logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में* *उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में* *रोजगार बचाओ, युवा बचाओ अभियान के तहत हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन ने सौंपा ज्ञापन* उमरिया जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, रोजगार के घटते अवसरों तथा बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी उमरिया कालरी (जोहिला क्षेत्र/चपहा कालरी) को बचाने की मांग को लेकर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों लोग हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और महामहिम राज्यपाल महोदय, श्रीमान कलेक्टर महोदया के नाम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिले के युवाओं के भविष्य, श्रमिकों के रोजगार तथा उमरिया की आर्थिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में प्रमुख रूप से बताया गया कि उमरिया कालरी केवल एक खदान नहीं, बल्कि पूरे जिले की जीवनदायिनी है। इसके बंद होने से हजारों श्रमिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों, परिवहन व्यवसायियों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। संगठन ने मांग की कि खदान को हर हाल में बंद होने से बचाया जाए तथा पानी में फंसे लगभग 30 से 40 लाख टन कोयले के सुरक्षित खनन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाएं। संगठन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में ग्राम जमुनिया क्षेत्र में बोरिंग एवं पंप के माध्यम से पानी निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन आगे की प्रक्रिया किसानों की भूमि उपलब्ध न होने के कारण रुकी हुई है। यदि किसानों से उचित संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समाधान किया जाए तो पानी निकासी कर खदान को आगे संचालित किया जा सकता है। संगठन ने शासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की। इसके साथ ही ज्ञापन में उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री रविन्द्र गोटमारे द्वारा खदान को आगे संचालित करने के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएं ताकि खदान का संचालन निरंतर जारी रह सके। इस अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने कहा कि उमरिया कालरी बंद होना केवल एक औद्योगिक इकाई का बंद होना नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और जिले के आर्थिक भविष्य पर सीधा हमला है। यदि समय रहते सरकार और एसईसीएल प्रबंधन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो आने वाले समय में बेरोजगारी और पलायन की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन जिले के युवाओं और श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा और इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के द्वारा भूख हड़ताल की जाएगी इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। आगे कहा कि आज जिले का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। एक ओर नए उद्योग नहीं लग रहे हैं और दूसरी ओर जो रोजगार के बड़े साधन हैं, उन्हें भी बंद होने दिया जा रहा है। उमरिया कालरी को बचाना पूरे जिले के अस्तित्व और युवाओं के भविष्य का प्रश्न है। यदि आवश्यक हुआ तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी को बचाने, प्रभावित श्रमिकों एवं परिवारों के हितों की रक्षा करने, जिले में नए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शासन तत्काल प्रभावी कार्रवाई करे। इस अवसर पर सैकड़ोंजन उपस्थिति रहे। इस अवसर पर राजेंद्र भाई, जगदीश जयसवाल, अल्ताफ खान, कृष्ण कांत तिवारी, नसरीन बानो, रोहनी श्याम, कपूरिया विश्वकर्मा, मो. मंसूर, अब्दुल साबित, अनुज वर्मा, दीपाक्षी, हेमलता, राजा, शाजिद, रोहित रावत, बुईया बाई, अजय विश्वकर्मा, विलाल खान, विकाश, अमित बर्मन सैकड़ों आदि की संख्या में लोग उपस्थित रहे तथा सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर उमरिया कालरी को बचाने, युवाओं को रोजगार दिलाने और जिले के विकास की मांग को लेकर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।

1 day ago
user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
Lawyer Bandhogarh, Umaria•
1 day ago

उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में* *उमरिया चपहा कालरी को बचाने हिंदू मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन उतरा मौदान में* *रोजगार बचाओ, युवा बचाओ अभियान के तहत हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन ने सौंपा ज्ञापन* उमरिया जिले में लगातार बढ़ती बेरोजगारी, रोजगार के घटते अवसरों तथा बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी उमरिया कालरी (जोहिला क्षेत्र/चपहा कालरी) को बचाने की मांग को लेकर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों लोग हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और महामहिम राज्यपाल महोदय, श्रीमान कलेक्टर महोदया के नाम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जिले के युवाओं के भविष्य, श्रमिकों के रोजगार तथा उमरिया की आर्थिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में प्रमुख रूप से बताया गया कि उमरिया कालरी केवल एक खदान नहीं, बल्कि पूरे जिले की जीवनदायिनी है। इसके बंद होने से हजारों श्रमिकों, कर्मचारियों,

bc1dc5cb-4cd4-48be-aef9-c6633d592fd4

व्यापारियों, परिवहन व्यवसायियों एवं उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो जाएगा। संगठन ने मांग की कि खदान को हर हाल में बंद होने से बचाया जाए तथा पानी में फंसे लगभग 30 से 40 लाख टन कोयले के सुरक्षित खनन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक कदम तत्काल उठाए जाएं। संगठन ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में ग्राम जमुनिया क्षेत्र में बोरिंग एवं पंप के माध्यम से पानी निकासी का कार्य किया जा रहा है, लेकिन आगे की प्रक्रिया किसानों की भूमि उपलब्ध न होने के कारण रुकी हुई है। यदि किसानों से उचित संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समाधान किया जाए तो पानी निकासी कर खदान को आगे संचालित किया जा सकता है। संगठन ने शासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की। इसके साथ ही ज्ञापन में उपक्षेत्रीय प्रबंधक श्री रविन्द्र गोटमारे द्वारा खदान को आगे संचालित करने के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संगठन

1cadae94-ce15-4171-9d57-92cba3bcc124

ने मांग की कि उमरिया कालरी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लिए जाएं ताकि खदान का संचालन निरंतर जारी रह सके। इस अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने कहा कि उमरिया कालरी बंद होना केवल एक औद्योगिक इकाई का बंद होना नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और जिले के आर्थिक भविष्य पर सीधा हमला है। यदि समय रहते सरकार और एसईसीएल प्रबंधन ने ठोस निर्णय नहीं लिया तो आने वाले समय में बेरोजगारी और पलायन की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। हिन्दू-मुस्लिम एकता मंच एवं एकता युवा शक्ति संगठन जिले के युवाओं और श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ता रहेगा और इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन के द्वारा भूख हड़ताल की जाएगी इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। आगे कहा कि आज जिले का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। एक ओर नए उद्योग नहीं लग रहे हैं और दूसरी ओर जो रोजगार के

6573dcb4-7dcc-4afe-8d0c-d24e80de5f03

बड़े साधन हैं, उन्हें भी बंद होने दिया जा रहा है। उमरिया कालरी को बचाना पूरे जिले के अस्तित्व और युवाओं के भविष्य का प्रश्न है। यदि आवश्यक हुआ तो संगठन जनहित में व्यापक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।संगठन ने मांग की कि उमरिया कालरी को बचाने, प्रभावित श्रमिकों एवं परिवारों के हितों की रक्षा करने, जिले में नए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा युवाओं के पलायन को रोकने के लिए शासन तत्काल प्रभावी कार्रवाई करे। इस अवसर पर सैकड़ोंजन उपस्थिति रहे। इस अवसर पर राजेंद्र भाई, जगदीश जयसवाल, अल्ताफ खान, कृष्ण कांत तिवारी, नसरीन बानो, रोहनी श्याम, कपूरिया विश्वकर्मा, मो. मंसूर, अब्दुल साबित, अनुज वर्मा, दीपाक्षी, हेमलता, राजा, शाजिद, रोहित रावत, बुईया बाई, अजय विश्वकर्मा, विलाल खान, विकाश, अमित बर्मन सैकड़ों आदि की संख्या में लोग उपस्थित रहे तथा सभी ने हाथों में तिरंगा लेकर उमरिया कालरी को बचाने, युवाओं को रोजगार दिलाने और जिले के विकास की मांग को लेकर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • नौरोजाबाद में फिर लग रहा झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है उमरिया जिले के राम लीला मैदान नौरोजाबाद में फिर लग रहा झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है क्या सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है वही नागरिको का कहना है कि यह झूला नहीं लगना चाहित पहले जैसे हो सकता है हादसा कौन है जिम्मेदार
    1
    नौरोजाबाद में फिर लग रहा  झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है 
उमरिया जिले के राम लीला मैदान नौरोजाबाद में फिर लग रहा  झूला , पहले भी झूला टूटने से हादशा हुआ है 
क्या सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है 
वही नागरिको का कहना है कि यह झूला नहीं लगना चाहित
पहले जैसे हो सकता है हादसा कौन है जिम्मेदार
    user_News 24 Umaria
    News 24 Umaria
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
    1
    पर्यावरण सुकृति हेतु लोक सुनवाई का आयोजन 
मेसर्स जे.के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित
पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोग लोक सुनवाई का आयोजन मेंसरस  जे. के. सीमेंट लिमिटेड को आवंटित ग्राम अमिलिया बीमा डोंगरी महरोई बंधवाबारा कननावहरा देवगांव चंदनिया खुर्द बंधवा खुर्द एवं बरगवां तहसील पाली जिला उमरिया मध्य प्रदेश 1481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित भूमिगत कोयला खदान वेस्ट आफ शहडोल साउथ कोल माइंस उत्पादन क्षमता 0.70 मिलियन टन प्रति वर्ष का टारगेट रखा गया।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!* *मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!* *ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल* *31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा* (आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया) मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है। जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है। दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’? सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है? यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है? और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। *ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें* मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है। क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क? यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है। *सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!* स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। *आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल* *छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?* ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है। लेकिन सवाल यह है कि— जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती? क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है? क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है? यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है। बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में— ● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच ● सीसीटीवी फुटेज की जांच ● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल ● ओवररेटिंग की जांच ● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच ● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच ● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कराई जाए। नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं। मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है। अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा! आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता? मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है। सवाल सीधा है— दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है? गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है? बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती? और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता? मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है। अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
    4
    मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*

*ठेका किसी और का, पैरोकार कोई और!*
*मानपुर में शराब का कथित ‘होम डिलीवरी नेटवर्क’, दुकान से बोरी में निकलती खेप और गांवों तक पहुंच रही शराब!*
*ओवररेटिंग से ओवरटाइमिंग तक के आरोप, दोनों दुकानों की निगरानी पर उठे सवाल*
*31 जुलाई की सुबह बाइक पर बोरी में शराब ले जाने का दावा, पूछने पर जेपी राय का माल बताए जाने की चर्चा*
(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया)
मानपुर। शराब का ठेका किसी और के नाम, लेकिन दुकान से शराब निकलकर गांव-गांव तक पहुंचाने वाले कथित पैरोकारों के नाम अलग! मानपुर में शराब के कारोबार को लेकर सामने आ रहे आरोपों ने एक बार फिर आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
मानपुर में संचालित दुकान क्रमांक-1, बस स्टैंड के आगे ताला रोड तथा दुकान क्रमांक-2, बिजौरी तिराहा को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों से शराब को दुकान परिसर से बाहर निकालकर मानपुर के गली-मोहल्लों से लेकर आसपास के दर्जनों गांवों तक पहुंचाया जा रहा है।
सुबह का ‘खेल’ कैमरे में कैद होने का दावा
शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 की सुबह का बताया जा रहा एक दृश्य इस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप है कि बिना नंबर की हीरो मोटरसाइकिल से एक बोरी में देशी और विदेशी मदिरा भरकर गांव की ओर ले जाई जा रही थी।
स्थानीय लोगों का दावा है कि यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। उनके मुताबिक, सुबह दुकान खुलने के बाद से लेकर देर शाम और अंधेरा होने के बाद तक शराब की खेप इधर-उधर ले जाने का सिलसिला देखा जाता है।
जब कथित रूप से शराब की खेप ले जा रहे लोगों से पूछताछ की गई तो जेपी राय नामक व्यक्ति का माल होने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आना भी बाकी है।
दुकान में बिक्री या गांव-गांव ‘सप्लाई सेंटर’?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शराब केवल निर्धारित दुकान से बिक्री के लिए है तो दुकान से बोरी भरकर शराब बाहर कैसे निकल रही है?
यदि यह शराब वैध रूप से ले जाई जा रही है तो उसके दस्तावेज, परिवहन की अनुमति और गंतव्य क्या है?
और यदि यह दुकान से बाहर अवैध रूप से पहुंचाई जा रही है तो आबकारी विभाग की निगरानी आखिर कहां है?
इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।
*ओवररेटिंग और ओवरटाइमिंग के आरोपों से भी घिरी दुकानें*
मानपुर की शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा केवल गांवों तक शराब पहुंचाने के ही आरोप नहीं लगाए जा रहे, बल्कि ओवररेटिंग और निर्धारित समय के बाद शराब बिक्री जैसे आरोप भी लंबे समय से चर्चा में हैं।
स्थानीय स्तर पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने के आरोपों में सत्यम तिवारी, सुरेंद्र गुप्ता सहित अन्य नाम भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन व्यक्तियों की किसी अवैध गतिविधि में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उनका पक्ष भी अपेक्षित है।
क्या यह केवल कर्मचारियों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क?
यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि दुकान से बाहर शराब पहुंचाने का सिलसिला नियमित है तो अकेले किसी कर्मचारी या छोटे विक्रेता के स्तर पर इतने बड़े क्षेत्र में शराब की आपूर्ति संभव होने पर भी सवाल उठता है।
*सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें, फिर भी नहीं थमा कथित कारोबार!*
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, मानपुर में शराब के कथित अनियमित कारोबार को लेकर मौखिक, लिखित और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायतें की जा चुकी हैं।
इसके बावजूद यदि वही गतिविधियां लगातार दिखाई दे रही हैं तो शिकायतों के निराकरण की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों ने आबकारी वृत्त प्रभारी पर शिकायतों को कथित रूप से ‘मैनेज’ किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
*आबकारी की कार्रवाई पर भी सवाल*
*छोटी मछलियों पर दबिश, मगर बड़े कथित नेटवर्क पर क्यों खामोशी?*
ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी अमला कभी-कभार मानपुर क्षेत्र में गश्त करता है और महुआ से कच्ची शराब बनाने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है।
लेकिन सवाल यह है कि—
जब दुकान से कथित रूप से शराब निकलकर गांवों तक पहुंच रही है, तो इसकी जांच क्यों नहीं होती?
क्या दुकानों के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का नियमित मिलान किया जाता है?
क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच होती है?
क्या दुकान से बाहर ले जाई जा रही शराब की निगरानी की जाती है?
यदि इन सभी व्यवस्थाओं के बावजूद शराब गांवों तक पहुंच रही है तो फिर निगरानी तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी खामी जरूर है।
बॉक्स | कलेक्टर से सीधी मांग
मानपुर की दोनों शराब दुकानों की हो औचक जांच
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मानपुर की दोनों शराब दुकानों की औचक एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
जांच में—
● स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच
● सीसीटीवी फुटेज की जांच
● दुकान से बाहर शराब ले जाने की घटनाओं की पड़ताल
● ओवररेटिंग की जांच
● निर्धारित समय के बाद बिक्री की जांच
● गांवों तक शराब पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क की जांच
● पूर्व शिकायतों के निराकरण की समीक्षा
कराई जाए।
नशे की आसान उपलब्धता से गांवों का माहौल प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब वास्तव में दुकान की सीमा से बाहर निकलकर गांव-गांव तक पहुंच रही है तो इसका सबसे ज्यादा असर युवा वर्ग और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है।
शराब की आसान उपलब्धता से घरेलू विवाद, सड़क दुर्घटनाओं और अपराधों की आशंका बढ़ने की बात भी स्थानीय लोग कह रहे हैं।
मानपुर जैसे शांत क्षेत्र में शराब की कथित अवैध सप्लाई का नेटवर्क यदि वास्तव में सक्रिय है तो यह सिर्फ आबकारी नियमों का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का भी विषय है।
अब प्रशासन की अग्निपरीक्षा!
आरोप सही हैं तो कार्रवाई कब? आरोप गलत हैं तो जांच कर सच सामने क्यों नहीं लाया जाता?
मानपुर के लोगों की निगाह अब जिला प्रशासन पर है।
सवाल सीधा है—
दुकान से बाहर निकलती शराब की कथित खेप आखिर किसके इशारे पर जा रही है?
गांवों तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क किसके संरक्षण में चल रहा है?
बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
और यदि शिकायतें गलत हैं तो प्रशासन निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सार्वजनिक क्यों नहीं करता?
मानपुर के नागरिक अब दावे नहीं, कार्रवाई चाहते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानपुर में शराब का कारोबार नियमों के अनुसार चल रहा है या फिर दुकान की आड़ में कोई बड़ा कथित नेटवर्क सक्रिय है।
अब देखना यह है कि आबकारी विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में केवल कागजी कार्रवाई करता है या वास्तव में मानपुर की शराब दुकानों की जमीनी हकीकत की जांच कर कथित नेटवर्क पर शिकंजा कसता है।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • हमारे ग्राम में पानी की सबसे बड़ी समस्या है कृपया इस पर ध्यान दें ग्राम अमूआरी में नल जल योजना का पानी एक माह से नहीं आ रहा है लोग अपने पैसे से टैंकर मंगा पानी भरकर अपना गुजारा कर रहे हैं ग्राम पंचायत मेहगांव जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ थाना कैमूर जिला कटनी मध्य प्रदेश
    1
    हमारे ग्राम में पानी की सबसे बड़ी समस्या है कृपया इस पर ध्यान दें
ग्राम अमूआरी में नल जल योजना का पानी एक माह से नहीं आ रहा है लोग अपने पैसे से टैंकर मंगा पानी भरकर अपना गुजारा कर रहे हैं ग्राम पंचायत मेहगांव जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ थाना कैमूर जिला कटनी मध्य प्रदेश
    user_Sunil rai
    Sunil rai
    Security Guard विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत
    1
    पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत
    user_Arya tak news
    Arya tak news
    Local News Reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कटनी नगर//- जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे कलेक्टर 📰 AIMA MEDIA | जन जन की आवाज विशेष संवाददाता | कटनी जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे कलेक्टर, मुस्कुराहटों से गूंज उठा छात्रावास सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा से प्रभावित हुए कलेक्टर आशीष तिवारी, ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा से बच्चों ने दिखाई अद्भुत क्षमता कटनी, 31 जुलाई। प्रेमनगर स्थित सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों) छात्रावास में शुक्रवार को संवेदनशीलता, आत्मीयता और प्रेरणा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने छात्रावास पहुंचकर औपचारिकताओं से दूर सीधे विद्यार्थियों के बीच जाकर घुटनों के बल बैठकर उनसे संवाद किया। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी और कुछ ही पलों में पूरा परिसर अपनत्व और उत्साह से भर गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों पर चर्चा की। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। यह मुलाकात केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि विश्वास, प्रेरणा और संवेदनशीलता का संदेश बन गई। ब्रेल और अबेकस पर दिखाई प्रतिभा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों साहिल काछी, अनुराग यादव, अजय पटेल, रोहित बर्मन, मनीष सपेरा एवं पर्वत सिंह ने ब्रेल लिपि में पढ़ने और लिखने की अपनी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। अबेकस और टेलर फ्रेम की सहायता से उन्होंने गणितीय प्रश्नों का तेज और सटीक समाधान प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने डेज़ी प्लेयर, स्मार्टफोन और की-बोर्ड के माध्यम से अध्ययन कर यह साबित किया कि यदि उचित अवसर और संसाधन मिलें तो कोई भी चुनौती उनके हौसलों के आगे बड़ी नहीं होती। सांकेतिक भाषा बनी संवाद का सशक्त माध्यम श्रवणबाधित विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचारों और भावनाओं को सहजता एवं आत्मविश्वास के साथ व्यक्त किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि संवाद केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और सीखने की इच्छा से भी होता है। कलेक्टर ने दिए उपहार, बढ़ाया हौसला विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित होकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उन्हें कॉपी, पेन, चॉकलेट और बिस्किट भेंट किए। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आधुनिक सुविधाओं पर दिया विशेष जोर कलेक्टर ने छात्रावास में संचालित रिसोर्स सेंटर, जूडो सेंटर और फिजियोथेरेपी सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और आवश्यक सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें। निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी (आईईडी) श्री अनिल त्रिपाठी, छात्रावास वार्डन श्री सुरेश कुमार धाकड़, सहायक वार्डन श्री अवनीश तिवारी, लेखापाल श्री अतुल बड़गैया, छात्रावास स्टाफ तथा साइटसेवर्स इंडिया की टीम उपस्थित रही।
    4
    कटनी नगर//-
जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे कलेक्टर
📰 AIMA MEDIA | जन जन की आवाज
विशेष संवाददाता | कटनी
जब छात्रों के बीच घुटनों के बल बैठे कलेक्टर, मुस्कुराहटों से गूंज उठा छात्रावास
सीडब्ल्यूएसएन छात्रावास में विशेष विद्यार्थियों की प्रतिभा से प्रभावित हुए कलेक्टर आशीष तिवारी, ब्रेल, अबेकस और सांकेतिक भाषा से बच्चों ने दिखाई अद्भुत क्षमता
कटनी, 31 जुलाई। प्रेमनगर स्थित सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों) छात्रावास में शुक्रवार को संवेदनशीलता, आत्मीयता और प्रेरणा का अनूठा दृश्य देखने को मिला। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने छात्रावास पहुंचकर औपचारिकताओं से दूर सीधे विद्यार्थियों के बीच जाकर घुटनों के बल बैठकर उनसे संवाद किया। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी और कुछ ही पलों में पूरा परिसर अपनत्व और उत्साह से भर गया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों पर चर्चा की। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। यह मुलाकात केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि विश्वास, प्रेरणा और संवेदनशीलता का संदेश बन गई।
ब्रेल और अबेकस पर दिखाई प्रतिभा
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों साहिल काछी, अनुराग यादव, अजय पटेल, रोहित बर्मन, मनीष सपेरा एवं पर्वत सिंह ने ब्रेल लिपि में पढ़ने और लिखने की अपनी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। अबेकस और टेलर फ्रेम की सहायता से उन्होंने गणितीय प्रश्नों का तेज और सटीक समाधान प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने डेज़ी प्लेयर, स्मार्टफोन और की-बोर्ड के माध्यम से अध्ययन कर यह साबित किया कि यदि उचित अवसर और संसाधन मिलें तो कोई भी चुनौती उनके हौसलों के आगे बड़ी नहीं होती।
सांकेतिक भाषा बनी संवाद का सशक्त माध्यम
श्रवणबाधित विद्यार्थियों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपने विचारों और भावनाओं को सहजता एवं आत्मविश्वास के साथ व्यक्त किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और यह संदेश दिया कि संवाद केवल शब्दों से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और सीखने की इच्छा से भी होता है।
कलेक्टर ने दिए उपहार, बढ़ाया हौसला
विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित होकर कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उन्हें कॉपी, पेन, चॉकलेट और बिस्किट भेंट किए। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आधुनिक सुविधाओं पर दिया विशेष जोर
कलेक्टर ने छात्रावास में संचालित रिसोर्स सेंटर, जूडो सेंटर और फिजियोथेरेपी सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और आवश्यक सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
निरीक्षण के दौरान जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी (आईईडी) श्री अनिल त्रिपाठी, छात्रावास वार्डन श्री सुरेश कुमार धाकड़, सहायक वार्डन श्री अवनीश तिवारी, लेखापाल श्री अतुल बड़गैया, छात्रावास स्टाफ तथा साइटसेवर्स इंडिया की टीम उपस्थित रही।
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Classified ads newspaper publisher कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *गुजरात में भयानक घटना!* *आरोप है कि 105 हार्ट सर्जरी ज़रूरी नहीं होने के बावजूद की गईं।* *पूछने पर वे बेखौफ होकर कहते हैं, “ऐसा क्यों किया?” —* *हॉस्पिटल चलाना है, सैलरी और दूसरे खर्चों के लिए पैसे चाहिए!* *लोगों को सावधान रहना चाहिए।* 😳😳😳😈👽👽👽
    1
    *गुजरात में भयानक घटना!*
*आरोप है कि 105 हार्ट सर्जरी ज़रूरी नहीं होने के बावजूद की गईं।*
*पूछने पर वे बेखौफ होकर कहते हैं, “ऐसा क्यों किया?” —*
*हॉस्पिटल चलाना है, सैलरी और दूसरे खर्चों के लिए पैसे चाहिए!*
*लोगों को सावधान रहना चाहिए।*
😳😳😳😈👽👽👽
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव। *हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव। आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। हनुमत कुंज आश्रम शिवपुरी छपड़ौर में कल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला यहां सुबह से ही स्थानीय और क्षेत्रीय श्रद्धालू एवं भक्तों सहित प्रदेश के कोने-कोने से एवं दूसरे प्रदेश से भी शिष्य जन् भारी तादात में गुरु दर्शन पूजन अर्चन को पहुंचे थे जिनके द्वारा यहां परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा समारोह में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाते हुए अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया गया इस अवसर पर यहां भगवत स्वरूप संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री संत शरण जी महाराज का वैदिक रीति रिवाज से पूजन अर्चन किया गया एवं उनके गुरुजी का भी पादुका पूजन किया गया।तत्पश्चात आयोजन स्थल में ही सभी आगंतुक भक्तों के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष भोजन प्रसाद की व्यवस्था थी जहां भारी तादात में आगंतुक गणों ने कार्यक्रम उपरांत भोजन प्रसाद कर पुण्य लाभ फल प्राप्त किया इस अवसर पर आयोजित समूचे कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरुकुलम के संचालक श्री महेंद्र कुमार तिवारी ने अपने अद्भुत जाने पहचाने अंदाज में करते हुए कार्यक्रम को और भी सरस बनाते हुए उपस्थित जनों को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
    4
    हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव।     
*हनुमंत कुंज आश्रम छपडोर में सम्पूर्ण श्रद्धा और भक्ति भाव से भव्यता पूर्वक मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव।               आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी उमरिया। हनुमत कुंज आश्रम शिवपुरी छपड़ौर में कल गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक समागम देखने को मिला यहां सुबह से ही स्थानीय और क्षेत्रीय श्रद्धालू एवं भक्तों सहित प्रदेश के कोने-कोने से एवं दूसरे प्रदेश से भी शिष्य जन् भारी तादात में गुरु दर्शन पूजन अर्चन को पहुंचे थे जिनके द्वारा यहां परंपरागत रूप से मनाए जाने वाले गुरु पूर्णिमा समारोह में बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाते हुए अपनी अनन्य भक्ति का परिचय दिया गया इस अवसर पर यहां भगवत स्वरूप संत शिरोमणि श्री श्री 1008 श्री संत शरण जी महाराज का वैदिक रीति रिवाज से पूजन अर्चन किया गया एवं उनके गुरुजी का भी पादुका पूजन किया गया।तत्पश्चात आयोजन स्थल में ही सभी आगंतुक भक्तों के लिए आश्रम प्रबंधन की ओर से विशेष भोजन प्रसाद की व्यवस्था थी जहां भारी तादात में आगंतुक गणों ने कार्यक्रम उपरांत भोजन प्रसाद कर पुण्य लाभ फल प्राप्त किया इस अवसर पर आयोजित समूचे कार्यक्रम का कुशल संचालन गुरुकुलम के संचालक श्री महेंद्र कुमार तिवारी ने अपने अद्भुत जाने पहचाने अंदाज में करते हुए कार्यक्रम को और भी सरस बनाते हुए उपस्थित जनों को मंत्र मुग्ध कर दिया।*
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.