बालाघाट के वारासिवनी में चंदन नदी में डूबे 11 वर्षीय बालक सूर्यांश देशमुख का शव सोमवार सुबह घटना स्थल से करीब 300 मीटर दूर नदी किनारे बरामद किया गया है। रविवार की शाम करीब 4 बजे वार्ड क्रमांक 13 निवासी सूर्यांश अपने दोस्तों पार्थ देशमुख, भानु देशमुख, अनोख देशमुख और साहिल के साथ वार्ड क्रमांक 14 की पुरानी सड़क स्थित चंदन नदी में नहाने गया था। नहाते समय गहराई और तेज बहाव की चपेट में आने से सूर्यांश नदी के बीच में जाकर डूब गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य चारों दोस्तों ने एक-दूसरे का सहारा लेकर किसी तरह अपनी जान बचाई। बच्चों द्वारा परिजनों को घटना की जानकारी देर से दिए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल ही एसडीआरएफ बालाघाट की टीम को मौके पर बुलाया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण रविवार रात को रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। सोमवार सुबह करीब 6 बजे परिजनों और पड़ोसियों द्वारा दोबारा खोजबीन शुरू करने पर नदी किनारे सूर्यांश का शव दिखाई दिया, जिससे पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदन नदी में लगातार हो रहे रेत खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने नदी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी वार्ड क्रमांक 12 के एक बालक की इसी नदी में डूबने से मौत हो गई थी, जिसका शव आज तक बरामद नहीं हो सका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने नदी की सुरक्षा व्यवस्था और रेत खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बालाघाट के वारासिवनी में चंदन नदी में डूबे 11 वर्षीय बालक सूर्यांश देशमुख का शव सोमवार सुबह घटना स्थल से करीब 300 मीटर दूर नदी किनारे बरामद किया गया है। रविवार की शाम करीब 4 बजे वार्ड क्रमांक 13 निवासी सूर्यांश अपने दोस्तों पार्थ देशमुख, भानु देशमुख, अनोख देशमुख और साहिल के साथ वार्ड क्रमांक 14 की पुरानी सड़क स्थित चंदन नदी में नहाने गया था। नहाते समय गहराई और तेज बहाव की चपेट में आने से सूर्यांश नदी के बीच में जाकर डूब गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य चारों दोस्तों ने एक-दूसरे का सहारा लेकर किसी तरह अपनी जान बचाई। बच्चों द्वारा परिजनों को घटना की जानकारी देर से दिए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल ही एसडीआरएफ बालाघाट की टीम को मौके पर बुलाया था, लेकिन अंधेरा होने के कारण रविवार रात को रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। सोमवार सुबह करीब 6 बजे परिजनों और पड़ोसियों द्वारा दोबारा खोजबीन शुरू करने पर नदी किनारे सूर्यांश का शव दिखाई दिया, जिससे पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि चंदन नदी में लगातार हो रहे रेत खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो इस तरह की दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने नदी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी वार्ड क्रमांक 12 के एक बालक की इसी नदी में डूबने से मौत हो गई थी, जिसका शव आज तक बरामद नहीं हो सका है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने नदी की सुरक्षा व्यवस्था और रेत खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के कटंगी अंतर्गत नांदी में मानव धर्म आंदोलन का नौवाँ मासिक हवन संपन्न हुआ है। इस आयोजन के दौरान आध्यात्मिक जागृति फैलाने और सामाजिक सुधार लाने के संकल्पों पर विशेष जोर दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के कुरई अंतर्गत मोहगांव सड़क पर एनएचआई (NHI) द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत कुल 43 दुकानों को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।2
- सिवनी में बेरढाना नाला उफनाने के कारण एक घंटे तक आवागमन थम गया। इस घटना के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों ने यहाँ पुल निर्माण कराने की मांग उठाई है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी पुलिस कप्तान श्री कृष्ण लाल चंदानी जी के करकमलों से सब इंस्पेक्टर की पदोन्नति के क्रम में दो स्टार को तीन स्टार किया गया है। इसी कड़ी में धनोरा थाना में पदस्थ सब इंस्पेक्टर (SI) मनीष बंसोड़ को पदोन्नत कर थ्री स्टार दिया गया है। मनीष बंसोड़ के तीन फूल वाले दरोगा जी बनने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर धनोरा जनपद सदस्य, जनपद के कर्मचारियों, अधिकारियों और आम जनता द्वारा उन्हें पुष्प गुच्छ, शाल और श्रीफल भेंट कर उनके अच्छे कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।1
- मध्य प्रदेश के मंडला में एक रेलवे ओवरब्रिज पर करंट लगने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी थी, जिसके कारण मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी।1
- मध्य प्रदेश के कटंगी अंतर्गत चिरचिरा गांव का एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां सड़क न होने की वजह से कीचड़ के बीच से अंतिम यात्रा निकालने को मजबूर होना पड़ा। गांव के इस दर्द को बयां करते हुए सीधा सवाल उठाया गया है कि अगर यहां सड़क ही नहीं है, तो आखिर एंबुलेंस कैसे आएगी?1
- सिवनी जिले में लगातार मानसून सक्रिय बना हुआ है। भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय द्वारा जारी दैनिक वर्षा प्रतिवेदन के अनुसार, 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक जिले में 355.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, अकेले 20 जुलाई को जिले में 35.4 मिमी औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई। 20 जुलाई को जिले की बरघाट तहसील में सर्वाधिक 80.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लखनादौन में 59.4 मिमी, कुरई में 53.0 मिमी, सिवनी में 49.4 मिमी, छपारा में 25.3 मिमी, धनौरा में 13.5 मिमी तथा केवलारी में 2.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि घंसौर में इस दिन कोई वर्षा नहीं हुई। संचयी वर्षा के आंकड़ों के मुताबिक, बरघाट 530.1 मिमी बारिश के साथ जिले में सबसे आगे बना हुआ है। इसके बाद सिवनी में 426.4 मिमी, लखनादौन में 406.4 मिमी, केवलारी में 381.2 मिमी, कुरई में 347.0 मिमी, छपारा में 296.4 मिमी, धनौरा में 254.0 मिमी तथा घंसौर में 204.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। अब तक जिले में कुल 2847.2 मिमी संचयी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 20 जुलाई 2025 तक जिले में 608.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जो इस वर्ष की अब तक हुई वर्षा से अधिक है।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी में एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया, जहां साइकिल से जा रहा एक मासूम बच्चा अचानक संतुलन बिगड़ने की वजह से सड़क पर गिर पड़ा। ठीक उसी वक्त सामने से एक ट्रैक्टर आ रहा था और बच्चा उसके पहिए के नीचे आने से बाल-बाल बच गया। महज एक सेकंड की देरी और किस्मत के साथ ने मासूम की जान बचा ली। यह पूरी घटना पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके तुरंत बाद वहां मौजूद राहगीरों ने बच्चे को सुरक्षित उठा लिया।1