आखिर कब तक झारखंड के मजदूरों के साथ बाहर में शोषण होगा आज सवाल पूछता है सिस्टम से कब तक? रांची के पिठौरिया जंगल टोली मरवा के रहने वाले एतवा उरांव 4 महीने पहले बेंगलुरु गया था कमाने के लिए घर पर मां पत्नी और तीन छोटे बच्चे इसी उम्मीद लगाए बैठे थे की बच्चों के पिता एतवा घर लौटेंगे तो घर में खुशियां आएगी। लेकिन 4 महीने बाद कल ताबूत में बंद उसका शव घर आता है, एतवा उरांव बेंगलुरु में ASSTRA TILE &PAVRS में काम कर रहे थे एतवा के परिजनों का कहना है,कि एतवा की मौत कैसे हुई इसकी सही जानकारी नहीं दी गई और न ही मुआवज़े के तौर पर उन्हें कुछ मदद की राशि दी गई। आख़िर कब तक झारखंड का कोई एतवा परिवार चलाने दूसरे प्रदेश जाएगा और फिर ताबूत में बंद होकर आएगा। सरकार को संज्ञान लेते हुए परिवार को मदद करनी चाहिए क्योंकि परिवार में कमाने वाला एतवा ही था। साथ में जिन कंपनियों में हादसा हुआ उसकी मृत्यु हुई है उस कंपनी की निष्पक्ष तरीके से उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और झारखंड सरकार से आग्रह है, की इस दिशा में परिवार का साथ दे ताकि कोई दूसरा एतवा कंपनी के शोषण का शिकार ना बने।
आखिर कब तक झारखंड के मजदूरों के साथ बाहर में शोषण होगा आज सवाल पूछता है सिस्टम से कब तक? रांची के पिठौरिया जंगल टोली मरवा के रहने वाले एतवा उरांव 4 महीने पहले बेंगलुरु गया था कमाने के लिए घर पर मां पत्नी और तीन छोटे बच्चे इसी उम्मीद लगाए बैठे थे की बच्चों के पिता एतवा घर लौटेंगे तो घर में खुशियां आएगी। लेकिन 4 महीने बाद कल ताबूत में बंद उसका शव घर आता है, एतवा उरांव बेंगलुरु में ASSTRA TILE &PAVRS में काम कर रहे थे एतवा के परिजनों का कहना है,कि एतवा की मौत कैसे हुई इसकी सही जानकारी नहीं दी गई और न ही मुआवज़े के तौर पर उन्हें कुछ मदद की राशि दी गई। आख़िर कब तक झारखंड का कोई एतवा परिवार चलाने दूसरे प्रदेश जाएगा और फिर ताबूत में बंद होकर आएगा। सरकार को संज्ञान लेते हुए परिवार को मदद करनी चाहिए क्योंकि परिवार में कमाने वाला एतवा ही था। साथ में जिन कंपनियों में हादसा हुआ उसकी मृत्यु हुई है उस कंपनी की निष्पक्ष तरीके से उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और झारखंड सरकार से आग्रह है, की इस दिशा में परिवार का साथ दे ताकि कोई दूसरा एतवा कंपनी के शोषण का शिकार ना बने।
- पीएम श्री राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई में बुधवार को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव, अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उर्वशी देवी, प्रधानाध्यापिका मीना साहु के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रधानाध्यापिका मीना साहु ने बताया कि गुमला जिला में 11 विद्यालय को पीएम श्री किया गया है, जिसमें राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई भी हैं। अब विद्यालय केंद्र सरकार की देखरेख में संचालित हो रहा है। और बच्चे अनुशासन में रहकर शिक्षकों के मार्गदर्शन में लगातार सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर बीआरपी, सीआरपी सहित भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।1
- गुमला के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगड़ा गांव की एक छात्रा की टेम्पु पलटने से दर्दनाक मौत हो गई वही 7 साल की एक बच्ची बुरी तरह घायल होगई । मृतक छात्रा का नाम आकांक्षा कुमारी था उम्र करीब 9 साल वह अपने मामा के घर गंगाड़ा में अपनी मां सुषमा देवी के साथ रहती थी. प्रत्येक दिन की तरह आज भी वह अपने घर से स्कूल मदर अमृत पब्लिक स्कूल महाराजगंज जाने के लिए टेंपू से निकली। रास्ते पे बड़ा टोली मोड़ के पास टेम्पु अनियंत्रित होकर पलट गया। जिससे मौके पर ही मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बसिया पुलिस के द्वारा मौके पर पहुंचकर बच्चियों को बसिया रेफरल अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने आकांक्षा कुमारी को मृत घोषित कर दिया एवं घायल अनु केरकेटा का प्राथमिक उपचार किया गया. टेंपो में करीब 8 से 10 बच्चे बैठे हुए थे, पहले भी कई बार समाचार पत्रों में टेम्पु में बच्चों को जानवरों की तरह ठूस कर स्कूल ले जाने की खबर को प्रमुखता से दिखाई है, पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने के कारण आज एक मासूम बच्ची की जान चली गई। अब बड़ा सवाल होता है कि आखिर इस मासूम बच्ची के मौत का जिम्मेदार कौन??2
- रानियाँ बेलकिदुरा सोदे रोड का पुल धंस गया है जल्दी बन जाए गाँव वालों की मांग! #post #reel #khuntijharkhnand #समाचार2
- पेशा कानून का दिया गया प्रशिक्षण चैनपुर गुमला झारखंड संवाददाता कुलदीप कुमार कि रिपोर्ट। चैनपुर मुख्यालय स्थित पुस्तकालय भवन में ग्राम प्रधान मुखिया वार्ड सदस्यों का पेशा कानून का प्रशिक्षण दिया गया जिसका प्रशिक्षण भुषण भगत बड़ाइक एवं संतोष महतो के द्वारा दिया गया। जिसपर बताया गया कि पेशा कानून 23 दिसंबर 2025 को विधानसभा में पारित हुआ और 2 जनवरी 2026 को पुरे प्रदेश में लागू किया गया। वहीं बताया गया कि ग्राम सभा को पेशा कानून लागू होने से पहले उतना मान्यता नहीं मिलता था। पर पेशा कानून लागू होने पर ग्राम सभा को और ग्राम प्रधान सहित मुखिया को गांव के रूढ़िवादी परंपरा को फिरे लागू करते हुए अपने गांव के शासन व्यवस्था को फिर से स्वतंत्र रूप से से जीवन जीने एवं कोई बाहरी आक्रांता हावी ना हो और प्राणों का बलिदान देना ना पड़े पुर्वजों ने जो जीवन जिया था जिसमें अनेकों आक्रांताओं के द्वारा हमारा जल जंगल जमीन संस्कृति धार्मिक मान्यताओं को क्षतिग्रस्त किया गया था उसे बचाने के लिए पेशा कानून लागू किया गया है। वहीं बताया गया कि झारखंड में कुल 33 जनजातियां है जिसमें पड़हा व्यवस्था झारखंड कि सबसे सर्वोच्च व्यवस्था है फिर भी भारत के संविधान कि आवश्यकता हमारी रूढ़ी व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलने के लिए संविधान में दिया गया है। वहीं झारखंड के मुख्य पाढ़ा व्यवस्था के बारे में बताया गया जिसमें पाढ़ा मतलब तीन चार गांवो का समुह को बताया साथ ही बताया कि झारखंड में कुल चार पाढ़ा व्यवस्था है जिसमें पाढ़ा व्यवस्था उरांव बहुल के लिए,डोकला सोहर खड़िया बहुल के लिए,मानकी मुण्डा व्यवस्था मुण्डा क्षेत्र बहुल के लिए,मांझी परगनैत मांझी बहुल क्षेत्र के लिए । वहीं मुख्य रूप से बताया गया कि पेशा कानून लागू कराने के लिए 8 समिति का गठन कराना आवश्यक है जिसमें ग्राम शिक्षा समिति,वन समिति विकास समिति,शिक्षा समिति, स्वास्थ्य समिति, न्याय समिति साथ ही लघु खनिज,लघु वन,वन उपज,ग्रमिण कोष, जैसे क्षेत्रों में काम करना होगा जिससे ग्राम सभा को सिधा फायदा होगा।1
- सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक की घटना स्थल पर हुई दर्दनाक मौत सूचना पर पहुंची पुलिस क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल एवं ट्रक को कब्जे में ले अग्रतर कारवाई में जुटी पुलिस घटना लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र सेन्हा आटा मिल के पास मंगलवार देर शाम हुआ। मृतक की पहचान अरु ग्राम निवासी के रूप में किया गया। बताया जाता है कि खड़ी ट्रक के पीछे जोरदार धक्का मारने से चालक की हुई मौत2
- डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा एडीजे वन प्रेम शंकर की अदालत ने डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी लूटो गांव निवासी विपदा उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के सजा सुनाई। मालूम हो कि 25 सितंबर 2021 को आरोपी ने डायन बिसाही के शक में छोटा खटगा निवासी बसमणी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी बीमारी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी के खिलाफ मृतक के परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी कर देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। बाइट, अजय कुमार रजक, लोक अभियोजक, गुमला न्यायालय।3
- अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बोले 110% जीत रहे हैं? #short #shorts #election #chunav #election2026 #news1
- Post by Niraj kumar Sahu1