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पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।

6 hrs ago
user_Om Agrawal
Om Agrawal
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।

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  • पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
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    पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन 
मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित
पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस  जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • नौरोजाबाद में फिर लग रहा झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है उमरिया जिले के राम लीला मैदान नौरोजाबाद में फिर लग रहा झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है क्या सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है वही नागरिको का कहना है कि यह झूला नहीं लगना चाहित पहले जैसे हो सकता है हादसा कौन है जिम्मेदार
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    नौरोजाबाद में फिर लग रहा  झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है 
उमरिया जिले के राम लीला मैदान नौरोजाबाद में फिर लग रहा  झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है 
क्या सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है 
वही नागरिको का कहना है कि यह झूला नहीं लगना चाहित
पहले जैसे हो सकता है हादसा कौन है जिम्मेदार
    user_News 24 Umaria
    News 24 Umaria
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में* *उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में* *रोजगार बचाओ, युवा बचाओ अभियान के तहत हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन ने सौंपा ज्ञापन* उमरिया जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, रोजगार के घटते अवसरों तथा बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी उमरिया कालरी (जोहिला क्षेत्र/चपहा कालरी) को बचाने की मांग को लेकर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों लोग हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और महामहिम राज्यपाल महोदय, श्रीमान कलेक्टर महोदया के नाम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिले के युवाओं के भविष्य, श्रमिकों के रोजगार तथा उमरिया की आर्थिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में प्रमुख रूप से बताया गया कि उमरिया कालरी केवल एक खदान नहीं, बल्कि पूरे जिले की जीवनदायिनी है। इसके बंद होने से हजारों श्रमिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों, परिवहन व्यवसायियों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। संगठन ने मांग की कि खदान को हर हाल में बंद होने से बचाया जाए तथा पानी में फंसे लगभग 30 से 40 लाख टन कोयले के सुरक्षित खनन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाएं। संगठन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में ग्राम जमुनिया क्षेत्र में बोरिंग एवं पंप के माध्यम से पानी निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन आगे की प्रक्रिया किसानों की भूमि उपलब्ध न होने के कारण रुकी हुई है। यदि किसानों से उचित संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समाधान किया जाए तो पानी निकासी कर खदान को आगे संचालित किया जा सकता है। संगठन ने शासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की। इसके साथ ही ज्ञापन में उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री रविन्द्र गोटमारे द्वारा खदान को आगे संचालित करने के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएं ताकि खदान का संचालन निरंतर जारी रह सके। इस अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने कहा कि उमरिया कालरी बंद होना केवल एक औद्योगिक इकाई का बंद होना नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और जिले के आर्थिक भविष्य पर सीधा हमला है। यदि समय रहते सरकार और एसईसीएल प्रबंधन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो आने वाले समय में बेरोजगारी और पलायन की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन जिले के युवाओं और श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा और इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के द्वारा भूख हड़ताल की जाएगी इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। आगे कहा कि आज जिले का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। एक ओर नए उद्योग नहीं लग रहे हैं और दूसरी ओर जो रोजगार के बड़े साधन हैं, उन्हें भी बंद होने दिया जा रहा है। उमरिया कालरी को बचाना पूरे जिले के अस्तित्व और युवाओं के भविष्य का प्रश्न है। यदि आवश्यक हुआ तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी को बचाने, प्रभावित श्रमिकों एवं परिवारों के हितों की रक्षा करने, जिले में नए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शासन तत्काल प्रभावी कार्रवाई करे। इस अवसर पर सैकड़ोंजन उपस्थिति रहे। इस अवसर पर राजेंद्र भाई, जगदीश जयसवाल, अल्ताफ खान, कृष्ण कांत तिवारी, नसरीन बानो, रोहनी श्याम, कपूरिया विश्वकर्मा, मो. मंसूर, अब्दुल साबित, अनुज वर्मा, दीपाक्षी, हेमलता, राजा, शाजिद, रोहित रावत, बुईया बाई, अजय विश्वकर्मा, विलाल खान, विकाश, अमित बर्मन सैकड़ों आदि की संख्या में लोग उपस्थित रहे तथा सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर उमरिया कालरी को बचाने, युवाओं को रोजगार दिलाने और जिले के विकास की मांग को लेकर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
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    उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में*
*उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में*
*रोजगार बचाओ, युवा बचाओ अभियान के तहत हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन ने सौंपा ज्ञापन*
उमरिया जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, रोजगार के घटते अवसरों तथा बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी उमरिया कालरी (जोहिला क्षेत्र/चपहा कालरी) को बचाने की मांग को लेकर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों लोग हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और महामहिम राज्यपाल महोदय, श्रीमान कलेक्टर महोदया के नाम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिले के युवाओं के भविष्य, श्रमिकों के रोजगार तथा उमरिया की आर्थिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में प्रमुख रूप से बताया गया कि उमरिया कालरी केवल एक खदान नहीं, बल्कि पूरे जिले की जीवनदायिनी है। इसके बंद होने से हजारों श्रमिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों, परिवहन व्यवसायियों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। संगठन ने मांग की कि खदान को हर हाल में बंद होने से बचाया जाए तथा पानी में फंसे लगभग 30 से 40 लाख टन कोयले के सुरक्षित खनन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाएं। संगठन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में ग्राम जमुनिया क्षेत्र में बोरिंग एवं पंप के माध्यम से पानी निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन आगे की प्रक्रिया किसानों की भूमि उपलब्ध न होने के कारण रुकी हुई है। यदि किसानों से उचित संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समाधान किया जाए तो पानी निकासी कर खदान को आगे संचालित किया जा सकता है। संगठन ने शासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की। इसके साथ ही ज्ञापन में उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री रविन्द्र गोटमारे द्वारा खदान को आगे संचालित करने के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएं ताकि खदान का संचालन निरंतर जारी रह सके। इस अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने कहा कि उमरिया कालरी बंद होना केवल एक औद्योगिक इकाई का बंद होना नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और जिले के आर्थिक भविष्य पर सीधा हमला है। यदि समय रहते सरकार और एसईसीएल प्रबंधन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो आने वाले समय में बेरोजगारी और पलायन की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन जिले के युवाओं और श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा और इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के द्वारा भूख हड़ताल की जाएगी इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। आगे कहा कि आज जिले का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। एक ओर नए उद्योग नहीं लग रहे हैं और दूसरी ओर जो रोजगार के बड़े साधन हैं, उन्हें भी बंद होने दिया जा रहा है। उमरिया कालरी को बचाना पूरे जिले के अस्तित्व और युवाओं के भविष्य का प्रश्न है। यदि आवश्यक हुआ तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी को बचाने, प्रभावित श्रमिकों एवं परिवारों के हितों की रक्षा करने, जिले में नए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शासन तत्काल प्रभावी कार्रवाई करे। इस अवसर पर सैकड़ोंजन उपस्थिति रहे। इस अवसर पर राजेंद्र भाई, जगदीश जयसवाल, अल्ताफ खान, कृष्ण कांत तिवारी, नसरीन बानो, रोहनी श्याम, कपूरिया विश्वकर्मा, मो. मंसूर, अब्दुल साबित, अनुज वर्मा, दीपाक्षी, हेमलता, राजा, शाजिद, रोहित रावत, बुईया बाई, अजय विश्वकर्मा, विलाल खान, विकाश, अमित बर्मन सैकड़ों आदि की संख्या में लोग उपस्थित रहे तथा सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर उमरिया कालरी को बचाने, युवाओं को रोजगार दिलाने और जिले के विकास की मांग को लेकर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    23 hrs ago
  • मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
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    मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*

*ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!*
*मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*
*ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल*
*31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा*
(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया)
मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है।
सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है।
जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है।
दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है?
यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है?
और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है?
इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
*ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें*
मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं।
स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है।
क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क?
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है।
*सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!*
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं।
इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल*
*छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?*
ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है।
लेकिन सवाल यह है कि—
जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती?
क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है?
क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है?
क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है?
यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है।
बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग
मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जांच में—
● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच
● सीसीटीवी फुटेज की जांच
● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल
● ओवररेटिंग की जांच
● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच
● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच
● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा
कराई जाए।
नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है।
शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं।
मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है।
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा!
आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता?
मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है।
सवाल सीधा है—
दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है?
गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है?
बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता?
मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है।
अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं डिंडोरी -- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मचारी श्री नन्दूलाल साहू के सेवानिवृत्त होने पर शुक्रवार को गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा परिजनों ने उनके उल्लेखनीय सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। कार्यक्रम में श्री साहू को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी व्यक्तित्व हमेशा सहकर्मियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। शहपुरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रत्नेश द्विवेदी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक साहू एवं डॉ. अंकित पटेल सहित उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि श्री साहू ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने कार्यों से विभाग की गरिमा बढ़ाई और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय दिया। समारोह में उपस्थित सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका अनुभव, सकारात्मक सोच और टीम भावना सदैव याद की जाएगी। परिजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्री नन्दूलाल साहू के दीर्घ, निष्कलंक और प्रेरणादायी सेवाकाल को नमन करते हुए उनके जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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    समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू


समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
डिंडोरी -- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मचारी श्री नन्दूलाल साहू के सेवानिवृत्त होने पर शुक्रवार को गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा परिजनों ने उनके उल्लेखनीय सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
कार्यक्रम में श्री साहू को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी व्यक्तित्व हमेशा सहकर्मियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा।
शहपुरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रत्नेश द्विवेदी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक साहू एवं डॉ. अंकित पटेल सहित उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि श्री साहू ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने कार्यों से विभाग की गरिमा बढ़ाई और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय दिया।
समारोह में उपस्थित सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका अनुभव, सकारात्मक सोच और टीम भावना सदैव याद की जाएगी। परिजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विदाई समारोह सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्री नन्दूलाल साहू के दीर्घ, निष्कलंक और प्रेरणादायी सेवाकाल को नमन करते हुए उनके जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • खरीफ फसलों के बीमा की अवधि बढ़ी, अब 15 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा* *डिंडौरी, * * प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए भारत सरकार ने फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी है। पूर्व में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित थी। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के किसान अब अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 15 अगस्त 2026 तक करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीमा अवधि बढ़ने से अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा शत-प्रतिशत कवरेज के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने बताया कि जिले की सभी बैंक शाखाओं एवं नामांकित बीमा संस्थाओं को ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 से पूर्व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।
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    खरीफ फसलों के बीमा की अवधि बढ़ी, अब 15 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा*

*डिंडौरी, *

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए भारत सरकार ने फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी है। पूर्व में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित थी।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के किसान अब अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 15 अगस्त 2026 तक करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीमा अवधि बढ़ने से अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा शत-प्रतिशत कवरेज के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी बैंक शाखाओं एवं नामांकित बीमा संस्थाओं को ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 से पूर्व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।
    user_Neeraj rajak
    Neeraj rajak
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सत्य सनातन🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो🚩🚩🚩 गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 नन्दीश्वरप्रमथनाथ नन्दी बाबा की जय हो🚩🚩🚩 आज आप सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है कि धरोहर स्थल सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की धरोहर गौमाता की गौचर भूमि पर गौशालाएं खुलवाई जाने की बात करते हुए अपिल गौमाता की भोजन के लिए आप हम सब मिलकर एक अवेदन गौमाता को भी सनातन संस्कृति धर्म धरोहर मान कर🚩🚩🚩 एक दस रूपये का रिकॉर्ड किया जा🚶👭🚶👭🚶👭 रहा है कि धरोहर जिता जागता सबूत सनातन संस्कृति सुधर जाती है गौमाता आप हम सब मिलकर दस रूपये का दाम और गौमाता की गौशालाएं खुलवाई जाने की बात करते हुए अपिल की अपने अपने पचयत पर गौमाता की गौचर भूमि पर गौशालाएं गौमाता की गौचर भूमि पर गौशालाएं अपिल गौमाता की बात करते हुए अपिल
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    सत्य सनातन🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो🚩🚩🚩 गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 नन्दीश्वरप्रमथनाथ नन्दी बाबा की जय हो🚩🚩🚩
आज आप सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है कि धरोहर स्थल सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की धरोहर गौमाता की गौचर भूमि पर गौशालाएं खुलवाई जाने की बात करते हुए अपिल गौमाता की भोजन के लिए आप हम सब मिलकर एक अवेदन गौमाता को भी सनातन संस्कृति धर्म धरोहर मान कर🚩🚩🚩 एक दस रूपये का रिकॉर्ड किया जा🚶👭🚶👭🚶👭 रहा है कि धरोहर जिता जागता सबूत सनातन संस्कृति सुधर जाती है गौमाता आप हम सब मिलकर दस रूपये का दाम और गौमाता की गौशालाएं खुलवाई जाने की बात करते हुए अपिल की अपने अपने पचयत पर गौमाता की गौचर भूमि पर गौशालाएं गौमाता की गौचर भूमि पर गौशालाएं अपिल गौमाता की बात करते हुए अपिल
    user_Lallu ram Sharma
    Lallu ram Sharma
    बरही, कटनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव। *हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव। आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। हनुमत कुंज आश्रम शिवपुरी छपड़ौर में कल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला यहां सुबह से ही स्थानीय और क्षेत्रीय श्रद्धालू एवं भक्तों सहित प्रदेश के कोने-कोने से एवं दूसरे प्रदेश से भी शिष्य जन् भारी तादात में गुरु दर्शन पूजन अर्चन को पहुंचे थे जिनके द्वारा यहां परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा समारोह में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाते हुए अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया गया इस अवसर पर यहां भगवत स्वरूप संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री संत शरण जी महाराज का वैदिक रीति रिवाज से पूजन अर्चन किया गया एवं उनके गुरुजी का भी पादुका पूजन किया गया।तत्पश्चात आयोजन स्थल में ही सभी आगंतुक भक्तों के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष भोजन प्रसाद की व्यवस्था थी जहां भारी तादात में आगंतुक गणों ने कार्यक्रम उपरांत भोजन प्रसाद कर पुण्य लाभ फल प्राप्त किया इस अवसर पर आयोजित समूचे कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरुकुलम के संचालक श्री महेंद्र कुमार तिवारी ने अपने अद्भुत जाने पहचाने अंदाज में करते हुए कार्यक्रम को और भी सरस बनाते हुए उपस्थित जनों को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
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    हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव।     
*हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव।               आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। हनुमत कुंज आश्रम शिवपुरी छपड़ौर में कल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला यहां सुबह से ही स्थानीय और क्षेत्रीय श्रद्धालू एवं भक्तों सहित प्रदेश के कोने-कोने से एवं दूसरे प्रदेश से भी शिष्य जन् भारी तादात में गुरु दर्शन पूजन अर्चन को पहुंचे थे जिनके द्वारा यहां परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा समारोह में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाते हुए अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया गया इस अवसर पर यहां भगवत स्वरूप संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री संत शरण जी महाराज का वैदिक रीति रिवाज से पूजन अर्चन किया गया एवं उनके गुरुजी का भी पादुका पूजन किया गया।तत्पश्चात आयोजन स्थल में ही सभी आगंतुक भक्तों के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष भोजन प्रसाद की व्यवस्था थी जहां भारी तादात में आगंतुक गणों ने कार्यक्रम उपरांत भोजन प्रसाद कर पुण्य लाभ फल प्राप्त किया इस अवसर पर आयोजित समूचे कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरुकुलम के संचालक श्री महेंद्र कुमार तिवारी ने अपने अद्भुत जाने पहचाने अंदाज में करते हुए कार्यक्रम को और भी सरस बनाते हुए उपस्थित जनों को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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