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जिला अधिकारी के सुधारवादी रुख सेअधिकारियों में मचा हड़कंप समाधान दिवस के बाद तहसील गल्ला मंडी और कस का किया निरीक्षण DM के सख्त तेवर से मचा हड़कंप 👉 समाधान दिवस के बाद DM अभिषेक गोयल का ताबड़तोड़ निरीक्षण 👉 तहसील में गंदगी, टूटे कांच और पानी की खराब व्यवस्था पर फटकार 👉 अस्पताल में दवाओं और मरीज सुविधाओं की जांच 👉 गल्ला मण्डी में गेहूं खरीद केंद्र की हकीकत परखी 👉 किसानों ने व्यवस्थाओं पर जताया संतोष 👉 समाधान दिवस में कम पहुंचे फरियादी, उठे सवाल 👉 एसपी मृगांक शेखर पाठक सहित अधिकारी रहे मौजूद
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जिला अधिकारी के सुधारवादी रुख सेअधिकारियों में मचा हड़कंप समाधान दिवस के बाद तहसील गल्ला मंडी और कस का किया निरीक्षण DM के सख्त तेवर से मचा हड़कंप 👉 समाधान दिवस के बाद DM अभिषेक गोयल का ताबड़तोड़ निरीक्षण 👉 तहसील में गंदगी, टूटे कांच और पानी की खराब व्यवस्था पर फटकार 👉 अस्पताल में दवाओं और मरीज सुविधाओं की जांच 👉 गल्ला मण्डी में गेहूं खरीद केंद्र की हकीकत परखी 👉 किसानों ने व्यवस्थाओं पर जताया संतोष 👉 समाधान दिवस में कम पहुंचे फरियादी, उठे सवाल 👉 एसपी मृगांक शेखर पाठक सहित अधिकारी रहे मौजूद
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- DM के सख्त तेवर से मचा हड़कंप 👉 समाधान दिवस के बाद DM अभिषेक गोयल का ताबड़तोड़ निरीक्षण 👉 तहसील में गंदगी, टूटे कांच और पानी की खराब व्यवस्था पर फटकार 👉 अस्पताल में दवाओं और मरीज सुविधाओं की जांच 👉 गल्ला मण्डी में गेहूं खरीद केंद्र की हकीकत परखी 👉 किसानों ने व्यवस्थाओं पर जताया संतोष 👉 समाधान दिवस में कम पहुंचे फरियादी, उठे सवाल 👉 एसपी मृगांक शेखर पाठक सहित अधिकारी रहे मौजूद1
- सचिव व ग्राम प्रधान मिल कर कर रहे हैं घोटाले1
- महा-ब्रेकिंग: तरीबुल्दा घाट बना ‘खनन का कुरुक्षेत्र’, यमुना की चीख—क्या अब भी सोएगा सिस्टम? कालपी (जालौन)। तरीबुल्दा घाट पर हालात अब खबर नहीं, खुला विद्रोह बन चुके हैं। यमुना नदी की छाती पर पोकलैंड मशीनें ऐसे चल रही हैं जैसे कानून का कोई अस्तित्व ही न हो। दिन हो या रात, घाट पर मशीनों की गर्जना और ओवरलोड ट्रकों की रफ्तार बता रही है कि यहां सत्ता नहीं, सीधे माफियाओं का राज चल रहा है। 24 अप्रैल 2026 को मौके की तस्वीर साफ है—खनन बिना ब्रेक जारी, प्रशासन खामोश और जिम्मेदार कुर्सियों पर बैठे लोग जैसे आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं। सवाल सीधा है—क्या यह सब बिना संरक्षण के संभव है? तरीबुल्दा घाट पर यमुना का स्वरूप तेजी से खत्म हो रहा है। नदी की धारा को मोड़कर गहराई तक खनन किया जा रहा है, जिससे पानी गड्ढों में सिमटता जा रहा है। जलीय जीवों का अस्तित्व खतरे में है, पक्षियों का ठिकाना उजड़ रहा है और किसानों की सिंचाई पर सीधा असर पड़ रहा है। गांवों की हालत भी बदतर है। ओवरलोड ट्रकों ने सड़कों को तोड़कर खंडहर बना दिया है। धूल और प्रदूषण ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हादसों का खतरा हर पल सिर पर मंडरा रहा है। ग्रामीण विरोध करते हैं, लेकिन खनन रुकने के बजाय रास्ते बदल दिए जाते हैं—मानो सिस्टम को चुनौती दी जा रही हो। सबसे बड़ा सवाल अब यही है— क्या प्रशासन को यह सब दिख नहीं रहा? या फिर जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है? कौन है जो इस पूरे खेल को संरक्षण दे रहा है? यह सिर्फ अवैध खनन नहीं, बल्कि खुली लूट, पर्यावरण पर हमला और कानून व्यवस्था की सीधी हार है। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यमुना का अस्तित्व सिर्फ कागजों तक सिमट जाएगा और जिम्मेदार इतिहास के कटघरे में खड़े होंगे। तरीबुल्दा घाट पर यमुना चीख रही है… अब फैसला प्रशासन को करना है—कार्रवाई होगी या खामोशी ही सबसे बड़ा अपराध बनी रहेगी?1
- अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा ने मांगोको लेकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।1
- बांदा के बबेरू में सर्राफा व्यापारी तेज प्रताप सोनी की हत्या कोई साधारण वारदात नहीं—यह उस खतरनाक सच का आईना है, जहाँ दोस्ती का भरोसा एक पल में हिंसा में बदल जाता है। एक मामूली विवाद, नशे का असर और हथियार की सहज उपलब्धता… और सब कुछ खत्म।घटना के बाद गुस्सा भी दिखा, पुलिस की तत्परता भी—लेकिन क्या हर बार हम बस यही करेंगे? हादसा होगा, आक्रोश उभरेगा, कार्रवाई होगी… और फिर इंतज़ार अगली घटना का? सवाल असहज है, मगर जरूरी—क्या हम अपने समाज को केवल कानून के सहारे छोड़ चुके हैं, या खुद भी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं?यह घटना चेतावनी है: अगर संयम, संवाद और सहनशीलता को हमने नजरअंदाज किया, तो ऐसे “क्षणिक विवाद” बार-बार जिंदगी पर भारी पड़ते रहेंगे।1
- थाना दिवस में पहुंचे जिलाधिकारी ने तहसील का किया औचक निरीक्षण, एसडीएम कोर्ट, शौचालय, पानी आदि जगहों का किया बारीकी से निरीक्षण, साफ सफाई व्यवस्था में जाहिर की नाराजगी, अधीनस्थों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश, औचक निरीक्षण के दौरान परिसर में मचा रहा हड़कंप, मामला मौदहा तहसील का।4
- बबेरू में मामूली पुराना विवाद बना मौत की वजह! फायरिंग में युवक की मौत, 2 घंटे में आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार बांदा के बबेरू में मामूली कहासुनी ने लिया खूनी मोड़… पूर्व परिचित असलम खान ने युवक को मारी गोली… इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दम… पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन—महज 2 घंटे में मुठभेड़… आरोपी गिरफ्तार, दोनों पैरों में लगी गोली… मौके से शराब की बोतल समेत अहम सबूत बरामद… इलाके में शांति, जांच जारी…1
- हमीरपुर। सुमेरपुर क्षेत्र में सड़क किनारे मिले महिला के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस अधीक्षक एमएस पाठक ने प्रेस वार्ता कर बताया कि महिला की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि एक ट्रक चालक ने ही की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ट्रक चालक ने शराब के नशे में महिला की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना से पहले दोनों के बीच होटल में खाना खाने के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में इतना बढ़ गया कि आरोपी ने वारदात को अंजाम दे डाला। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने शव को सुमेरपुर क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया था, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया था। शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी एमएस पाठक ने तत्काल कई टीमों का गठन किया था। टीमों ने तकनीकी साक्ष्य और सर्विलांस की मदद से आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। एसपी एमएस पाठक ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और घटना में प्रयुक्त अन्य साक्ष्यों को भी संकलित किया जा रहा है। पुलिस के त्वरित खुलासे से क्षेत्र में लोगों ने राहत की सांस ली है।1