खरीफ फसलों के बीमा की अवधि बढ़ी, अब 15 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा* *डिंडौरी, * * प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए भारत सरकार ने फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी है। पूर्व में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित थी। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के किसान अब अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 15 अगस्त 2026 तक करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीमा अवधि बढ़ने से अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा शत-प्रतिशत कवरेज के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने बताया कि जिले की सभी बैंक शाखाओं एवं नामांकित बीमा संस्थाओं को ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 से पूर्व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।
खरीफ फसलों के बीमा की अवधि बढ़ी, अब 15 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा* *डिंडौरी, * * प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए भारत सरकार ने फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी है। पूर्व में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित थी। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के किसान अब अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 15 अगस्त 2026 तक करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीमा अवधि बढ़ने से अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा शत-प्रतिशत कवरेज के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने बताया कि जिले की सभी बैंक शाखाओं एवं नामांकित बीमा संस्थाओं को ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 से पूर्व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।
- समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू समर्पित सेवाकाल को मिला सम्मान, भावभीनी विदाई के साथ सेवानिवृत्त हुए नन्दूलाल साहू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं डिंडोरी -- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरगांव में वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और सेवाभाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले कर्मचारी श्री नन्दूलाल साहू के सेवानिवृत्त होने पर शुक्रवार को गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जहां स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा परिजनों ने उनके उल्लेखनीय सेवाकाल को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। कार्यक्रम में श्री साहू को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका सहज, सरल और सहयोगी व्यक्तित्व हमेशा सहकर्मियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। शहपुरा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रत्नेश द्विवेदी, चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक साहू एवं डॉ. अंकित पटेल सहित उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि श्री साहू ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपने कार्यों से विभाग की गरिमा बढ़ाई और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का परिचय दिया। समारोह में उपस्थित सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका अनुभव, सकारात्मक सोच और टीम भावना सदैव याद की जाएगी। परिजनों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। विदाई समारोह सम्मान, आत्मीयता और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच श्री नन्दूलाल साहू के दीर्घ, निष्कलंक और प्रेरणादायी सेवाकाल को नमन करते हुए उनके जीवन की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।2
- खरीफ फसलों के बीमा की अवधि बढ़ी, अब 15 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा* *डिंडौरी, * * प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को बड़ी राहत देते हुए भारत सरकार ने फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2026 कर दी है। पूर्व में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित थी। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के किसान अब अपनी अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा 15 अगस्त 2026 तक करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि बीमा अवधि बढ़ने से अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा तथा शत-प्रतिशत कवरेज के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। उन्होंने बताया कि जिले की सभी बैंक शाखाओं एवं नामांकित बीमा संस्थाओं को ऋणी एवं अऋणी किसानों का फसल बीमा करने के लिए अधिकृत किया गया है। जिले के किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 से पूर्व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी खरीफ फसलों का बीमा अनिवार्य रूप से कराएं, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में योजना का लाभ प्राप्त किया जा सके।1
- पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।1
- नैनपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 9 लाख 25 हजार की चोरी का खुलासा। दो आरोपी गिरफ्तार, बाइक और मोबाइल बरामद, फरार आरोपियों की तलाश जारी।1
- अनूपपुर: ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़ी एएनएम, वायरल हुआ वीडियो अनूपपुर: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला एएनएम ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) दर्ज करने के लिए मोबाइल में नेटवर्क तलाशते हुए पेड़ पर चढ़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के कारण बनी, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे कर्मचारियों की मजबूरी बताया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे "तानाशाही" और "ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत" बताते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फिलहाल इस मामले में सीएमएचओ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।1
- कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अनूपपुर - नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के समस्त विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी विभागीय अधिकारी एवं मैदानी अमला अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग एवं जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मापदंडों के अनुरूप शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री झा गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं कार्ययोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कलेक्टर रत्नाकर झा ने सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन प्रातःकाल सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें तथा विभागों को प्राप्त शिकायतों का गंभीरतापूर्वक निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनअटेंडेड न छोड़ा जाए। प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता एवं शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए उसका प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कलेक्टर श्री झा ने निर्माण विभागों के अधिकारियों से जिले में संचालित निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों की लोकार्पण योग्य सूची जिला पंचायत में संधारित की जाए। साथ ही समय-समय पर लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन कार्यों का लोकार्पण कराया जाए, ताकि निर्मित भवनों एवं अधोसंरचनाओं का लाभ आमजन को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जा सके। कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में 3,358 तालाबों के निर्माण एवं संरक्षण कार्यों तथा एक बगिया माँ के नाम योजना के तहत 379 स्थलों पर आम, नींबू एवं अन्य फलदार पौधों के पौधारोपण की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही प्रधानमंत्री जनमन योजना, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 64,112 हितग्राही पात्र पाए गए हैं। बैठक में वन विभाग की समीक्षा के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण, पौधारोपण, जंगली हाथियों के भ्रमण की स्थिति, बचाव एवं राहत कार्यों सहित विभाग द्वारा संचालित अन्य गतिविधियों की भी विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।1
- युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, परीक्षा अपराधों पर लगेगी लगाम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नए विधेयक के जरिए पेपर लीक माफिया और परीक्षा संबंधी अपराधों पर सख्त अंकुश लगाया जाएगा। साथ ही, विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता भी साफ होगा।1
- उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के दिए निर्देश उद्यानिकी योजनाओं की प्रगति पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा में लक्ष्य पूरे करने के दिए निर्देश पीएमएफएमई, एमआईडीएच, जैविक खेती और बागवानी योजनाओं की गहन समीक्षा, पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर डिंडौरी, 31 जुलाई 2026 जिले में उद्यानिकी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरे किए जाएं। शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार परीक्षण करते हुए लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2026-27 की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लाभान्वित किसानों की नामवार जानकारी प्राप्त करते हुए उनके द्वारा लगाए गए फलदार एवं अन्य फसलों की स्थिति की जानकारी ली और योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के अंतर्गत संचालित पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना की विकासखंडवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभान्वित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बैठक में जैविक खेती योजना, बागवानी यंत्रीकरण योजना, फसलोत्तर प्रबंधन घटक तथा मसाला क्षेत्र विस्तार योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित निगरानी की जाए, मैदानी स्तर पर प्रगति का सतत मूल्यांकन हो तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे और जिले में उद्यानिकी विकास को नई गति मिले।1