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डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा एडीजे वन प्रेम शंकर की अदालत ने डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी लूटो गांव निवासी विपदा उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के सजा सुनाई। मालूम हो कि 25 सितंबर 2021 को आरोपी ने डायन बिसाही के शक में छोटा खटगा निवासी बसमणी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी बीमारी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी के खिलाफ मृतक के परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी कर देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। बाइट, अजय कुमार रजक, लोक अभियोजक, गुमला न्यायालय।
Dipak gupta
डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा एडीजे वन प्रेम शंकर की अदालत ने डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी लूटो गांव निवासी विपदा उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के सजा सुनाई। मालूम हो कि 25 सितंबर 2021 को आरोपी ने डायन बिसाही के शक में छोटा खटगा निवासी बसमणी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी बीमारी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी के खिलाफ मृतक के परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी कर देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। बाइट, अजय कुमार रजक, लोक अभियोजक, गुमला न्यायालय।
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- पेशा कानून का दिया गया प्रशिक्षण चैनपुर गुमला झारखंड संवाददाता कुलदीप कुमार कि रिपोर्ट। चैनपुर मुख्यालय स्थित पुस्तकालय भवन में ग्राम प्रधान मुखिया वार्ड सदस्यों का पेशा कानून का प्रशिक्षण दिया गया जिसका प्रशिक्षण भुषण भगत बड़ाइक एवं संतोष महतो के द्वारा दिया गया। जिसपर बताया गया कि पेशा कानून 23 दिसंबर 2025 को विधानसभा में पारित हुआ और 2 जनवरी 2026 को पुरे प्रदेश में लागू किया गया। वहीं बताया गया कि ग्राम सभा को पेशा कानून लागू होने से पहले उतना मान्यता नहीं मिलता था। पर पेशा कानून लागू होने पर ग्राम सभा को और ग्राम प्रधान सहित मुखिया को गांव के रूढ़िवादी परंपरा को फिरे लागू करते हुए अपने गांव के शासन व्यवस्था को फिर से स्वतंत्र रूप से से जीवन जीने एवं कोई बाहरी आक्रांता हावी ना हो और प्राणों का बलिदान देना ना पड़े पुर्वजों ने जो जीवन जिया था जिसमें अनेकों आक्रांताओं के द्वारा हमारा जल जंगल जमीन संस्कृति धार्मिक मान्यताओं को क्षतिग्रस्त किया गया था उसे बचाने के लिए पेशा कानून लागू किया गया है। वहीं बताया गया कि झारखंड में कुल 33 जनजातियां है जिसमें पड़हा व्यवस्था झारखंड कि सबसे सर्वोच्च व्यवस्था है फिर भी भारत के संविधान कि आवश्यकता हमारी रूढ़ी व्यवस्था को बेहतर ढंग से चलने के लिए संविधान में दिया गया है। वहीं झारखंड के मुख्य पाढ़ा व्यवस्था के बारे में बताया गया जिसमें पाढ़ा मतलब तीन चार गांवो का समुह को बताया साथ ही बताया कि झारखंड में कुल चार पाढ़ा व्यवस्था है जिसमें पाढ़ा व्यवस्था उरांव बहुल के लिए,डोकला सोहर खड़िया बहुल के लिए,मानकी मुण्डा व्यवस्था मुण्डा क्षेत्र बहुल के लिए,मांझी परगनैत मांझी बहुल क्षेत्र के लिए । वहीं मुख्य रूप से बताया गया कि पेशा कानून लागू कराने के लिए 8 समिति का गठन कराना आवश्यक है जिसमें ग्राम शिक्षा समिति,वन समिति विकास समिति,शिक्षा समिति, स्वास्थ्य समिति, न्याय समिति साथ ही लघु खनिज,लघु वन,वन उपज,ग्रमिण कोष, जैसे क्षेत्रों में काम करना होगा जिससे ग्राम सभा को सिधा फायदा होगा।1
- डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा एडीजे वन प्रेम शंकर की अदालत ने डायन बिसाही मामले में तिहरे हत्याकांड के आरोपी लूटो गांव निवासी विपदा उरांव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के सजा सुनाई। मालूम हो कि 25 सितंबर 2021 को आरोपी ने डायन बिसाही के शक में छोटा खटगा निवासी बसमणी देवी, सोमारी देवी और बंधन उरांव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। आरोपी ने अपनी बीमारी के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। आरोपी के खिलाफ मृतक के परिजनों के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी कर देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। बाइट, अजय कुमार रजक, लोक अभियोजक, गुमला न्यायालय।3
- पीएम श्री राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई में बुधवार को वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव, अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उर्वशी देवी, प्रधानाध्यापिका मीना साहु के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। प्रधानाध्यापिका मीना साहु ने बताया कि गुमला जिला में 11 विद्यालय को पीएम श्री किया गया है, जिसमें राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय प्रखंड मुख्यालय सिसई भी हैं। अब विद्यालय केंद्र सरकार की देखरेख में संचालित हो रहा है। और बच्चे अनुशासन में रहकर शिक्षकों के मार्गदर्शन में लगातार सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। विद्यालय के छात्र एवं छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर बीआरपी, सीआरपी सहित भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।1
- मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना वर्ष 2024-25 अंतर्गत सूकर विकास योजना के तहत बुधवार को प्रखंड परिसर, चैनपुर में चयनित 7 लाभुकों के बीच सूकर इकाइयों का वितरण किया गया। प्रत्येक लाभुक को 04 मादा सूकरी एवं 01 नर सूकर की दर से एक-एक इकाई प्रदान की गई।कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे से प्रखंड परिसर में किया गया, जहां लाभुकों में उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा , प्रथम पशुचिकित्सक पदाधिकारी डॉक्टर धर्मरक्षित उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने लाभुकों को पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने एवं आय में वृद्धि करने का संदेश दिया।इस योजना से ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल मानी जा रही है। चयनित लाभुकों में सरिता टोप्पो, गांगी देवी, फरीदा लकड़ा, तिलिना मिंस, बेसिस मिंस, जेम्स दीपक हुजूर सहित अन्य शामिल रहे।ग्रामीणों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पशुपालन से परिवार की आमदनी बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होग।3
- गुमला के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगड़ा गांव की एक छात्रा की टेम्पु पलटने से दर्दनाक मौत हो गई वही 7 साल की एक बच्ची बुरी तरह घायल होगई । मृतक छात्रा का नाम आकांक्षा कुमारी था उम्र करीब 9 साल वह अपने मामा के घर गंगाड़ा में अपनी मां सुषमा देवी के साथ रहती थी. प्रत्येक दिन की तरह आज भी वह अपने घर से स्कूल मदर अमृत पब्लिक स्कूल महाराजगंज जाने के लिए टेंपू से निकली। रास्ते पे बड़ा टोली मोड़ के पास टेम्पु अनियंत्रित होकर पलट गया। जिससे मौके पर ही मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। बसिया पुलिस के द्वारा मौके पर पहुंचकर बच्चियों को बसिया रेफरल अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने आकांक्षा कुमारी को मृत घोषित कर दिया एवं घायल अनु केरकेटा का प्राथमिक उपचार किया गया. टेंपो में करीब 8 से 10 बच्चे बैठे हुए थे, पहले भी कई बार समाचार पत्रों में टेम्पु में बच्चों को जानवरों की तरह ठूस कर स्कूल ले जाने की खबर को प्रमुखता से दिखाई है, पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने के कारण आज एक मासूम बच्ची की जान चली गई। अब बड़ा सवाल होता है कि आखिर इस मासूम बच्ची के मौत का जिम्मेदार कौन??2
- सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक की घटना स्थल पर हुई दर्दनाक मौत सूचना पर पहुंची पुलिस क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल एवं ट्रक को कब्जे में ले अग्रतर कारवाई में जुटी पुलिस घटना लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र सेन्हा आटा मिल के पास मंगलवार देर शाम हुआ। मृतक की पहचान अरु ग्राम निवासी के रूप में किया गया। बताया जाता है कि खड़ी ट्रक के पीछे जोरदार धक्का मारने से चालक की हुई मौत2
- गुमला:जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों की सक्रिय सहभागिता में निहित है। आपका एक मत आपके नगर के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त स्थानीय स्वशासन की दिशा निर्धारित करता है।उन्होंने सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि वे 23 फरवरी को प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे के बीच अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर पहुँचकर निर्भीक एवं निष्पक्ष वातावरण में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।उपायुक्त ने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं से लोकतांत्रिक उत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकाधिक मतदान ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।1
- विक्रम शिला फाउंडेशन कि ओर से नन्हे कदम पुस्तक आवश्यक सामग्री एवं बच्चों के डेली रूटीन सिलेबस का किया गया प्रशिक्षण। चैनपुर गुमला झारखंड संवाददाता कुलदीप कुमार कि रिपोर्ट। गुमला। उपायुक्त महोदया प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिले की 500 आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) के क्षेत्र में सशक्त बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन से यह कार्यक्रम विक्रमशिला एजूकेशन रिसोर्स सोसायटी के माध्यम से संचालित किया गया। जिसमें जिला समन्वयक पिंटू कुमार दस के द्वारा चैनपुर प्रखंड में 16 से 18 फरवरी तक 40 आंगनबाड़ी सेविकाओं को तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र में मुख्य प्रशिक्षक एवं जिला समन्वयक पिंटू दास तथा सहायक प्रशिक्षक सुमन गोस्वामी एवं प्रशांत कुमार महतो द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को “नन्हे कदम” पुस्तक एवं आवश्यक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) भी उपलब्ध कराई गई। इस पहल का उद्देश्य सेविकाओं की दक्षता बढ़ाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु बेहतर देखभाल व सीखने का अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना है। वहीं बताया गया कि क्षेत्र में अभी 140 आंगनबाड़ी केंद्र है जिसमें नन्हे कदम बुक में दिया गया वर्ष भर का डेली रूटीन दिया गया है जिसके आधार से आंगनबाड़ी के शिशूओं को पढ़ाया सिखाया जाएगा जिसमें कठिनाई होनें पर नन्हे कदम का सहायक हैंडबुक का सहारा लेकर बच्चों को पढ़ाया सिखाया जाएगा जिसमें गित दोह शिक्षा संस्कार रहन सहन से लेकर खेल और गित तक सिखाया जाएगा।4