छत्तीसगढ़ बनने का मुख्य इतिहास और संघर्ष: शुरुआत और विकास: जब यह राज्य बना, तब इसमें 16 जिले शामिल थे और रायपुर को इसकी राजधानी बनाया गया था। समय के साथ पुनर्गठन होते-होते वर्तमान में इसमें 33 जिले हैं। • प्रशासनिक शुरुआत: 1861 में मध्य प्रांत (Central Provinces) का गठन हुआ था, और 1862 में छत्तीसगढ़ को एक अलग संभाग (Division) बनाया गया था। • मांग की शुरुआत: 1924 में रायपुर जिला परिषद में सबसे पहले पृथक छत्तीसगढ़ की मांग उठी। इसके बाद 1939 के कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में पंडित सुंदरलाल शर्मा ने भी इस मांग को उठाया।• संगठन और प्रयास: 1946 में ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने 'छत्तीसगढ़ शोषण विरोधी मंच' बनाया। 1956 में डॉ. खूबचंद बघेल की अध्यक्षता में 'छत्तीसगढ़ महासभा' का गठन हुआ।• मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000: अगस्त 2000 में संसद द्वारा मध्यप्रदेशपुनर्गठनअधिनियम पारित किया गया, जिसे राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिला।
छत्तीसगढ़ बनने का मुख्य इतिहास और संघर्ष: शुरुआत और विकास: जब यह राज्य बना, तब इसमें 16 जिले शामिल थे और रायपुर को इसकी राजधानी बनाया गया था। समय के साथ पुनर्गठन होते-होते वर्तमान में इसमें 33 जिले हैं। • प्रशासनिक शुरुआत: 1861 में मध्य प्रांत (Central Provinces) का गठन हुआ था, और 1862 में छत्तीसगढ़ को एक अलग संभाग (Division) बनाया गया था। • मांग की शुरुआत: 1924 में रायपुर जिला परिषद में सबसे पहले पृथक छत्तीसगढ़ की मांग उठी। इसके बाद 1939 के कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में पंडित सुंदरलाल शर्मा ने भी इस मांग को उठाया।• संगठन और प्रयास: 1946 में ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने 'छत्तीसगढ़ शोषण विरोधी मंच' बनाया। 1956 में डॉ. खूबचंद बघेल की अध्यक्षता में 'छत्तीसगढ़ महासभा' का गठन हुआ।• मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000: अगस्त 2000 में संसद द्वारा मध्यप्रदेशपुनर्गठनअधिनियम पारित किया गया, जिसे राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिला।
- ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार छत्तीसगढ़ को 36 किलों या 'गढ़ों' के आधार पर यह नाम मिला है,आईए जानते हैं ।1
- रायपुर बिरगाँव मे बच्चा चोरी करने वाली को आज लोगो ने रेंज हाथ पकड़ा रायपुर बिरगाँव मे बच्चा चोरी करने वाली को आज लोगो ने रेंज हाथ पकड़ा1
- ye dekhiye sarab piker notanki Kar raha hai yeh sab ab kaise kare|| please subscribe 🙏1
- विद्युत सब स्टेशन धनोरा@#जानिए किन-किन गांव में 2 नवंबर को विद्युत की सप्लाई नहीं हो पाएगी लाइनमैन रूपेश ठाकुर ने बताया कि 2 नवंबर को मेंटेनेंस कार्य के चलते ग्राम धनोरा सहित बटालियन, छेड़िया, भरदा, तार्री, बगदई, धोबनपुरी, रमतरा, घोघोपुरी, पेवरो, नाहंदा, कोसमी, टेंगना बरपारा, खैरवाही और कपरमेटा मे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे विद्युत की सप्लाई बंद रहेगी। विभाग द्वारा मेंटेनेंस कार्य के माध्यम से विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा संभावित तकनीकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि दीपावली पर्व के दौरान उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा मिल सके। विद्युत सप्लाई बंद रहने से संबंधित क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओ, व्यापारियो एवं अन्य लोगो को असुविधा हो सकती है, ऐसे मे उपभोक्ताओ से अपील की जाती है कि वे निर्धारित समय को ध्यान मे रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही पूरे कर ले और बिजली से संबंधित जरूरी तैयारियां कर ले।1
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- वन सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए वनरक्षक विशाल आसटकर भोपाल में सम्मानित वन सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए लांजी के वनरक्षक विशाल आसटकर भोपाल में सम्मानित वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के क्षेत्र में समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले दक्षिण सामान्य वन मंडल बालाघाट के अंतर्गत पश्चिम लांजी सामान्य परिक्षेत्र में पदस्थ वनरक्षक विशाल आसटकर को उनके उल्लेखनीय सेवाकार्यों के लिए प्रदेश स्तर पर सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित वन मुख्यालय वन भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से लांजी क्षेत्र सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हर्ष का माहौल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार वनरक्षक विशाल आसटकर वर्तमान में बीटगार्ड पीपलगांव के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान वन्यप्राणियों की सुरक्षा, वन्यजीवों के बचाव तथा वन अपराधों की रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति उनकी सक्रियता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ किए गए कार्यों को देखते हुए विभाग द्वारा उनके उत्कृष्ट सेवाकार्यों को सम्मान के लिए चुना गया। अलंकरण समारोह में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य सम्माननीय अतिथियों की प्रमुख मौजूदगी रही।1
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- छत्तीसगढ़ बनने का मुख्य इतिहास और संघर्ष: शुरुआत और विकास: जब यह राज्य बना, तब इसमें 16 जिले शामिल थे और रायपुर को इसकी राजधानी बनाया गया था। समय के साथ पुनर्गठन होते-होते वर्तमान में इसमें 33 जिले हैं। • प्रशासनिक शुरुआत: 1861 में मध्य प्रांत (Central Provinces) का गठन हुआ था, और 1862 में छत्तीसगढ़ को एक अलग संभाग (Division) बनाया गया था। • मांग की शुरुआत: 1924 में रायपुर जिला परिषद में सबसे पहले पृथक छत्तीसगढ़ की मांग उठी। इसके बाद 1939 के कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में पंडित सुंदरलाल शर्मा ने भी इस मांग को उठाया।• संगठन और प्रयास: 1946 में ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने 'छत्तीसगढ़ शोषण विरोधी मंच' बनाया। 1956 में डॉ. खूबचंद बघेल की अध्यक्षता में 'छत्तीसगढ़ महासभा' का गठन हुआ।• मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000: अगस्त 2000 में संसद द्वारा मध्यप्रदेशपुनर्गठनअधिनियम पारित किया गया, जिसे राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिला।1