आयुक्त शहडोल संभाग ने एकल नल जल योजना ग्राम पंचायत पठारी को सौंपी 148.80 लाख रुपये की योजना से 463 घरों को मिल रहा है नल से जल शहडोल। शहडोल संभाग की आयुक्त श्रीमती सुरभी गुप्ता ने शुक्रवार को उमरिया जिले की ग्राम पंचायत पठारी में संचालित एकल नल जल योजना का औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को हस्तांतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के संचालन, रखरखाव एवं जलापूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि योजना का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होता रहे। कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग ने बताया कि इस एकल नल जल योजना का निर्माण 148.80 लाख रुपये की लागत से किया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 463 घरों में घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को घर-घर पेयजल की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 75 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी की टंकी तथा 50 किलोलीटर क्षमता का सम्पवेल निर्मित किया गया है। इसके अतिरिक्त 1,349 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके माध्यम से वर्तमान में नियमित रूप से जलापूर्ति की जा रही है। आयुक्त श्रीमती सुरभी गुप्ता ने ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि योजना का संचालन एवं रखरखाव पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि योजना का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिलता रहे तथा हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय सिंह, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली श्रीमती मीनाक्षी इंगले सहित खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुक्त शहडोल संभाग ने एकल नल जल योजना ग्राम पंचायत पठारी को सौंपी 148.80 लाख रुपये की योजना से 463 घरों को मिल रहा है नल से जल शहडोल। शहडोल संभाग की आयुक्त श्रीमती सुरभी गुप्ता ने शुक्रवार को उमरिया जिले की ग्राम पंचायत पठारी में संचालित एकल नल जल योजना का औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को हस्तांतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के संचालन, रखरखाव एवं जलापूर्ति व्यवस्था की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि योजना का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होता रहे। कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग ने बताया कि इस एकल नल जल योजना का निर्माण 148.80 लाख रुपये की लागत से किया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 463 घरों में घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को घर-घर पेयजल की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत 75 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी की टंकी तथा 50 किलोलीटर क्षमता का सम्पवेल निर्मित किया गया है। इसके अतिरिक्त 1,349 मीटर पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके माध्यम से वर्तमान में नियमित रूप से जलापूर्ति की जा रही है। आयुक्त श्रीमती सुरभी गुप्ता ने ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि योजना का संचालन एवं रखरखाव पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि योजना का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिलता रहे तथा हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय सिंह, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली श्रीमती मीनाक्षी इंगले सहित खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।4
- *"मैं गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूँ"- पीएम* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना नया वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को दी गई गालियों का जिक्र किया और कहा कि गाली-गलौज से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं। *"मैं गाली देने वाले बच्चों को माफ करना चाहता हूँ"- पीएम* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर अपना नया वीडियो संदेश जारी करते हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को दी गई गालियों का जिक्र किया और कहा कि गाली-गलौज से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। कुछ बच्चों ने मुझे गाली दी, मेरी माँ को गाली दी। लेकिन ग़लतियाँ बच्चों से ही होती है, मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। ये हमारे देश के भटके हुए नौजवान हैं इनको राह दिखाना हमारा काम है। जब कभी हमारे दाँत के बीच में जीभ कट जाती है तो हम दाँत को उखाड़ कर नहीं फेंक देते। इसलिए ये बच्चे भी हमारे हैं।1
- खबर अमरपाटन *ललितपुर नम्बर 2 में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने लगाई जन चौपाल ग्रामीणों को किया गया जागरूक* खबर अमरपाटन *ललितपुर नम्बर 2 में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने लगाई जन चौपाल ग्रामीणों को किया गया जागरूक* IG रीवा गौरव राजपूत जी निर्देशन में पूरे सम्भाग में जगह जगह पुलिस द्वारा एक अभियान चलाया जा रहा,,आप की पुलिस आपके द्वार अन्तर्गत मैहर जिले एस .पी अबधेश प्रताप सिंह आदेशानुसार एसडीओपी अमरपाटन ख्याती मिश्रा के निर्देशन में थाना ताला प्रभारी महेंद्र मिश्रा पुलिस चौकी मुकुन्दपुर प्रभारी नागेश्वर मिश्रा द्वारा ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत ललितपुर नम्बर 2 में जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया सैकड़ों ग्रामीण चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे सभी को साइवर अपराध, सहित अबैध मादक पदार्थों की क्षेत्र में हो तस्करी पर रोक लगाने के लिए ग्रामीणों से सहयोग का आग्रह किया साथ ही महिलाओं पर होने वाले अपराधो के बारे में आम जन को जानकारी दी गई साथ साथ कार्यक्रम में मौजूद पुलिस चौकी प्रभारी मुकुन्दपुर नागेश्वर मिश्रा ने चौपाल में मौजूद क्षेत्रीय ग्रामीणों की नशामुक्ति की सपथ दिलाई1
- *रीठी में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान: थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, नशा मुक्ति, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा का दिया संदेश* *शासकीय माध्यमिक शाला रीठी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर खेल और शिक्षा से जुड़ने की प्रेरणा; साइबर ठगी से बचाव के बताए प्रभावी उपाय* *अविनाश चतुर्वेदी ✍️* रीवा। युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से रीवा पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत बिछिया थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने शासकीय माध्यमिक शाला रीठी में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति, साइबर क्राइम, डिजिटल धोखाधड़ी, महिला सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में नशा और साइबर अपराध दोनों ही समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। नशा युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देता है, जबकि साइबर अपराध एक छोटी-सी लापरवाही से आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं जागरूक रहें बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इन अपराधों के प्रति जागरूक करें। *साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के बताए आसान उपाय* थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना और नौकरी या इनाम के नाम पर ठगी करना आज साइबर अपराधियों के प्रमुख हथकंडे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना सबसे उचित कदम है। *नशा छोड़कर खेल और शिक्षा से जुड़ने का दिया संदेश* कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का भी आह्वान किया। *सरपंच रामसेवक पटेल ने भी किया जागरूकता अभियान का समर्थन* ग्राम पंचायत रीठी के सरपंच रामसेवक पटेल (मुखिया) ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। *इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति* कार्यक्रम में शासकीय माध्यमिक शाला रीठी के प्राचार्य राजकुमार सिंह, सरपंच रामसेवक पटेल (मुखिया), राजेंद्र सिंह, प्रभाकर सिंह, ललित साकेत, विशाल शुक्ला, रामकृष्ण द्विवेदी, पुष्पा दुबे, अंजू थापर, सतीश ताम्रकार, अमर सिंह पटेल, बृजेश कोल सहित विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।1
- *रीठी में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान: थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, नशा मुक्ति, साइबर अपराध और डिजिटल सुरक्षा का दिया संदेश* *शासकीय माध्यमिक शाला रीठी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर खेल और शिक्षा से जुड़ने की प्रेरणा; साइबर ठगी से बचाव के बताए प्रभावी उपाय* *अविनाश चतुर्वेदी ✍️* रीवा। युवाओं और विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने तथा साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से रीवा पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत बिछिया थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने शासकीय माध्यमिक शाला रीठी में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में नशा मुक्ति, साइबर क्राइम, डिजिटल धोखाधड़ी, महिला सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में नशा और साइबर अपराध दोनों ही समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। नशा युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देता है, जबकि साइबर अपराध एक छोटी-सी लापरवाही से आर्थिक और मानसिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं जागरूक रहें बल्कि अपने परिवार और समाज को भी इन अपराधों के प्रति जागरूक करें। *साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के बताए आसान उपाय* थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन या पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना और नौकरी या इनाम के नाम पर ठगी करना आज साइबर अपराधियों के प्रमुख हथकंडे हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देना सबसे उचित कदम है। *नशा छोड़कर खेल और शिक्षा से जुड़ने का दिया संदेश* कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूरी बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का भी आह्वान किया। *सरपंच रामसेवक पटेल ने भी किया जागरूकता अभियान का समर्थन* ग्राम पंचायत रीठी के सरपंच रामसेवक पटेल (मुखिया) ने पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस जनजागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने सभी से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया। *इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति* कार्यक्रम में शासकीय माध्यमिक शाला रीठी के प्राचार्य राजकुमार सिंह, सरपंच रामसेवक पटेल (मुखिया), राजेंद्र सिंह, प्रभाकर सिंह, ललित साकेत, विशाल शुक्ला, रामकृष्ण द्विवेदी, पुष्पा दुबे, अंजू थापर, सतीश ताम्रकार, अमर सिंह पटेल, बृजेश कोल सहित विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नशामुक्त समाज के निर्माण और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।1
- गुढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन | अंतरराज्यीय स्तर पर फरार अपराधियों की धरपकड़ | Rewa News रीवा जिले के गुढ़ थाना पुलिस ने फरार अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। रीवा पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पुष्पेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी का अहम योगदान बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य मामलों में भी खुलासे की संभावना जताई जा रही है। 📍 स्थान: गुढ़, जिला रीवा, मध्य प्रदेश 🎙️ MP NEWS UPDATE FAST Gudh News, Rewa News Today, Gudh Police Action, Rewa Police, Gudh Police, Rewa Crime News, MP News, Madhya Pradesh News, Pushpendra Yadav, Rewa Breaking News, फरार अपराधी गिरफ्तार, गुढ़ पुलिस कार्रवाई 🏷️ Hashtags #MPNewsUpdateFast1