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पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत

2 hrs ago
user_Arya tak news
Arya tak news
Local News Reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत

More news from Katni and nearby areas
  • आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स� आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स�
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    आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स�
आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स�
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer Bahoriband, Katni•
    13 hrs ago
  • पहली बार किया निरीक्षण निकल कर आई कई अनियमितताएं मरम्मत कार्य ना होने का भी आया मामला सामने पहली बार किया निरीक्षण निकल कर आई कई अनियमितताएं मरम्मत कार्य ना होने का भी आया मामला सामने निर्माण कार्य के विषय में सब इंजीनियर ने दिया गोल मोल जवाब
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    पहली बार किया निरीक्षण निकल कर आई कई अनियमितताएं मरम्मत कार्य ना होने का भी आया मामला सामने
पहली बार किया निरीक्षण निकल कर आई कई अनियमितताएं मरम्मत कार्य ना होने का भी आया मामला सामने निर्माण कार्य के विषय में सब इंजीनियर ने दिया गोल मोल  जवाब
    user_Lakhan Sahu
    Lakhan Sahu
    Farmer रायपुर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा! मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी? वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?
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    मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग
शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा! मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया*
अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे
क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?
    user_Pushpendra Kumar Vishwaka
    Pushpendra Kumar Vishwaka
    Computer Software Shop मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    58 min ago
  • मां शारदा धाम में जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह की जन चौपाल, नशा मुक्ति सायबर सुरक्षा सड़क सुरक्षा, महिला अपराधों सहित अन्य विषयों पर जनता को किया जागरूक
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    मां शारदा धाम में जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह की जन चौपाल, नशा मुक्ति सायबर सुरक्षा सड़क सुरक्षा, महिला अपराधों सहित अन्य विषयों पर जनता को किया जागरूक
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है। स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।" लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।" फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल
बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं।
मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है।
स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।"
लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है।
सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।"
फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    49 min ago
  • लाखों युवाओं ने विधानसभा घेरा 176000 नौकरियों के लिए भोपाल दिल्ली जंतर मंतर पर होगा आंदोलन में पिछड़ा वर्ग का समर्थन के लिए भीम आर्मी एवं जयस आदिवासी संगठन लाखों युवाओं मैदान में 20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया। #MPVidhanSabha ओबीसी महासभा जिंदाबाद 💪 💪 मुख्य मांगें ✅ 1. 13% होल्ड हटाओ। 2. 27 % आरक्षण लागू करो। 3. पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक करो। 📣 राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ावर्ग एससी एसटी मध्य प्रदेश लाखों युवाओं ने विधानसभा घेरा 176000 नौकरियों के लिए भोपाल में पिछड़ा वर्ग का समर्थन के लिए भीम आर्मी एवं जयस आदिवासी संगठन लाखों युवाओं मैदान में 20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया। #MPVidhanSabha ओबीसी महासभा जिंदाबाद 💪 💪 मुख्य मांगें ✅ 1. 13% होल्ड हटाओ। 2. 27 % आरक्षण लागू करो। 3. पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक करो। 📣 राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ावर्ग एससी एसटी मध्य प्रदेश
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    लाखों युवाओं ने विधानसभा घेरा 176000 नौकरियों के लिए भोपाल दिल्ली जंतर मंतर पर होगा आंदोलन में पिछड़ा वर्ग का समर्थन के लिए भीम आर्मी एवं जयस आदिवासी संगठन लाखों युवाओं मैदान में 
20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया। #MPVidhanSabha 
ओबीसी महासभा जिंदाबाद 💪 💪 
मुख्य मांगें ✅
1. 13% होल्ड हटाओ।
2. 27 % आरक्षण लागू करो।
3. पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक करो।
📣 राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ावर्ग एससी एसटी मध्य प्रदेश
लाखों युवाओं ने विधानसभा घेरा 176000 नौकरियों के लिए भोपाल में पिछड़ा वर्ग का समर्थन के लिए भीम आर्मी एवं जयस आदिवासी संगठन लाखों युवाओं मैदान में 
20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया। #MPVidhanSabha 
ओबीसी महासभा जिंदाबाद 💪 💪 
मुख्य मांगें ✅
1. 13% होल्ड हटाओ।
2. 27 % आरक्षण लागू करो।
3. पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक करो।
📣 राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ावर्ग एससी एसटी मध्य प्रदेश
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer Bahoriband, Katni•
    15 hrs ago
  • अमरपाटन विधायक डाॅ. राजेंद्र सिंह के नेत्तृत्व में किसानों की समस्या को लेकर जन आंदोलन,
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    अमरपाटन विधायक डाॅ. राजेंद्र सिंह के नेत्तृत्व में किसानों की समस्या को लेकर जन आंदोलन,
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सलैया चौकी पुलिस की सख्ती: वाहन चेकिंग अभियान में 6 चालान, 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला कटनी जिले के रीठी थाना अंतर्गत सलैया चौकी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। सलैया चौकी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान काली फिल्म लगी एक कार, बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे तीन चालकों तथा बिना हेलमेट दो बाइक चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। कुल छह प्रकरणों में 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा वाहनों में अवैध काली फिल्म न लगाने की समझाइश भी दी। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सलैया चौकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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    सलैया चौकी पुलिस की सख्ती: वाहन चेकिंग अभियान में 6 चालान, 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला
कटनी जिले के रीठी थाना अंतर्गत सलैया चौकी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया।
सलैया चौकी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान काली फिल्म लगी एक कार, बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे तीन चालकों तथा बिना हेलमेट दो बाइक चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। कुल छह प्रकरणों में 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया गया।
पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा वाहनों में अवैध काली फिल्म न लगाने की समझाइश भी दी। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
सलैया चौकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
    user_Ummed kuswaha
    Ummed kuswaha
    रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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