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मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।

9 hrs ago
user_Ashutosh tripathi
Ashutosh tripathi
Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला

देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी

सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय

423406c1-9139-41b6-8453-f3ccb3406de0

के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।

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सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
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    मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*

*ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!*
*मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*
*ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल*
*31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा*
(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया)
मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है।
सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है।
जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है।
दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है?
यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है?
और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है?
इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
*ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें*
मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं।
स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है।
क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क?
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है।
*सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!*
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं।
इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल*
*छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?*
ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है।
लेकिन सवाल यह है कि—
जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती?
क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है?
क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है?
क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है?
यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है।
बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग
मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जांच में—
● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच
● सीसीटीवी फुटेज की जांच
● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल
● ओवररेटिंग की जांच
● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच
● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच
● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा
कराई जाए।
नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है।
शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं।
मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है।
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा!
आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता?
मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है।
सवाल सीधा है—
दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है?
गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है?
बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता?
मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है।
अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नौरोजाबाद में फिर लग रहा झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है उमरिया जिले के राम लीला मैदान नौरोजाबाद में फिर लग रहा झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है क्या सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है वही नागरिको का कहना है कि यह झूला नहीं लगना चाहित पहले जैसे हो सकता है हादसा कौन है जिम्मेदार
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    नौरोजाबाद में फिर लग रहा  झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है 
उमरिया जिले के राम लीला मैदान नौरोजाबाद में फिर लग रहा  झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है 
क्या सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है 
वही नागरिको का कहना है कि यह झूला नहीं लगना चाहित
पहले जैसे हो सकता है हादसा कौन है जिम्मेदार
    user_News 24 Umaria
    News 24 Umaria
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
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    पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन 
मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित
पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस  जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • हमारे ग्राम में पानी की सबसे बड़ी समस्या है कृपया इस पर ध्यान दें ग्राम अमूआरी में नल जल योजना का पानी एक माह से नहीं आ रहा है लोग अपने पैसे से टैंकर मंगा पानी भरकर अपना गुजारा कर रहे हैं ग्राम पंचायत मेहगांव जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ थाना कैमूर जिला कटनी मध्य प्रदेश
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    हमारे ग्राम में पानी की सबसे बड़ी समस्या है कृपया इस पर ध्यान दें
ग्राम अमूआरी में नल जल योजना का पानी एक माह से नहीं आ रहा है लोग अपने पैसे से टैंकर मंगा पानी भरकर अपना गुजारा कर रहे हैं ग्राम पंचायत मेहगांव जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ थाना कैमूर जिला कटनी मध्य प्रदेश
    user_Sunil rai
    Sunil rai
    Security Guard विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • अमरपाटन विधायक डाॅ. राजेंद्र सिंह के नेत्तृत्व में किसानों की समस्या को लेकर जन आंदोलन,
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    अमरपाटन विधायक डाॅ. राजेंद्र सिंह के नेत्तृत्व में किसानों की समस्या को लेकर जन आंदोलन,
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • *बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 में पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया जागरूक* *बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 में पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया जागरूक* *नशा, साइबर ठगी और महिला अपराधों से बचाव के दिए टिप्स* मैहर - रीवा जोन आईजी गौरव सिंह राजपूत के निर्देशन पर जन चौपाल 0.4 आपकी पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मैहर जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन पर नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में मां शारदा धाम बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने नशे से दूरी है जरूरी विषय पर अरकंडी वार्ड वासियों को नशीली कफ सिरप (कोरेक्स), नशीली गोलियां,गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही महिला संबंधी अपराधों, साइबर अपराध और लगातार बढ़ रही साइबर ठगी से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने मां शारदा धाम अरकंडी निवासियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि नशे के कारोबार या साइबर ठगी की घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील करते हुए कहा कि यदि आपको लगता है कि आप सूचना देंगे आपकी जानकारी लीक हो सकती है तो आप डायरेक्ट मुझे फोन कर बता सकते है। यदि किसी कारणवश फोन नही उठा रहा है तो आप मुझे वाट्स एप मे पूरी डिटेल भेज सकते है आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। जागरूकता और सतर्कता ही अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस जन चौपाल में यह रहें उपस्थित सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, एसआई संतोष उलाड़ी, एसआई वंदना गर्ग, एसआई रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश द्विवेदी सहित समाजिक कार्यकर्ता एवं सैकड़ों की तादाद में वार्ड वासी मौजूद रहें।
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    *बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 में पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया जागरूक*
*बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 में पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया जागरूक*
*नशा, साइबर ठगी और महिला अपराधों से बचाव के दिए टिप्स*
मैहर - रीवा जोन आईजी गौरव सिंह राजपूत के निर्देशन पर जन चौपाल 0.4 आपकी पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मैहर जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन पर नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में मां शारदा धाम बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने नशे से दूरी है जरूरी विषय पर अरकंडी वार्ड वासियों को नशीली कफ सिरप (कोरेक्स), नशीली गोलियां,गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही महिला संबंधी अपराधों, साइबर अपराध और लगातार बढ़ रही साइबर ठगी से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने मां शारदा धाम अरकंडी निवासियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि नशे के कारोबार या साइबर ठगी की घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील करते हुए कहा कि यदि आपको लगता है कि आप सूचना देंगे आपकी जानकारी लीक हो सकती है तो आप डायरेक्ट मुझे फोन कर बता सकते है। यदि किसी कारणवश फोन नही उठा रहा है तो आप मुझे वाट्स एप मे पूरी डिटेल भेज सकते है आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। जागरूकता और सतर्कता ही अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस जन चौपाल में यह रहें उपस्थित सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, एसआई संतोष उलाड़ी, एसआई वंदना गर्ग, एसआई रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश द्विवेदी सहित समाजिक कार्यकर्ता एवं सैकड़ों की तादाद में वार्ड वासी मौजूद रहें।
    user_Satyaprakash Media Maihar
    Satyaprakash Media Maihar
    Photographer मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव। *हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव। आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। हनुमत कुंज आश्रम शिवपुरी छपड़ौर में कल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला यहां सुबह से ही स्थानीय और क्षेत्रीय श्रद्धालू एवं भक्तों सहित प्रदेश के कोने-कोने से एवं दूसरे प्रदेश से भी शिष्य जन् भारी तादात में गुरु दर्शन पूजन अर्चन को पहुंचे थे जिनके द्वारा यहां परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा समारोह में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाते हुए अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया गया इस अवसर पर यहां भगवत स्वरूप संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री संत शरण जी महाराज का वैदिक रीति रिवाज से पूजन अर्चन किया गया एवं उनके गुरुजी का भी पादुका पूजन किया गया।तत्पश्चात आयोजन स्थल में ही सभी आगंतुक भक्तों के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष भोजन प्रसाद की व्यवस्था थी जहां भारी तादात में आगंतुक गणों ने कार्यक्रम उपरांत भोजन प्रसाद कर पुण्य लाभ फल प्राप्त किया इस अवसर पर आयोजित समूचे कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरुकुलम के संचालक श्री महेंद्र कुमार तिवारी ने अपने अद्भुत जाने पहचाने अंदाज में करते हुए कार्यक्रम को और भी सरस बनाते हुए उपस्थित जनों को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
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    हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव।     
*हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव।               आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। हनुमत कुंज आश्रम शिवपुरी छपड़ौर में कल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला यहां सुबह से ही स्थानीय और क्षेत्रीय श्रद्धालू एवं भक्तों सहित प्रदेश के कोने-कोने से एवं दूसरे प्रदेश से भी शिष्य जन् भारी तादात में गुरु दर्शन पूजन अर्चन को पहुंचे थे जिनके द्वारा यहां परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा समारोह में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाते हुए अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया गया इस अवसर पर यहां भगवत स्वरूप संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री संत शरण जी महाराज का वैदिक रीति रिवाज से पूजन अर्चन किया गया एवं उनके गुरुजी का भी पादुका पूजन किया गया।तत्पश्चात आयोजन स्थल में ही सभी आगंतुक भक्तों के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष भोजन प्रसाद की व्यवस्था थी जहां भारी तादात में आगंतुक गणों ने कार्यक्रम उपरांत भोजन प्रसाद कर पुण्य लाभ फल प्राप्त किया इस अवसर पर आयोजित समूचे कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरुकुलम के संचालक श्री महेंद्र कुमार तिवारी ने अपने अद्भुत जाने पहचाने अंदाज में करते हुए कार्यक्रम को और भी सरस बनाते हुए उपस्थित जनों को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • रतलाम नगर निगम अमले पर पथराव, जान बचाकर दौड़े नगर निगम के कर्मचारी #MadhyaPradesh #crime #viralvideo #video #shorts #crimenews #ratlamnews #nagarnigam रतलाम नगर निगम अमले पर पथराव, जान बचाकर दौड़े नगर निगम के कर्मचारी #MadhyaPradesh #crime #viralvideo #video #shorts #crimenews #ratlamnews #nagarnigam
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    रतलाम नगर निगम अमले पर पथराव, जान बचाकर दौड़े नगर निगम के कर्मचारी

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    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    11 min ago
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