बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है। स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।" लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।" फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है। स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।" लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।" फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
- आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स� आज मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में ओबीसी 27% आरक्षण को लेकर के सुनबाई हो रही थी जिसमें ओबीसी महासभा की तरफ से एडवोकेट उदय कुमार साहू जी ने दो जजों की बेंच में ओबीसी के मुद्दों पर पूरी शिद्दत से बात रखी एक न्यायाधीश आनंद कुमार पाठक हैं दूसरे न्यायाधीश विनायक सराफ हैं इन्होंने बीच में आदि सुनवाई के बाद माइक को सुनवाई करते समय ही बंद कर दिया भाई जब 27% आरक्षण देना ही है सुनवाई हो रही है तो माइक बंद करने का क्या प्रयोजन है सरकार की क्या मंशा है माईक को बंद न कराया जाता ओबीसी के हितों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार करें वरना हम जबलपुर हाईकोर्ट का घेराव करेंगे यह ऐलान ओबीसी महासभा करती है आप सभी लोग इस वीडियो को जरूर ध्यान से सुने एडवोकेट उदय कुमार साहू लंबे समय से ओबीसी वर्ग के हितों के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक पूरी ईमानदारी से पूरी हिम्मत के साथ बात रखते हैं उनके जज्बे को भी सलाम और पूरी ओबीसी महासभा उनके स�1
- दमोह: फिर नही मिली 108 एम्बुलेंस सुविधा,बेवस होकर परिजनों को,दो घायल व्यक्तियों को प्राइवेट एंबुलेंस में ले जाना पड़ा दमोह: फिर नही मिली 108 एम्बुलेंस सुविधा,बेवस होकर परिजनों को,दो घायल व्यक्तियों को प्राइवेट एंबुलेंस में ले जाना पड़ा ऐसा पहली बार नहीं हुआ इसके पहले भी जिले में ऐसी घटनाएं हो चुकी जहां 108 की सेवा में समय पर नहीं मिल पाती जिला कलेक्टर के द्वारा कार्रवाई हेतु संज्ञान भी लिया गया मगर उसके बावजूद भी 108 सेवा कर्मचारियों की मनमानी नजर आती है ग्रामीण अंचलों में अक्सर कर 108 सेवा से सड़क हादसे दौरान घायलों को नहीं मिल पाती!1
- गंगा झिरिया धाम में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम सम्पन्न 11 वर्षों से निरंतर पौधरोपण कर जन्मदिवस मनाने की अनूठी पहल1
- हमारे ग्राम में पानी की सबसे बड़ी समस्या है कृपया इस पर ध्यान दें ग्राम अमूआरी में नल जल योजना का पानी एक माह से नहीं आ रहा है लोग अपने पैसे से टैंकर मंगा पानी भरकर अपना गुजारा कर रहे हैं ग्राम पंचायत मेहगांव जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ थाना कैमूर जिला कटनी मध्य प्रदेश1
- बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है। स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।" लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।" फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- लाखों युवाओं ने विधानसभा घेरा 176000 नौकरियों के लिए भोपाल दिल्ली जंतर मंतर पर होगा आंदोलन में पिछड़ा वर्ग का समर्थन के लिए भीम आर्मी एवं जयस आदिवासी संगठन लाखों युवाओं मैदान में 20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया। #MPVidhanSabha ओबीसी महासभा जिंदाबाद 💪 💪 मुख्य मांगें ✅ 1. 13% होल्ड हटाओ। 2. 27 % आरक्षण लागू करो। 3. पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक करो। 📣 राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ावर्ग एससी एसटी मध्य प्रदेश लाखों युवाओं ने विधानसभा घेरा 176000 नौकरियों के लिए भोपाल में पिछड़ा वर्ग का समर्थन के लिए भीम आर्मी एवं जयस आदिवासी संगठन लाखों युवाओं मैदान में 20 जुलाई 2026 को विधानसभा घेराव किया। #MPVidhanSabha ओबीसी महासभा जिंदाबाद 💪 💪 मुख्य मांगें ✅ 1. 13% होल्ड हटाओ। 2. 27 % आरक्षण लागू करो। 3. पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना कर आंकड़े सार्वजनिक करो। 📣 राष्ट्रीय कर कमेटी कार्यकारी जिला अध्यक्ष जिला मीडिया ओबीसी महासभा पिछड़ावर्ग एससी एसटी मध्य प्रदेश1
- दमोह राधिका पैलेस में नाटक के माध्यम से गूंजा नशा मुक्ति का संदेश, आईजी-डीआईजी ने बच्चों को किया जागरूक1
- सलैया चौकी पुलिस की सख्ती: वाहन चेकिंग अभियान में 6 चालान, 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला कटनी जिले के रीठी थाना अंतर्गत सलैया चौकी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। सलैया चौकी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान काली फिल्म लगी एक कार, बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे तीन चालकों तथा बिना हेलमेट दो बाइक चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। कुल छह प्रकरणों में 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा वाहनों में अवैध काली फिल्म न लगाने की समझाइश भी दी। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सलैया चौकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1