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दमोह: फिर नही मिली 108 एम्बुलेंस सुविधा,बेवस होकर परिजनों को,दो घायल व्यक्तियों को प्राइवेट एंबुलेंस में ले जाना पड़ा दमोह: फिर नही मिली 108 एम्बुलेंस सुविधा,बेवस होकर परिजनों को,दो घायल व्यक्तियों को प्राइवेट एंबुलेंस में ले जाना पड़ा ऐसा पहली बार नहीं हुआ इसके पहले भी जिले में ऐसी घटनाएं हो चुकी जहां 108 की सेवा में समय पर नहीं मिल पाती जिला कलेक्टर के द्वारा कार्रवाई हेतु संज्ञान भी लिया गया मगर उसके बावजूद भी 108 सेवा कर्मचारियों की मनमानी नजर आती है ग्रामीण अंचलों में अक्सर कर 108 सेवा से सड़क हादसे दौरान घायलों को नहीं मिल पाती!
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दमोह: फिर नही मिली 108 एम्बुलेंस सुविधा,बेवस होकर परिजनों को,दो घायल व्यक्तियों को प्राइवेट एंबुलेंस में ले जाना पड़ा दमोह: फिर नही मिली 108 एम्बुलेंस सुविधा,बेवस होकर परिजनों को,दो घायल व्यक्तियों को प्राइवेट एंबुलेंस में ले जाना पड़ा ऐसा पहली बार नहीं हुआ इसके पहले भी जिले में ऐसी घटनाएं हो चुकी जहां 108 की सेवा में समय पर नहीं मिल पाती जिला कलेक्टर के द्वारा कार्रवाई हेतु संज्ञान भी लिया गया मगर उसके बावजूद भी 108 सेवा कर्मचारियों की मनमानी नजर आती है ग्रामीण अंचलों में अक्सर कर 108 सेवा से सड़क हादसे दौरान घायलों को नहीं मिल पाती!
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- संक्रमण से बचने घर-घर पहुंच रही मलेरिया विभाग की टीम, डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए टंकियों का पानी चेक कर लार्वा के लिए सैंपल दमोह। जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर लार्वा सर्वे अभियान शुरू कर दिया है। आज शुक्रवार दोपहर 2 बजे शहर के बजरिया वार्ड-7 सहित विभिन्न क्षेत्रों में मलेरिया विभाग की टीम ने घरों में जमा पानी की जांच कर डेंगू के लार्वा तलाशे और आवश्यक स्थानों पर छिड़काव किया। टीम ने लोगों को बारिश का पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों व बर्तनों को ढककर रखने तथा बुखार आने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी। मलेरिया विभाग के कर्मचारी मोहित पटेल ने बताया कि जुलाई माह मलेरिया जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इसी के तहत छह सदस्यीय टीम लगातार सर्वे कर रही है। अब तक जांच किए गए घरों में डेंगू के लार्वा नहीं मिले हैं, लेकिन संदेह वाले स्थानों पर एहतियातन छिड़काव किया गया। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मलेरिया और डेंगू के लक्षण दिखने पर लापरवाही न बरतें और समय पर उपचार कराएं।1
- पहली बार किया निरीक्षण निकल कर आई कई अनियमितताएं मरम्मत कार्य ना होने का भी आया मामला सामने पहली बार किया निरीक्षण निकल कर आई कई अनियमितताएं मरम्मत कार्य ना होने का भी आया मामला सामने निर्माण कार्य के विषय में सब इंजीनियर ने दिया गोल मोल जवाब1
- 3 साल से टूटा दतला नदी का पुल, जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण कटनी जिले के उमरियापान क्षेत्र की आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत कचनारी के आश्रित ग्राम छीतापाल में दतला नदी का पुल पिछले तीन वर्षों से टूटा पड़ा है। बरसात में पुल नहीं होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार पुल बहने के बाद आज तक इसका पुनर्निर्माण नहीं हुआ। रोजाना बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को नदी पार करने में जोखिम उठाना पड़ता है, जबकि कई लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ता है। ग्रामीण रोशन सिंह और अशोक सिंह ने बताया कि कई बार प्रशासन से पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि आदिवासी क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।1
- कोरोना के बाद फिर लौटी बाजार की रौनक, बखलेहटा में साप्ताहिक हाट का हुआ शुभारंभ कटनी जिले की रीठी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बखलेहटा में कोरोना काल से बंद पड़ा साप्ताहिक गुरुवार बाजार वर्षों बाद फिर शुरू हो गया। बाजार के शुभारंभ से व्यापारियों और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी माता मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ साप्ताहिक बाजार का शुभारंभ किया गया। बाजार में दूर-दराज के व्यापारी अपनी दुकानें लेकर पहुंचे, वहीं ग्रामीणों ने भी जमकर खरीदारी की। यह बाजार वर्ष 1993 में पूर्व सरपंच स्वर्गीय चंदन आदिवासी द्वारा शुरू किया गया था। उनकी स्मृति में सरपंच सुनील हजारी कुशवाहा, उपसरपंच रंजिता पटेल, सचिव सुरेश पटेल और रोजगार सहायक चंद्रभान पटेल के मार्गदर्शन में बाजार को फिर से शुरू किया गया। खास बात यह है कि इस बाजार में व्यापारियों से किसी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाएगा। पालक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने सभी व्यापारियों से नियमित रूप से दुकान लगाने और क्षेत्रवासियों से हर गुरुवार साप्ताहिक बाजार में पहुंचकर खरीदारी करने की अपील की।1
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