गई। इस रस्म में दूल्हे के फूफा को महिलाओं के वस्त्र पहनाकर, सिर पर गगरी रखवाकर डीजे की धुन पर पूरे गांव में पैदल घुमाया गया। बताया जाता है कि इस परंपरा के दौरान दूल्हे के चाचा द्वारा फूफा को नगद राशि देकर गगरी उतारी जाती है। इस पूरे आयोजन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और डीजे की धुन पर फूफा के साथ नृत्य कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और मान्यता है कि जब तक यह रस्म पूरी नहीं होती, तब तक विवाह की मुख्य रस्म ‘भंवर’ प्रारंभ नहीं की जाती।
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देकर गगरी उतारी जाती है। इस पूरे आयोजन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और डीजे की धुन पर फूफा के साथ नृत्य कर माहौल को उत्सवमय बना दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और मान्यता है कि जब तक यह रस्म पूरी नहीं होती, तब तक विवाह की मुख्य रस्म ‘भंवर’ प्रारंभ नहीं की जाती।
- Post by राजीव कुमार1
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