डीग में 24 जून, बुधवार को पंचायत समिति सभागार में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार, दुरुपयोग और मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, मेडिकल स्टोरों की नियमित चेकिंग करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि हाल ही में एक निरीक्षण में एक मेडिकल शॉप पर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन और नियमों के विरुद्ध टैबलेट प्रेगाबालिन 300 एमजी पाई गई थी। इस लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित टीम को निर्देश दिए कि भविष्य में भी ऐसी अवैध और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाली दुकानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पिछली समीक्षा बैठक के बाद से अब तक क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों के 20 से अधिक सघन निरीक्षण हो चुके हैं, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों पर अंकुश लगा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने सभी उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों और कार्मिकों को समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा, मेडिकल विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जैसे विभिन्न विभागों को नशे के विरुद्ध आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शपथ, रैली, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता और कार्यशाला जैसे विभिन्न गतिविधियों के नियमित आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना, सीडीपीओ योगिता शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
डीग में 24 जून, बुधवार को पंचायत समिति सभागार में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार, दुरुपयोग और मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, मेडिकल स्टोरों की नियमित चेकिंग करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर
रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि हाल ही में एक निरीक्षण में एक मेडिकल शॉप पर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन और नियमों के विरुद्ध टैबलेट प्रेगाबालिन 300 एमजी पाई गई थी। इस लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित टीम को निर्देश दिए कि भविष्य में भी ऐसी अवैध और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री
करने वाली दुकानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पिछली समीक्षा बैठक के बाद से अब तक क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों के 20 से अधिक सघन निरीक्षण हो चुके हैं, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों पर अंकुश लगा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने सभी उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों और कार्मिकों को समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने शिक्षा विभाग, कॉलेज
शिक्षा, मेडिकल विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जैसे विभिन्न विभागों को नशे के विरुद्ध आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शपथ, रैली, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता और कार्यशाला जैसे विभिन्न गतिविधियों के नियमित आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना, सीडीपीओ योगिता शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
- डीग में 24 जून, बुधवार को पंचायत समिति सभागार में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार, दुरुपयोग और मादक पदार्थों की रोकथाम के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों को दवाओं के अवैध क्रय-विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण लगाने, मेडिकल स्टोरों की नियमित चेकिंग करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि हाल ही में एक निरीक्षण में एक मेडिकल शॉप पर बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन और नियमों के विरुद्ध टैबलेट प्रेगाबालिन 300 एमजी पाई गई थी। इस लापरवाही और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित मेडिकल स्टोर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। इस पर जिला कलेक्टर ने संबंधित टीम को निर्देश दिए कि भविष्य में भी ऐसी अवैध और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री करने वाली दुकानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरंतर कार्रवाई की जाए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पिछली समीक्षा बैठक के बाद से अब तक क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों के 20 से अधिक सघन निरीक्षण हो चुके हैं, जिससे अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों पर अंकुश लगा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने सभी उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों और कार्मिकों को समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलवाई। उन्होंने शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा, मेडिकल विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग जैसे विभिन्न विभागों को नशे के विरुद्ध आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शपथ, रैली, चित्रकला, निबंध प्रतियोगिता और कार्यशाला जैसे विभिन्न गतिविधियों के नियमित आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अखिलेश शर्मा, जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना, सीडीपीओ योगिता शर्मा सहित अन्य विभागों के अधिकारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।4
- भरतपुर के बुढ़ा नंबर 14 निवासी शुभम सैनी ने अपनी गली की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, जहाँ सड़क पर पानी भरा हुआ है। सैनी के अनुसार, इस समस्या के समाधान के लिए न तो कोई स्थानीय सदस्य सुनवाई कर रहा है और न ही कोई चेयरमैन ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर साहब को भी एक आवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। अपनी शिकायत को उजागर करने के उद्देश्य से, शुभम सैनी अब अपनी गली का वीडियो इस ऐप पर साझा कर रहे हैं ताकि सड़क की वर्तमान स्थिति दिखाई जा सके।1
- राजस्थान के पाली जिले के रोहट थाना क्षेत्र के बागड़िया गांव से मानवता को झकझोर देने वाला एक क्रूर मामला सामने आया है, जहाँ अपने ससुराल आए एक युवक और उसके दोस्त को ग्रामीणों ने महज शक के आधार पर चोर समझ लिया। इसके बाद दोनों को रातभर रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। अगली सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों पीड़ितों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अपने एक दोस्त के साथ देर शाम बागड़िया गांव स्थित अपने ससुराल आया था। रात के समय जब दोनों युवक गांव में किसी काम से बाहर निकले या घूम रहे थे, तभी कुछ ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। बाहरी युवक होने के कारण ग्रामीणों को उन पर शक हो गया। बिना किसी सच्चाई को जाने या उनसे पूछताछ किए, ग्रामीणों ने आपा खो दिया और दोनों को पकड़कर रस्सियों से बांध दिया। पूरी रात उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जबकि युवक चिल्लाते रहे, खुद को बेकसूर बताते रहे और अपने ससुराल का हवाला देते रहे, लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार था। घटना की भनक जब अगली सुबह पुलिस और पीड़ित के परिजनों को लगी, तो रोहट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में दोनों युवकों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। पुलिस ने दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। घटना के बाद पीड़ित के परिजनों में भारी आक्रोश है, जिनकी तहरीर पर पुलिस ने कानून हाथ में लेने वाले 14 ग्रामीणों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। दूसरी ओर, ग्रामीणों का तर्क है कि बागड़िया गांव में पिछले दो महीनों से लगातार चोरियों की वारदातें हो रही थीं, जिससे पूरा गांव परेशान और मुस्तैद था। रात में अजनबी युवकों को देखकर उन्हें चोर होने का अंदेशा हुआ, जिसके चलते उन्होंने उन्हें रोका और "पूछताछ" की। हालाँकि, पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों का यह तर्क रातभर बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पीटने के कृत्य को कतई सही नहीं ठहराता। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है; यदि कोई संदिग्ध लगा था, तो ग्रामीणों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। पुलिस के अनुसार, बंधक बनाकर मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है, 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।1
- मथुरा जिले की छाता तहसील में तहसीलदार सचिन पवार, पुलिस बल और प्रशासन की टीम के साथ, जाटव समाज के लोगों को उनका कब्जा दिलाने के लिए मौके पर पहुँचे।1
- मथुरा जनपद की गोवर्धन तहसील के मौजा मगोर्रा स्थित नगला लठाकुरी क्षेत्र में एक सरकारी तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी बहादुर सिंह ने गोवर्धन के तहसीलदार महोदय को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता बहादुर सिंह ने आरोप लगाया है कि मौजा मगोर्रा के खसरा संख्या 841 पर स्थित सरकारी तालाब की भूमि पर इन दिनों अवैध निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने प्रार्थना पत्र में यह भी दावा किया है कि तहसील के पटवारी ने इस मामले में गलत आख्या (रिपोर्ट) पेश की है, जिससे अवैध निर्माण करने वालों को बढ़ावा मिल रहा है और वे धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर रहे हैं। बहादुर सिंह और ग्रामीणों ने तहसीलदार से गुहार लगाई है कि सरकारी तालाब की भूमि पर हो रहे इस अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाया जाए। इसके साथ ही, गलत रिपोर्ट पेश करने वाले तहसील कर्मियों के खिलाफ भी उचित और दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों, जिनमें S.H.O. मगोर्रा और लेखपाल शामिल हैं, को तत्काल मौके पर जाकर शांति-व्यवस्था बनाए रखने, अवैध निर्माण को रोकने और मामले की सही जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।1
- भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और उत्तर प्रदेश शासन के नगरीय विकास विभाग के मार्गदर्शन में, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सफल 6 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज मथुरा-वृंदावन नगर निगम के सभागार, जनरल गंज मथुरा में एक भव्य "स्वनिधि महोत्सव" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विधायक बल्देव पूरन प्रकाश जी ने किया, जिन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संचालित यह योजना देश के लाखों रेहड़ी, पटरी और पथ विक्रेताओं के लिए वरदान सिद्ध हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजना ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। इस महोत्सव के दौरान, शहरी पथ विक्रेताओं को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत नवीन ऋण आवेदन, ऋण स्वीकृति, ऋण वितरण, क्रेडिट कार्ड आवेदन और क्रेडिट कार्ड वितरण जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं। परियोजना अधिकारी डूडा राजकुमार चौधरी ने बताया कि भारत सरकार की इस योजना के माध्यम से पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी ऋण, डिजिटल लेन-देन पर कैशबैक, समय पर ऋण अदायगी पर ब्याज अनुदान, और क्रमशः अधिक राशि के ऋण की सुविधा मिल रही है। उन्होंने आगे बताया कि इस योजना से हजारों परिवारों की आजीविका सुदृढ़ हुई है, जिससे वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय रूप से सहभागी बन रहे हैं। कार्यक्रम में यह भी उजागर किया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के कारण शहरी गरीबों, स्ट्रीट वेंडरों और लघु उद्यमियों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को आज देश में वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार संवर्धन का एक सफल मॉडल बताया गया। उपस्थित अधिकारियों ने लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ उठाने और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन में जनप्रतिनिधिगण, परियोजना अधिकारी डूडा राजकुमार चौधरी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, चिकित्सा विभाग, श्रम विभाग, समस्त बैंक कर्मचारी, नगर निगम मथुरा-वृंदावन तथा जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के कर्मचारी, एवं बड़ी संख्या में पथ विक्रेताओं ने सहभागिता की।3
- डीग में बुधवार, 24 जून को जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंघल सहित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, एएनसी रजिस्ट्रेशन, इम्यूनाइजेशन तथा एचपीवी वैक्सीनेशन सहित चिकित्सा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों और स्वास्थ्य संकेतकों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की उपयोगिता पर विशेष जोर देते हुए सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिविरों का पूर्ण सदुपयोग करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत निर्धारित विभागीय लक्ष्यों को आगामी 15 जुलाई तक पूरा किया जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने चिकित्सकों को अपनी कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार के काम को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। आगामी मानसून सत्र को देखते हुए, कलेक्टर ने चिकित्सा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु में सर्पदंश की आशंका के चलते सभी चिकित्सा केंद्रों पर एंटी-वेनम की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए। जल भराव की समस्या के कारण पनपने वाले मच्छरों और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए वृहद स्तर पर डिफॉगिंग करवाने और दवाई का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए, खासकर कुम्हेर क्षेत्र में सघन डिफॉगिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, जहाँ जल भराव की समस्या रहती है। इसके अतिरिक्त, चिकित्सालय परिसरों में विद्युत हादसों को रोकने हेतु लूज वायरिंग तुरंत दुरुस्त करने तथा करंट आने जैसी संभावित स्थितियों की प्रभावी रोकथाम के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी जारी किए गए। समीक्षा के दौरान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रमों में कुम्हेर ब्लॉक की कम प्रगति पाए जाने पर जिला कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार करते हुए स्वास्थ्य संकेतकों में तत्काल प्रगति लाने के लिए पाबंद किया।4
- मथुरा के थाना गोवर्धन क्षेत्र के एक मोहल्ले में नाली विवाद की जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम के वापस लौटने के बाद एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पत्रकार राजेश लवानिया को धमकी दिए जाने का आरोप है। पुलिस टीम नाली विवाद की शिकायत पर मौके पर जांच करने पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद, राधाकुण्ड रोड नियर होटल गोविन्द सिँह चौधरी के पीछे रहने वाले धर्मेन्द्र शर्मा पुत्र रामगोपाल उर्फ़ लाला, जिन्हें धर्मेन्द्र केशुरिया उर्फ़ धर्मेन्द्र शर्मा भी कहा जाता है, ने पत्रकार राजेश लवानिया को आपत्ति जताते हुए धमकाया। वायरल वीडियो के कथित ऑडियो में धर्मेन्द्र शर्मा को यह कहते सुना जा सकता है, "अरे साले कुल्हाड़ी से तेरे पैरों को काट दूंगा"। आरोप है कि मौके पर मौजूद पत्रकार राजेश लवानिया को यह धमकी दी गई, साथ ही पुलिस में शिकायत करने पर अंजाम भुगतने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है, और कथित ऑडियो में 'कुल्हाड़ी' शब्द का प्रयोग साफ सुना जा सकता है। थाना गोवर्धन पुलिस ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। थाना प्रभारी गोवर्धन ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है, और पत्रकार की ओर से शिकायत मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1