मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा! मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी? वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?
मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा! मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी? वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?
- मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग शव देने के लिए पैसे मांगने का आरोप फिर भी कार्यवाही शून्य नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी जिला प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मरीज के परिजनों से कथित अभद्रता और कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप—महिला की मौत के बाद शव सौंपने को लेकर भी सामने आया गंभीर दावा! मैहर के नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर सामने आए आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं दावा किया जा रहा है कि अस्पताल में मरीज के परिजनों के साथ कथित अभद्रता की गई और पैसे को लेकर विवाद हुआ सबसे गंभीर दावा यह है कि महिला मरीज की मौत के बाद शव सौंपने में कथित तौर पर पैसों की मांग की गई और भुगतान के बाद शव सौंपा गया* अगर यह दावा सही है तो मामला बेहद गंभीर है अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा क्या अस्पताल के बिल और भुगतान रिकॉर्ड की जांच होगी क्या परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे क्या शव सौंपने की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी क्या दोष साबित होने पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी? वही अस्पताल के रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल उठाए गए है सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अस्पताल का पंजीयन डॉ. प्रशांत वानखेड़े के नाम पर है जबकि कथित तौर पर पिछले कई महीनों से उनकी अस्पताल में मौजूदगी नहीं है तो सवाल उठता है आखिर अस्पताल का संचालन कौन कर रहा है क्या स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के वर्तमान संचालन और पंजीयन की स्थिति का सत्यापन किया है इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों के पालन को लेकर भी शिकायतें और सवाल सामने आ रहे हैं अब मैहर प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाएगा या गंभीर आरोपों के बावजूद मामला सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगा जनता जवाब चाहती है स्वास्थ्य विभाग जवाब दे प्रशासन जवाब दे और अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष सामने रखे क्योंकि मामला सिर्फ आरोपों का नहीं—सवाल है कि अगर आरोप सही हैं तो कार्यवाही कब होगी और अगर गलत हैं तो सच्चाई जनता के सामने कब आएगी?1
- मां शारदा धाम में जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह की जन चौपाल, नशा मुक्ति सायबर सुरक्षा सड़क सुरक्षा, महिला अपराधों सहित अन्य विषयों पर जनता को किया जागरूक1
- *बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 में पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया जागरूक* *बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 में पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया जागरूक* *नशा, साइबर ठगी और महिला अपराधों से बचाव के दिए टिप्स* मैहर - रीवा जोन आईजी गौरव सिंह राजपूत के निर्देशन पर जन चौपाल 0.4 आपकी पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मैहर जिला पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन पर नगर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में मां शारदा धाम बंधा बैरियर के पास जनचौपाल 0.4 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने नशे से दूरी है जरूरी विषय पर अरकंडी वार्ड वासियों को नशीली कफ सिरप (कोरेक्स), नशीली गोलियां,गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही महिला संबंधी अपराधों, साइबर अपराध और लगातार बढ़ रही साइबर ठगी से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने मां शारदा धाम अरकंडी निवासियों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि नशे के कारोबार या साइबर ठगी की घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील करते हुए कहा कि यदि आपको लगता है कि आप सूचना देंगे आपकी जानकारी लीक हो सकती है तो आप डायरेक्ट मुझे फोन कर बता सकते है। यदि किसी कारणवश फोन नही उठा रहा है तो आप मुझे वाट्स एप मे पूरी डिटेल भेज सकते है आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। जागरूकता और सतर्कता ही अपराधों पर अंकुश लगाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस जन चौपाल में यह रहें उपस्थित सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, एसआई संतोष उलाड़ी, एसआई वंदना गर्ग, एसआई रंजीत सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश द्विवेदी सहित समाजिक कार्यकर्ता एवं सैकड़ों की तादाद में वार्ड वासी मौजूद रहें।4
- रीवा: मौत के 20 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, परिजनों की मांग पर दोबारा होगा पोस्टमार्टम मध्य भारत न्यूज़, ब्यूरो रिपोर्ट (रीवा): रीवा शहर के बिछिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति की मौत के करीब 20 दिन बाद, प्रशासन की मौजूदगी में उसकी कब्र को खुदवाकर शव को बाहर निकाला गया है। परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद यह कदम उठाया गया है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, बिछिया थाना क्षेत्र के कुठुलिया मोहल्ला निवासी 42 वर्षीय मोहम्मद लुकमान की गत 9 और 10 जुलाई की दरमियानी रात संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक मौत हो गई थी। उस समय परिजनों ने इसे सामान्य (स्वाभाविक) मौत मानते हुए बिना पोस्टमार्टम कराए ही उनके पैतृक गांव बैकुंठपुर स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। 20 दिन बाद बदला रुख, भाई ने जताया संदेह घटना के करीब 20 दिन बीत जाने के बाद, मृतक के परिजनों ने मौत पर गहरा संदेह व्यक्त करते हुए बिछिया थाने में आवेदन दिया। मृतक के भाई मोहम्मद दाऊद का कहना है कि उन्हें लुकमान की मौत स्वाभाविक नहीं लग रही है और इसके पीछे किसी आपराधिक साजिश की आशंका है। हालांकि परिजनों ने सीधे तौर पर किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप नहीं लगाया है, बल्कि निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसडीएम की अनुमति से हुआ उत्खनन बिछिया थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने बताया कि परिजनों के आवेदन पर विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित एसडीएम से अनुमति प्राप्त की गई। एसडीएम के आदेश और पुलिस प्रशासन की संयुक्त मौजूदगी में बैकुंठपुर कब्रिस्तान से कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। इसके पश्चात शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। "पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार के आपराधिक तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।" — पुलिस प्रशासन1
- बड़ी खबर सोहावल जनपद के ग्राम पंचायत बाबूपुर में जितेंद्र सेन के घर पर निकल 7 फीट लंबा घोड़ा पछाड़ सांप जीव संरक्षक शंखधर तिवारी ने किया रेस्क्यू सुरक्षित स्थान पर छोड़ा1
- अमरपाटन विधायक डाॅ. राजेंद्र सिंह के नेत्तृत्व में किसानों की समस्या को लेकर जन आंदोलन,1
- शकील को है न्याय की उम्मीद ! क्या गरीब को मिलेगा न्याय? #sntnewspinch शकील को है न्याय की उम्मीद ! क्या गरीब को मिलेगा न्याय? #sntnewspinch1